Medical Devices Park

योगी सरकार के नेतृत्व में यूपी बना मेडटेक हब, यमुना एक्सप्रेसवे पर ₹587 करोड़ का निवेश

2 0

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में उत्तर प्रदेश को मेडिकल टेक्नोलॉजी का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। इन्वेस्ट यूपी की पहल पर यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) द्वारा मंगलवार को मेडिकल डिवाइसेज़ पार्क (Medical Devices Park) के अंतर्गत शुक्र फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड को 10 एकड़ भूमि का आशय पत्र (लेटर ऑफ इंटेंट) प्रदान किया गया। इस परियोजना के माध्यम से 900 से अधिक प्रत्यक्ष और लगभग 2000 अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। यह परियोजना उत्तर प्रदेश को उन्नत स्वास्थ्य नवाचार, ‘मेक इन इंडिया’ और रोजगार सृजन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाली मानी जा रही है।

मेडिकल डिवाइसेज़ पार्क (Medical Devices Park) में स्थापित होने वाली इस अत्याधुनिक इकाई में शुक्र फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड विश्व की सबसे उन्नत जीवनरक्षक चिकित्सा तकनीकों का निर्माण करेगी। इस परियोजना का एक प्रमुख आकर्षण बोरॉन न्यूट्रॉन कैप्चर थेरेपी (बीएनसीटी) तकनीक का उत्पादन है, जिसे जटिल व गंभीर स्थिति वाले कैंसर रोगों के उपचार के लिए अत्याधुनिक पद्धति माना जाता है। इससे भारत को वैश्विक स्वास्थ्य नवाचार की अग्रिम पंक्ति में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

इस संयंत्र में रेडियोलॉजी व इमेजिंग उपकरणों की व्यापक श्रृंखला का निर्माण किया जाएगा, जिनमें सीटी स्कैनर, एमआरआई, पीईटी स्कैन, एक्स-रे व अल्ट्रासोनोग्राफी मशीनें शामिल हैं। इसके साथ ही एनेस्थीसिया सिस्टम, आईसीयू व ऑपरेशन थियेटर के लिए आवश्यक रेस्पिरेटरी केयर समाधान भी विकसित किए जाएंगे, जिससे प्रदेश के साथ-साथ देशभर के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूती मिलेगी।

परियोजना के तहत हृदय संबंधी उन्नत इम्प्लांट्स जैसे हार्ट वाल्व, स्टेंट्स तथा लेफ्ट वेंट्रिकुलर असिस्ट डिवाइसेज (एलवीएडी) का निर्माण भी किया जाएगा, जो गंभीर हृदय रोगों से पीड़ित मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होंगे। इसके अतिरिक्त वेंटिलेटर व ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर जैसे रेस्पिरेटरी सपोर्ट उत्पादों के निर्माण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। इस मेडटेक पार्क का एक अन्य प्रमुख आयाम मेडिकल रोबोटिक सिस्टम्स का विकास है। इसके अंतर्गत सॉफ्ट टिश्यू सर्जिकल रोबोट्स, ऑर्थोपेडिक रोबोटिक सिस्टम्स (इम्प्लांट्स सहित), डेंटल रोबोटिक सिस्टम्स तथा न्यूरो-स्पाइन रोबोटिक सिस्टम्स विकसित किए जाएंगे, जो शल्य चिकित्सा में उच्च स्तर की सटीकता, सुरक्षा व नवाचार को बढ़ावा देंगे।

इसके साथ ही इस सुविधा में इन-विट्रो डायग्नोस्टिक (आईवीडी) समाधान जैसे पॉइंट-ऑफ-केयर टेस्टिंग डिवाइसेज और उन्नत एनालाइजर्स का उत्पादन किया जाएगा, जिससे रोगियों के लिए तेज, सटीक व किफ़ायती जांच संभव हो सकेगी। चिकित्सा शिक्षा व प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से डॉक्टरों, नर्सों और पैरा-मेडिकल कर्मियों के लिए अत्याधुनिक मेडिकल सिमुलेटर्स भी स्थापित किए जाएंगे, जिससे रोगी के जोखिम को कम करते हुए कौशल विकास को बढ़ावा मिलेगा। परियोजना के माध्यम से 2900 से अधिक प्रत्यक्ष/अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे। इनमें विनिर्माण, अनुसंधान एवं विकास, गुणवत्ता नियंत्रण, नियामक सेवाएं, बिक्री, विपणन व सहायक सेवाएं शामिल होंगी। परियोजना में स्थानीय युवाओं की भर्ती और कौशल विकास पर विशेष जोर दिया जाएगा, जिससे समावेशी विकास सुनिश्चित होगा।

आशय-पत्र सौंपे जाने के इस अवसर पर यीडा के सीईओ राकेश कुमार सिंह, एसीईओ शैलेंद्र भाटिया तथा शुक्र फ़ार्मास्यूटिकल्स लिमिटेड की ओर से डॉ. मिनाक्षी लाटे (ग्रुप सीईओ एंड ग्लोबल हेड), गौरव शोकीन (चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर), अनिल कुमार वर्मा (वाइस प्रेसिंडेट) और कामिनी भारती (बिजनेस यूनिट हेड) उपस्थित रहीं।

Related Post

KGBV

मिशन शक्ति: योगी सरकार बनाएगी 1.25 लाख परिषदीय बालिकाओं को वित्तीय साक्षर

Posted by - November 13, 2024 0
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने परिषदीय विद्यालयों (Council Schools) की 1.25 लाख बालिकाओं को वित्तीय साक्षरता से सशक्त…
CM Yogi

लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत बनाए रखने के लिए सभी स्तरों पर सक्रिय भागीदारी आवश्यक: योगी

Posted by - December 11, 2025 0
लखनऊ। मतदाता पुनरीक्षण अभियान (SIR) के प्रति जनता को जागरूक करने और अधिक से अधिक भागीदारी के लिए प्रोत्साहित करने…