कोरोना वैक्सीन को मुफ्त करने का फैसला राज्य सरकारों पर 

1376 0

केंद्र ने बजट में कोरोना वैक्सीनेशन  के लिए 35 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। कोरोना वैक्सीन लोगों को मुफ्त या रियायती दरों पर देने का फैसला राज्य सरकारों को देना होगा।  देश के 2 राज्यों बिहार और केरल में वैक्सीन मुफ्त देने की घोषणा हो चुकी है, हालांकि केंद्र सरकार के पास इसका कोई प्रस्ताव नहीं भेजा गया है।

ई-कैबिनेट के ज़रिये ‘मिनिमम गवर्नमेण्ट, मैक्सिमम गवर्नेन्स’ 

राज्यसभा में मंगलवार को केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने बताया पहले चरण में सभी राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को वैक्सीन की 2.28 करोड़ खुराक निशुल्क उपलब्ध कराई गई है। इनका इस्तेमाल स्वास्थ्य व अगले मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों के लिए किया जा रहा है। 1 फरवरी तक देश में 39.50 लाख लोगों को निशुल्क वैक्सीन दी जा चुकी है । अभी तक किसी राज्य ने मुफ्त वैक्सीन देने की जानकारी केंद्र से साझा नहीं की है।

उधर, केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि बजट में आवंटित राशि का इस्तेमाल वैक्सीन  खरीदने में किया जाएगा। केंद्र और राज्य से 60:40 के अनुपात में खर्च कर सकती है। गौरतलब है कि स्वास्थ्य क्षेत्र राज्य की सूची में आता है इसलिए आगे की रणनीति इसी पर निर्भर होगी।
केंद्रीय स्वास्थ्य राज्यमंत्री अश्विनी चौबे के मुताबिक, देश में पिछले चार महीने से कोविड-19 के मामलों में गिरावट देखने को मिली है। देश में स्वस्थ होने की दर 96.94 फीसदी है और मृत्युदर 1.44 फीसदी है। अपने समान परिस्थितियों वाले देशों की तुलना में भारत में प्रति दस लाख की आबादी पर संक्रमण और मौत के मामले सबसे कम हैं। भारत में प्रति दस लाख की आबादी पर 7778 संक्रमण मामले और 112 मौत हुई हैं।

रिलायंस जियो दिग्गज कंपनियों को पछाड़ बना दुनिया का पांचवां स्ट्रॉंगेस्ट ब्रांड

राज्यों से जानकारी मिलने के बाद केंद्र सरकार ने कोविड-19 से अपनी जान गंवाने वाले कोरोना योद्धाओं का ब्योरा तैयार किया है। मृतकों के परिजनों को आर्थिक मदद दी गई है। गौरतलब है कि 30 जनवरी, 2020 को देश में कोरोना का पहला मरीज मिला था और 24 मार्च को जनता कर्फ्यू लागू कर दिया गया। तब तक मामले कम थे, लेकिन लॉकडाउन के दौरान संक्रमित होने के मामले बढ़ने लगे, जिससे चिकित्सा क्षेत्र से जुड़े लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हुए। अब तक देश में पांच हजार से ज्यादा डॉक्टर कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। जबकि नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की संख्या हजारों में हैं। अकेले दिल्ली एम्स में ही 2300 से अधिक स्वास्थ्य कर्मी संक्रमित हुए और छह की मौत हुई।

 

Related Post

गैंगस्टरों की ज़मानत ठुकराने वाले जज को ऑटो ने मारी टक्कर, दिख रहा साजिशन मर्डर का एंगल

Posted by - July 29, 2021 0
झारखंडके धनबाद में जिला एवं अतिरिक्त न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत ने अब दिलचस्प मोड़ ले लिया है, CCTV में…
पुलिस को नहीं मिल पा रहा धनंजय का कोई सुराग

पुलिस को नहीं मिल पा रहा धनंजय का कोई सुराग

Posted by - April 5, 2021 0
पूर्व प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड में आरोपित पूर्व सांसद धनंजय सिंह की तलाश में लखनऊ पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। छापेमारी करने जा रही पुलिस टीम बैरंग वापस लौट रही हैं। शनिवार को जौनपुर में उसके कालीकुत्ती स्थित आवास व अन्य स्थानों पर छापेमारी की गयी  थी लेकिन उसके न मिलने पर पुलिस टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा था। इसके अलावा पुलिस टीमों ने राजधानी में धनंजय के करीबी लोगों के ठिकानों पर भी छापेमारी की है लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका है। मालूम हो कि सूबे की राजधानी लखनऊ में गत छह जनवरी को मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुठभेड़ में मारे जा चुके अजीत सिंह हत्याकांड के शूटरों में एक कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डाक्टर के बयान के आधार पर लखनऊ पुलिस ने धनंजय सिंह को साजिशकर्ता के तौर पर आरोपित किया था। पुलिस को चकमा देकर धनंजय सिंह ने पिछले महीने पुराने केस में एमपीएमएलए कोर्ट प्रयागराज में आत्मसमर्पण कर दिया था। नैनी सेंट्रल जेल से उसे फतेहगढ़ सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। महाराष्ट्र में कोरोना से हालात बेकाबू, सरकार का नाइट कर्फ्यू, वीकेंड लॉकडाउन का ऐलान जब तक लखनऊ पुलिस उसे अजीत हत्याकाण्ड में वारन्ट लेती तब तक गत 31 मार्च को एमपीएमएलए कोर्ट से जमानत मंजूर हो जाने पर वह गुपचुप तरीके से जेल से रिहा हो गया था। इसे लेकर लखनऊ पुलिस की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद से लखनऊ पुलिस अजीत हत्याकाण्ड में उसे आरोपी मानकर लगातार  छापेमारी कर रही है लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। इसी कड़ी में धनंजय सिंह की तलाश में शनिवार को जौनपुर गयी लखनऊ पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर उसके कालीकुत्ती स्थित आवास पर दबिश दी थी। वह घर पर नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश में जमैथा निवासी करीबी आशुतोष सिंह के दीवानी कचहरी रोड स्थित आवास पर भी छापेमारी की थी। पूर्व सांसद के गृह गांव सिकरारा थाना क्षेत्र के बनसफा गांव में भी दबिश दी गयी। मालूम हो कि शनिवार को धनजंय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी ने जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था।  
CORONA in UP

कोरोना ने तोड़े इस साल के सारे रिकॉर्ड, यूपी में 8,490 केस, 26 डॉक्टर-कर्मचारी भी पॉजिटिव

Posted by - April 8, 2021 0
लखनऊ। देशभर में कोरोना का खौफनाक मंजर फैला हुआ है। कोरोना ने पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ते हुए पूरे देश में…