Election Duty

पंचायत चुनाव ड्यूटी करने वाले 135 शिक्षकों की मौत, हाईकोर्ट की फटकार, कौन है जिम्मेदार?

227 0

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कोरोना संकट के बीच पंचायत चुनाव ड्यूटी ( up panchayat election)  में लगे 135 शिक्षकों की मौत का मामला सामने आया है। शिक्षकों की मौत को संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है।

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे कोरोना संकट के बीच पंचायत चुनाव ड्यूटी( up panchayat election)  में लगे 135 शिक्षकों की मौत का मामला सामने आया है। शिक्षकों की मौत पर संज्ञान लेते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। साथ ही हाईकोर्ट ने आयोग से कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान कोविड प्रोटोकॉल्स लागू नहीं करवाने पर आपके और आपके अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाए?

  • कोरोना संकट के बीच यूपी में हो रहा पंचायत चुनाव
  • पंचायत चुनाव 135 शिक्षकों की मौत का कारण बन गया
  • शिक्षकों की मौत पर हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग को फटकारा

दरअसल, एक रिपोर्ट के मुताबिक यूपी पंचायत चुनाव ( up panchayat election)में ड्यूटी करने वाले 135 शिक्षक, शिक्षा मित्र और अनुदेशकों की मृत्यु हो गई है। इसके अलावा पंचायत चुनाव में प्रथम चरण के प्रशिक्षण से लेकर तीसरे चरण के मतदान तक हजारों शिक्षक, शिक्षामित्र व अनुदेशक कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। सूबे में अभी तक जहां-जहां चुनाव हो चुके हैं वहां कोरोना संक्रमण के मामले कई गुना बढ़े हैं।

चुनाव स्थगित करने की मांग

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पंचायत चुनाव तत्काल स्थगित कर ड्यूटी के दौरान संक्रमित हुए लोगों का निशुल्क इलाज व मृतकों के परिजनों को 50 लाख की सहायता व अनुकंपा नियुक्ति देने की मांग की है। महासंघ के प्रवक्ता वीरेंद्र मिश्र ने कहा है कि जिन शिक्षकों व कर्मचारियों की चुनाव में ड्यूटी लगी है उनके परिवारों में बेचैनी है। वर्तमान हालात को देखते हुए कोई भी चुनाव ड्यूटी नहीं करना चाहता है।

शैक्षिक महासंघ ने बताया कि पंचायत चुनाव प्रशिक्षण और ड्यूटी के बाद अब तक हरदोई-लखीमपुर में 10-10, बुलंदशहर, हाथरस, सीतापुर, शाहजहांपुर में 8-8, भदोही, लखनऊ व प्रतापगढ़ में 7-7, सोनभद्र, गाजियाबाद व गोंडा में 6-6, कुशीनगर, जौनपुर, देवरिया, महाराजगंज व मथुरा में 5-5, गोरखपुर, बहराइच, उन्नाव व बलरामपुर में 4-4 तथा श्रावस्ती में तीन शिक्षक, शिक्षा मित्र या अनुदेशक की आकस्मिक मृत्यु हो चुकी है।

3 मई को होगी अगली सुनवाई

शिक्षकों की मौत का मामले सामने आने से यूपी पंचायत चुनाव में जिन लोगों की ड्यूटी लगी है, उनमें खौफ का माहौल पैदा हो गया है। ऐसे में मामले को संज्ञान लेते इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि चुनाव आयोग और यूपी पुलिस ने चुनाव ड्यूटी में लगे लोगों को कोरोना संक्रमण से बचाने के लिए कुछ नहीं किया। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राज्य चुनाव आयोग को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा. इस मामले में अब अगली सुनवाई 3 मई को होगी।

‘चुनाव कराने में व्यस्त थी सरकार’

हाईकोर्ट ने बेहद ही सख्त लहजे में कहा, “2020 के आखिर में जब वायरस कमजोर हुआ था, तब सरकार पंचायत चुनाव कराने में व्यस्त हो गई थी। अगर उसने लगातार संक्रमण रोकने के लिए काम किया होता, तो आज सरकार दूसरी लहर का सामना करने के लिए तैयार रहती। अगर हम अब भी लोगों की स्वास्थ्य परेशानियों को नजरअंदाज करेंगे और उन्हें मरने के लिए छोड़ देंगे, तो आने वाली पीढ़ी हमें कभी माफ नहीं करेगी।”

हाईकोर्ट ने यूपी चुनाव आयोग को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि वो अगली तारीख को बताए कि पंचायत चुनाव के दौरान वो कोविड प्रोटोकॉल्स लागू करवाने में नाकाम क्यों रहा? और उसके 27 अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा क्यों ना चलाया जाए? कोर्ट ने ये भी कहा कि सरकार को अब संक्रमण रोकने के लिए कदम उठाने पड़ेंगे। इतना ही नहीं शिक्षकों की मौत के बाद जिस तरह से खौफ का माहौल बन गया है, उससे गुरुवार को होने वाले पंचायत चुनाव को लेकर काफी चुनौतियां चुनाव आयोग के सामने खड़ी हो गई हैं।

हाईकोर्ट ने सुझाव देते हुए कहा कि अगर किसी मरीज की एंटीजन टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आती है, तो भी उसे कम से कम 7 दिन नॉन-कोविड वार्ड में रखा जाए, क्योंकि वो अब भी दूसरों को संक्रमित कर सकता है। इसके अलावा कोविड वार्ड में हर तीन बेड में से एक आईसीयू बेड होना चाहिए। सरकारी अस्पतालों में रेमडेसिविर और जरूरी दवाओं की सप्लाई बढ़ानी चाहिए। साथ ही अस्पतालों में ऑक्सीजन सप्लाई भी नहीं रुकनी चाहिए, ताकि किसी मरीज की ऑक्सीजन की कमी से जान ना जाए।

Related Post

स्मृति ईरानी का पोस्ट

नींद न आने पर स्मृति ईरानी का पोस्ट- ‘प्लीज आप सब मेरे सपने देखना बंद करो’

Posted by - November 19, 2019 0
नई दिल्ली। छोटे पर्दे की संस्कारी बहू बनकर मशहूर होने वाली स्मृति ईरानी अब केंद्रीय मंत्री हैं । स्मृति ने…
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय

लखनऊ के पहले पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय ने गिनाई अपनी प्राथमिकता

Posted by - January 15, 2020 0
लखनऊ। लखनऊ के पहले पुलिस कमिश्नर बनकर इतिहास रचने वाले सुजीत पांडेय ने बुधवार को कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने…