CS Upadhyay

चन्द्रशेखर उपाध्याय को अनुच्छेद 348 में संशोधन किये जाने के समर्थन में 50,000 से अधिक हस्ताक्षर सौंपें

382 0

आगरा। ‘हिन्दी से न्याय’ (Hindi se Nyay) इस देशव्यापी-अभियान के नेतृत्व-पुरुष एवम् प्रख्यात न्यायविद् चन्द्रशेखर पण्डित भुवनेश्वर दयाल उपाध्याय (CS Upadhyay) अपने छठवें अखिल भारतीय प्रवास के दौरान आज आगरा पहुंचे, जन्मभूमि पहुंचने पर अभियान की वृहद उत्तर-प्रदेश ( पूर्वांचल-प्रान्त, विंध्याचल-प्रान्त पश्चिमांचल-प्रान्त तथा दक्षिणांचल-प्रान्त) शाखा के राज्याधिपति ( प्रान्त-प्रमुख) एवम् सुप्रसिद्ध शिक्षाविद् डाक्टर देवी सिंह नरवार तथा प्रान्त महामात्य (संगठन) आनन्द गुप्ता ने उन्हें अनुच्छेद 348 में संशोधन किये जाने की उनकी मांग के समर्थन में 50,000 से अधिक हस्ताक्षर सौंपें।

बताते चलें कि उपाध्याय (CS Upadhyay) देश की शीर्ष-अदालतों (सुप्रीमकोर्ट एवम् 25 हाईकोर्टस) में सारा कामकाज हिन्दी एवम् अन्य भारतीय-भाषाओं (संविधान की अष्टम् अनुसूची में उल्लिखित 22 भाषाएं, जिनकी लिपि उपलब्ध है) में सम्पादित किये जाने हेतु पिछले सवा तीन दशक से अधिक समय से ‘हिन्दी से न्याय’ यह देशव्यापी-अभियान चला रहे हैं।

भारतीय जनता पार्टी के पूर्ववर्ती-दल भारतीय जनसंघ के स्थापना एवम् प्रेरणा-पुरूष पण्डित दीनदयाल उपाध्याय के प्रपौत्र चन्द्रशेखर पण्डित भुवनेश्वर दयाल उपाध्याय (CS Upadhyay) हिन्दी माध्यम से एल-एल.एम.उत्तीर्ण करने वाले पहले भारतीय छात्र हैं। पिछले लगभग एक दशक में इस न्यायिक-भाषायी स्वतंत्रता अभियान की 31( इक्कतीस) प्रान्तों की टीमों ने देशभर से लगभग डेढ़ करोड़ से अधिक हस्ताक्षर प्राप्त किये है, ‘हिन्दी से न्याय’ इस देशव्यापी-अभियान को दुनिया के तमाम देशों से भी व्यापक- समर्थन हासिल हो रहा है, विदेशों में रह रहे अप्रवासी-भारतीयों ने बड़ी-संख्या में अभियान के समर्थन में हस्ताक्षर किये हैं।

उत्तर-प्रदेश में सेशन कोर्ट में जज रहे उपाध्याय ने उत्तराखण्ड में देश के सबसे कम आयु के एडीशनल एडवोकेट जनरल रहते हुए 21 अक्टूबर, 2004 को इलाहाबाद हाईकोर्ट में हिन्दी में प्रतिशपधपत्र प्रस्तुत कर एक इतिहास रच दिया था, उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री के ओएसडी ( न्यायिक,विधायी एवम् संसदीय- कार्य) रहते हुए उन्होंने नैनीताल हाईकोर्ट में हिन्दी में वाद-कार्यवाही शुरू करायी थी एवम् विधि-आयोग में सदस्य (समकक्ष प्रमुख सचिव,विधायी) के दायित्व से 2013 में नैनीताल हाईकोर्ट में हिन्दी में याचिका स्वीकार करायी।

उपाध्याय (CS Upadhyay) को आज सौंपे गये हस्ताक्षर पिछले डेढ़ माह में आगरा के दर्जनों इण्टर कालेजों के विद्यार्थियों से प्राप्त किये गये हैं। इससे पहले जनवरी, 2020 में शुरू किये गये हस्ताक्षर अभियान के तहत भी आगरा से बड़ी संख्या में नागरिकों का समर्थन हासिल किया गया था।

आज के इस आयोजन में अभियान के केन्द्रीय अधिष्ठाता-मंडल में सम्मिलित वरिष्ठ सम्पादक तथा प्रबंधन में अपना शोध-पत्र हिन्दी में प्रस्तुत कर उसे स्वीकार कराने वाले प्रथम भारतीय छात्र डाक्टर भानु प्रताप सिंह, केन्द्रीय अमात्य मण्डल में सम्मिलित डाक्टर कुंजल सिंह चाहर,अभियान के आगरा मण्डलापति भुवनेश पालीवाल अधिवक्ता, नगराधिपति वेदान्त वर्मा तथा विद्यालयी प्रबंधक संगठन के अध्यक्ष हरिओम चौधरी प्रमुख रूप से उपस्थित थे।

Related Post

KANPUR CAPTION

कानपुर में सूबेदार की बेटी सेना में बनी लेफ्टिनेंट, दार्जिलिंग में मिली पहली पोस्टिंग

Posted by - March 20, 2021 0
कानपुर। जिले के किदवई नगर निवासी विनीता त्रिपाठी (Vinita Tripathi) का चयन भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर हुआ…
कोरोनावायरस

कोरोनावायरस पर स्वास्थ्य मंत्री के बयान को मीडिया दे पर्याप्त कवरेज : एम वेंकैया नायडू

Posted by - March 6, 2020 0
नई दिल्ली । राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू ने सदन में कोरोना वायरस पर स्वास्थ्य मंत्री डा. हर्षवर्धन के…
CM Yogi held a review meeting of the Housing Department

भी नगरों के जीआईएस आधारित मास्टर प्लान मई माह के अंत तक अनुमोदित कराए जाएं: मुख्यमंत्री

Posted by - May 3, 2025 0
लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने विकास प्राधिकरणों में लंबित भवन मानचित्रों के प्रकरणों की समीक्षा के निर्देश दिए…