लगातार हो रहे सिरदर्द को न लें हल्के में, हो सकते हैं माइग्रेन शिकार

1031 0

लखनऊ डेस्क। ‘सिरदर्द’ एक बहुत ही आम समस्या है। यह सिरदर्द जब केवल आधे सिर में होता है तो इसे आधा सीसी या माइग्रेन कहते हैं। माइग्रेन सिर के केवल एक तरफ को प्रभावित करता है। दवाएं लेना माइग्रेन को कम दर्दनाक बना सकता है।

ये भी पढ़ें :-बड़ी बीमारियों से रहना चाहते दूर, तो समय-समय पर करवाए खून की जांच 

आपको बता दें माइग्रेन का दर्द इतना भयंकर होता है कि प्रायः व्यक्ति अपने पर नियंत्रण नहीं रख सकता। दैनिक कामकाज करते समय यदि आपके सिर में बार−बार हल्का सा भी दर्द होता है तो उसके प्रति सतर्क रहें क्योंकि हो सकता है आप भी माइग्रेन के शिकार बन रहे हों।

ये भी पढ़ें :-सेहत के लिए भी जरूरी पेडीक्योर, जानें इसके फायदे 

जानकारी के मुताबिक भारतीय महिलाएं इस बीमारी से ज्यादा पीडि़त हैं। 24 फीसदी पुरुषों की तुलना में 76 फीसदी महिलाएं माइग्रेनग्रस्त हैं। 18 से 29 के बीच के लगभग 35 फीसदी युवा पीडि़त हैं। लगभग 30 फीसदी मरीज क्रॉनिक स्थिति वाले हैं। माइग्रेनग्रस्त लोगों में से 70 फीसदी में मानसिक तनाव, 46 फीसदी में उपवास, 52 फीसदी में यात्रा, 44 फीसदी में नींद की गडबड़ी, 13 फीसदी में मासिक धर्म की अनियमितता, 10 फीसदी में मौसम का बदलाव दर्द का कारण बनते दिखाई दिए।

Related Post

पाक पीएम के बयान पर बोले केजरीवाल

पाक पीएम के बयान पर केजरीवाल का तंज, भारतवासी जान लें, मोदी जी जीते तो पाक में फूटेंगे पटाखे

Posted by - April 10, 2019 0
नई दिल्ली। पाक पीएम इमरान खान ने जब से बीजेपी की जीत के बाद भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर पड़ने वाले…
पुलिस को नहीं मिल पा रहा धनंजय का कोई सुराग

पुलिस को नहीं मिल पा रहा धनंजय का कोई सुराग

Posted by - April 5, 2021 0
पूर्व प्रमुख अजीत सिंह हत्याकांड में आरोपित पूर्व सांसद धनंजय सिंह की तलाश में लखनऊ पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है लेकिन अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। छापेमारी करने जा रही पुलिस टीम बैरंग वापस लौट रही हैं। शनिवार को जौनपुर में उसके कालीकुत्ती स्थित आवास व अन्य स्थानों पर छापेमारी की गयी  थी लेकिन उसके न मिलने पर पुलिस टीम को खाली हाथ वापस लौटना पड़ा था। इसके अलावा पुलिस टीमों ने राजधानी में धनंजय के करीबी लोगों के ठिकानों पर भी छापेमारी की है लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल सका है। मालूम हो कि सूबे की राजधानी लखनऊ में गत छह जनवरी को मऊ के पूर्व ब्लाक प्रमुख अजीत सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मुठभेड़ में मारे जा चुके अजीत सिंह हत्याकांड के शूटरों में एक कन्हैया विश्वकर्मा उर्फ गिरधारी उर्फ डाक्टर के बयान के आधार पर लखनऊ पुलिस ने धनंजय सिंह को साजिशकर्ता के तौर पर आरोपित किया था। पुलिस को चकमा देकर धनंजय सिंह ने पिछले महीने पुराने केस में एमपीएमएलए कोर्ट प्रयागराज में आत्मसमर्पण कर दिया था। नैनी सेंट्रल जेल से उसे फतेहगढ़ सेंट्रल जेल स्थानांतरित कर दिया गया था। महाराष्ट्र में कोरोना से हालात बेकाबू, सरकार का नाइट कर्फ्यू, वीकेंड लॉकडाउन का ऐलान जब तक लखनऊ पुलिस उसे अजीत हत्याकाण्ड में वारन्ट लेती तब तक गत 31 मार्च को एमपीएमएलए कोर्ट से जमानत मंजूर हो जाने पर वह गुपचुप तरीके से जेल से रिहा हो गया था। इसे लेकर लखनऊ पुलिस की खूब किरकिरी हुई। इसके बाद से लखनऊ पुलिस अजीत हत्याकाण्ड में उसे आरोपी मानकर लगातार  छापेमारी कर रही है लेकिन उसका कुछ पता नहीं चल पा रहा है। इसी कड़ी में धनंजय सिंह की तलाश में शनिवार को जौनपुर गयी लखनऊ पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस को साथ लेकर उसके कालीकुत्ती स्थित आवास पर दबिश दी थी। वह घर पर नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने उसकी तलाश में जमैथा निवासी करीबी आशुतोष सिंह के दीवानी कचहरी रोड स्थित आवास पर भी छापेमारी की थी। पूर्व सांसद के गृह गांव सिकरारा थाना क्षेत्र के बनसफा गांव में भी दबिश दी गयी। मालूम हो कि शनिवार को धनजंय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी ने जिला पंचायत सदस्य पद के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया था।