CS Upadhyay

शीर्षतम अदालत के एक कोने में डरकर सहमी हुई है हिन्दी

648 0

अंग्रेजों के राजद्रोह कानून को आजादी के 75 साल बाद भी जारी रखने की देश की शीर्ष अदालत की चिंतातुरता और प्रश्नाकुलता स्वाभाविक है, होनी भी चाहिए। शीर्षतम अदालत में कामकाज की आजादी को लेकर कुछ वर्ष पहले सुप्रीम कोर्ट ( supereme court) के जजों का विरोध  ‘जिंदाबाद’ था, लेकिन शीर्ष अदालतों के कक्षों में हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं की अनुपस्थिति भी उतना ही बड़ा यक्ष प्रश्न है। मेरी अपील है कि संविधान के अनुच्छेद 348 में संशोधन की आवाज भी उन्हीं कक्षों से संसद तक पहुंचे।

यह त्वरित टिप्पणी है किशोरावस्था से सर्वोच्च न्यायालय एवं 25 उच्च न्यायालयों में हिन्दी एवं अन्य भारतीय भाषाओं (संविधान की अष्टम अनुसूची में उल्लेखित 22 भाषाएं जिनकी लिपि उपलब्ध है) में मुकदमों की कार्यवाही  संपादित किए जाने एवं फैसले भी पारित किए जाने हेतु संघर्षरत ‘हिंदी से न्याय’ इस देश व्यापी अभियान के नेतृत्व पुरुष चंद्रशेखर पं.भुवनेश्वर दयाल उपाध्याय की।

 

मैसूर के मेजर जनरल सेवानिवृत्त एस.जी. वोम्बटकेरे की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 15 जुलाई, 2021 को सुप्रीम कोर्ट ने आईपीसी की धारा 124 ए (देशद्रोह) की संवैधानिक वैधता पर सवाल उठाया था। कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि कि आजादी के 75 साल बाद भी अंग्रेजों के कानून की क्या जरूरत है? इस कानून का जारी रहना संविधान के कामकाज और व्यक्तियों की स्वतंत्रता के लिए एक गंभीर खतरा है। देश के मुख्य न्यायाधीश एन.वी.रमण की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ इस जनहित याचिका की सुनवाई अब दो हफ्ते बाद करेगी।

 

हिन्दी माध्यम से एलएलएम उत्तीर्ण करने वाले पहले भारतीय छात्र चंद्रशेखर उपाध्याय अपने एकल प्रयत्नों से इस अभियान को अंतिम द्वार तक ले आए हैं। मामला संसद के पटल तक पहुंच चुका है। मौजूदा सरकार अनुच्छेद 348 में संशोधन के मुद्दे से  अनजान नहीं है।

प्रधानमंत्री मोदी को चंद्रशेखर 2012 से अब तक सात पत्र लिख चुके हैं। फरवरी 2013 में उनकी मां श्रीमती पुष्पलता उपाध्याय ने मोदी को पत्र लिखा था। मोदी उस समय गुजरात के मुख्यमंत्री थे। मोदी ने समूचे 7 वर्ष 1 माह 15 दिन में चंद्रशेखर को 7 मिनट तक का समय नहीं दिया है। चंद्रशेखर का ‘हिन्दी से न्याय’ देशव्यापी अभियान देश की सरहदों को पार करता हुआ विदेशों, यहां तक कि अंग्रेजों की धरती तक पहुंच गया है लेकिन हिन्दी, हिन्दू और हिन्दुस्तान के नाम पर सिंहासन तक पहुंचने वालों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी है।

Related Post

CM Dhami

सीएम धामी ने की लोस उम्मीदवार माला राज्यलक्ष्मी के पक्ष में मतदान करने की अपील

Posted by - April 3, 2024 0
भटवाड़ी/ उत्तरकाशी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने बुधवार को गंगोत्री विधानसभा के भटवाड़ी पहुंचे और लोगों से टिहरी…
CM Yogi

“फियर जोन” से “फेथ जोन” में परिवर्तित हुआ है उत्तर प्रदेश” : मुख्यमंत्री

Posted by - February 16, 2026 0
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने राज्यपाल के अभिभाषण पर सोमवार को विधान परिषद में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा…
Actor Dev Raturi met CM Dhami

सीएम धामी से समाजसेवी, अभिनेता एवं होटल व्यवसायी देव रतूड़ी ने की शिष्टाचार भेंट

Posted by - November 27, 2025 0
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) से आज मुख्यमंत्री आवास में समाजसेवी, अभिनेता एवं होटल व्यवसायी देव रतूड़ी ने शिष्टाचार…
CIMAP Kisan Mela 2021

सीमैप किसान मेला 2021ः कोविड़-19 महामारी के समय औषधीय व सगंध पौधों की मांग बढ़ी

Posted by - January 31, 2021 0
लखनऊ । सीएसआईआर – केन्द्रीय औषधीय व सगंध पौधा संस्थान (CSIR-CIMAP) लखनऊ स्थित कैम्पस में रविवार 31 जनवरी को किसान…
CM Bhajan Lal

अन्तिम व्यक्ति तक सुनिश्चित किया जाए सुलभ एवं सस्ता इलाज: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

Posted by - November 19, 2024 0
जयपुर। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा (CM Bhajan Lal) ने प्रदेश की जनता को सस्ती, सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधाएं…