लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में साेमवार काे लोकभवन में आयोजित कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में प्रदेश के त्रिस्तरीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) आरक्षण के निर्धारण के लिए “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” के गठन को मंजूरी दे दी है। यह आयोग पंचायत चुनावों में पिछड़े वर्गों को आरक्षण देने के लिए उनके सामाजिक और राजनीतिक पिछड़ेपन की स्थिति की जांच करेगा। कैबिनेट बैठक में कुल 12 प्रस्ताव प्रस्तुत किए गए और सभी को स्वीकृत कर लिया गया।
कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में लिए गए फैसलों की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के अनुपालन में प्रदेश सरकार ने त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को आरक्षण देने के लिए “उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग” के गठन को मंजूरी दे दी है। आयोग प्रदेश में पिछड़े वर्गों की स्थिति, उनकी जनसंख्या, सामाजिक प्रतिनिधित्व और पंचायतों में भागीदारी का समकालीन एवं अनुभवजन्य अध्ययन करेगा तथा निकायवार आनुपातिक आरक्षण निर्धारित करने के लिए अपनी संस्तुतियां देगा।
वित्त मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम, 1947 तथा उत्तर प्रदेश क्षेत्र पंचायत एवं जिला पंचायत अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के तहत पंचायतों में आरक्षण की व्यवस्था लागू है। पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण कुल पदों के 27 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा और यदि जनसंख्या के अद्यतन आंकड़े उपलब्ध नहीं होंगे तो सर्वेक्षण के माध्यम से आंकड़े निर्धारित किए जा सकेंगे। आयोग के गठन को कैबिनेट ने मंजूरी दी है तथा आयोग का कार्यकाल सामान्य रूप से छह माह का होगा। आयोग प्रदेश की ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों और जिला पंचायतों में ओबीसी वर्ग के लिए आरक्षण तय करने के उद्देश्य से आंकड़ों का अध्ययन करेगा और निकायवार आनुपातिक आरक्षण की संस्तुति देगा। इसके आधार पर आगामी पंचायत चुनावों में आरक्षण व्यवस्था लागू की जाएगी।
कैबिनेट (Cabinet Meeting) के निर्णय के अनुसार आयोग में कुल पांच सदस्य होंगे, जिन्हें राज्य सरकार नामित करेगी। इनमें एक सदस्य उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश होंगे, जिन्हें आयोग का अध्यक्ष बनाया जाएगा। आयोग में ऐसे व्यक्तियों को शामिल किया जाएगा, जिन्हें पिछड़े वर्गों से जुड़े मामलों का ज्ञान व अनुभव हो।
सरकार ने स्पष्ट किया कि संविधान के अनुच्छेद 243-घ तथा संबंधित अधिनियमों की धाराओं के तहत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्गों के लिए पंचायतों में आरक्षण का प्रावधान है। पिछड़े वर्गों के लिए आरक्षण कुल पदों के 27 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा। आयोग की रिपोर्ट के आधार पर पंचायतों में आरक्षण का अंतिम निर्धारण किया जाएगा।
याेगी कैबिनेट (Yogi Meeting) ने उत्तर प्रदेश में जनता काे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने के लिए याेगी कैबिनेट ने 3×800 मेगावाट क्षमता की नई तापीय ऊर्जा परियोजना काे भी मंजूरी दी है। राज्य की इस 2400 मेगावाट क्षमता वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर लगभग 38,358 करोड़ रुपये लागत आएगी। इस परियोजना को प्रदेश सरकार एवं एनटीपीसी के संयुक्त उपक्रम के माध्यम से मीरजापुर में स्थापित हाेगी और संचालित किया जाएगा।
लोहिया संस्थान में बनेगा 1010 बेड का अत्याधुनिक इमरजेंसी सेंटर
कैबिनेट बैठक (Cabinet Meeting) में डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के नवीन परिसर, शहीद पथ स्थित गोमती नगर विस्तार सेक्टर-7 में 1010 बेडेड मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर अस्पताल, नवीन ओपीडी ब्लॉक एवं टीचिंग ब्लॉक के निर्माण संबंधी परियोजना को भी मंजूरी दे दी है। वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए 855 करोड़ चार लाख 34 हजार रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के अंतर्गत अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त मल्टी स्पेशलिटी इमरजेंसी सेंटर अस्पताल का निर्माण किया जाएगा। इसमें कुल 1010 बेड हाेंगे। एक नया ओपीडी ब्लॉक भी बनाया जाएगा। परियोजना के अंतर्गत 200 सीटों की क्षमता वाला नया टीचिंग ब्लॉक विकसित किया जाएगा।
लखनऊ मेट्रो फेज-1बी के लिए त्रिपक्षीय एमओयू को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में लखनऊ मेट्रो परियोजना फेज-1बी ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर (चारबाग से वसंतकुंज) के लिए केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लि. के मध्य त्रिपक्षीय मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) के निष्पादन को मंजूरी दे दी गई।
वित्त मंत्री खन्ना ने बताया कि इस परियोजना की डीपीआर को पहले ही कैबिनेट में अनुमोदित किया जा चुका था। अब 5801.05 करोड़ रुपये की अनुमोदित लागत पर सहमति दी गई है। परियोजना में केंद्र सरकार और राज्य सरकार की 50-50 प्रतिशत भागीदारी होगी। चारबाग से वसंतकुंज तक बनने वाला यह ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर राजधानी लखनऊ में यातायात व्यवस्था को और सुदृढ़ करेगा तथा नागरिकों को आधुनिक और सुगम सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध कराएगा।
उन्हाेंने बताया कि कैबिनेट बैठक में पशु चिकित्सा के छात्रों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा देने काे भी मंजूरी दी है। इसके वेटरनरी छात्रों कोे इंटर्नशिप भत्ता चार हजार से बढ़ाकर 12 हजार रुपये किया गया। इसके अलावा मीरजापुर पूलिंग उपकेंद्र निर्माण प्रस्ताव और ट्रांसमिशन लाइन निर्माण प्रस्ताव पर भी कैबिनेट की मुहर लग गई है। उन्हाेंने बताया कि इसके साथ ही यूपी जन्म-मृत्यु पंजीकरण नियमावली 2026 लागू करने, स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल के विस्तार काे भी मंजूरी मिली है।
राज्य के वित्त मंत्री ने बताया कि योगी कैबिनेट ने आगरा मेट्रो कॉरिडोर-2 के लिए भूमि हस्तांतरण के प्रस्ताव को मंजूर दी है। आगरा मेट्रो स्टेशन और वायाडक्ट निर्माण, प्रतिभूति संबंधी 2007 अधिसूचना में संशोधन करने, यूपी लोक सेवा आयोग संशोधन विनियम 2026 लागू करने और मीरजापुर में सरदार पटेल एपेक्स यूनिवर्सिटी बनाने के प्रस्ताव काे भी मंजूरी मिल गयी है।

