महाराष्ट्र के भिवंडी में गुरुवार देर रात एक बड़ा हादसा हो गया, जब 48 कमरों वाली चार मंजिला रिहायशी इमारत अचानक ढह (Building Collapsed) गई। इस हादसे में अब तक नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है। राहत और बचाव दल पूरी रात मलबा हटाने में जुटे रहे और अभियान अभी भी जारी है।
भिवंडी-निजामपुर नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस इमारत को काफी पहले ही खतरनाक घोषित किया जा चुका था। इसके बावजूद यहां मरम्मत का काम चल रहा था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि मरम्मत के लिए आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। अधिकारियों का कहना है कि हादसे के पीछे इसी पहलू की भी जांच की जा रही है।
पहले दरारें दिखीं, फिर देखते ही देखते भरभराकर गिरी बिल्डिंग
स्थानीय लोगों ने बताया कि रात करीब नौ बजे इमारत से असामान्य आवाजें आने लगीं और दीवारों में दरारें दिखाई दीं। सूचना मिलने पर नगर निगम और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और कई परिवारों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। लेकिन रात करीब 11:30 बजे अचानक इमारत की बी विंग ढह गई। उस समय कुछ लोग बाहर निकल रहे थे, जबकि मरम्मत कार्य में लगे कई मजदूर अंदर ही मौजूद थे और मलबे में दब गए।
मजदूरों के हताहत होने की आशंका
नगर निगम के सहायक आयुक्त अरविंद घोगरे ने बताया कि मृतकों में अधिकतर मरम्मत कार्य में लगे मजदूर होने की आशंका है। हादसे की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किस स्तर पर हुई।
चल रहा बचाव अभियान
हादसे के तुरंत बाद एनडीआरएफ, ठाणे डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (टीडीआरएफ), फायर ब्रिगेड, पुलिस और नगर निगम की टीमें मौके पर पहुंच गईं। डॉग स्क्वॉड, चार फायर इंजन, दो एम्बुलेंस और जेसीबी जैसी भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि जब तक अंतिम व्यक्ति का पता नहीं चल जाता, तब तक राहत और बचाव अभियान लगातार जारी रहेगा।
