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UP Board: प्रदेश के 258 केंद्रों पर दो दिन में 30 लाख कापियाें का हुआ मूल्यांकन

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UP Board के हाईस्कूल एवं इंटर की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन रविवार को भी निर्बाध रूप से जारी रहा। प्रदेश के सभी 258 मूल्यांकन केंद्रों पर शांतिपूर्ण तरीके से कापियों का मूल्यांकन हो रहा है। दो दिन में विभिन्न विषयों की करीब 30 लाख कापियां जंच चुकी है। अब तक करीब सवा लाख परीक्षक मूल्यांकन केंद्रों में अपनी उपस्थित दर्ज कराये हैं।

यह जानकारी रविवार को UP Board के सचिव दिव्य कान्त शुक्ल ने देते हुए बताया कि बोर्ड के नए प्रशिक्षण माड्यूल से मूल्यांकन केंद्रों में शिक्षकों में उत्साह दिखा है। उत्तर पुस्तिकाओं का वितरण स्टैटिक मजिस्ट्रेट की निगरानी में हो रहा है। एक बार में रेण्डम तरीके से स्टैटिक मजिस्ट्रेट उपप्रधान परीक्षकों को कापियां दे रहे हैं। एक बार में कापियों का दस बंडल ही दिया जा रहा है। डायट प्राचार्य डॉ राजेन्द्र प्रसाद पर्यवेक्षक की भूमिका में हैं। मूल्यांकन कार्य एक अप्रैल तक चलेगा।

बोर्ड के सचिव ने बताया कि UP Board शुचितापूर्ण मूल्यांकन के अपने स्लोगन को ध्यान में रखकर मूल्यांकन केंद्रों पर लगातार निगाह बनाए है। सीसीटीवी के माध्यम से मूल्यांकन केंद्रों पर नजर रखी जा रही है। साथ ही वायस वेब रिकार्डर सीसीटीवी के कक्षों में लगाया गया है। परीक्षक आपस में बातचीत करेंगे तो वह सीसीटीवी में रिकार्ड हो जाएगा। कापियों का मूल्यांकन समय से हो इसके लिए इस वर्ष हर स्तर पर तैयारी की गई है। परीक्षकों की संख्या भी अधिक रखी गई है। कुल 1 लाख 43 हजार परीक्षकों की नियुक्त की गई है। अधिकांश संख्या में परीक्षकों ने पहले ही दिन मूल्यांकन केंद्रों पर अपनी उपस्थित दर्ज करा दी थी। पहले दिन प्रदेश के सभी मूल्यांकन केंद्रों पर उपनियंत्रकों ने परीक्षकों मूल्यांकन की नई तकनीकि से परिचित कराया।

उल्लेखनीय है कि UP Board के हाईस्कूल एवं इंटर परीक्षा में कुल 58,85,745 परीक्षार्थी पंजीकृत हुए थे। उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए कुल 258 मूल्यांकन केंद्रों बनाए गए हैं। जिसमें 83 राजकीय एवं 175 सहायता प्राप्त स्कूल हैं। इन केंद्रों पर हाईस्कूल की 1.86 करोड़ एवं इंटर की 1.33 करोड़ कापियों का मूल्यांकन होगा। कुल संख्या के हिसाब 3 करोड़ 19 लाख कापियां है।

बोर्ड सचिव ने कहा कि लापरवाही किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बच्चों के शैक्षिणक भविष्य का पूरी तरह से ख्याल रखा जाएगा। मूल्यांकन केंद्रों पर परीक्षक, उपप्रधान परीक्षक एवं उपनियंत्रक पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं। स्टैटिक मजिस्ट्रेट एवं पर्यवेक्षक भी अपनी डयूटी तत्परता से निभा रहे हैं।

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