आरबीआई

अर्थव्यवस्था में ऋण लेने की प्रक्रिया पकड़ रही है गति : आरबीआई

164 0

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने शनिवार को कहा कि अर्थव्यवस्था में ऋण लेने की प्रक्रिया गति पकड़ रही है। इसके साथ ही उन्होंने नीतिगत दर में कटौती का लाभ नीचे तक पहुंचने की रफ्तार आने वाले दिनों में और सुधरने की उम्मीद भी जताई है।

निदेशक मंडल की इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद

उनका यह बयान ऐसे समय आया है जब अर्थव्यवस्था की वृद्धि को लेकर चिंताएं हैं। इसके साथ ही मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ा है, जबकि औद्योगिक उत्पादन में नरमी देखी गई है। वह यहां रिजर्व बैंक के निदेशक मंडल की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। निदेशक मंडल की इस बैठक में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण भी मौजूद थीं।

दास ने कहा कि नीतिगत दर में कटौती का लाभ नीचे तक नहीं पहुंच रहा है, वह इस बात से इत्तेफाक नहीं रखते हैं। उन्होंने कहा कि नीतिगत दर में कटौती का नीचे तक असर लगातार सुधर रहा है। इसके आगे और बेहतर होने की उम्मीद है।

अनुपम खेर पर आप नेता की विवादित टिप्पणी, बोले- बाल के साथ दिमाग भी उड़ गया क्या? 

दास ने कहा कि ऋण उठाव की गतिविधियों में गति आई है। हम उम्मीद करते हैं कि आने वाले महीनों में ऋण उठाव की वृद्धि दर बढ़ेगी। मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ने और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों के कारण केंद्रीय बैंक ने इस महीने की शुरुआत में 2020 की अपनी पहली मौद्रिक समीक्षा नीति में नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया था। केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति समिति ने छह फरवरी को अपनी समीक्षा के बाद रेपो दर को 5.15 प्रतिशत पर बरकरार रखा था। हालांकि बैंक ने अपने रुख को उदार बनाए रखने की घोषणा की थी जिसका मतलब वृद्धि को बढ़ावा देने के लिए वह भविष्य में नीतिगत दर में कटौती कर सकता है।

रिजर्व बैंक ने फरवरी में लगातार दूसरी बार नीतिगत दर अपरिवर्तित

रिजर्व बैंक ने फरवरी में लगातार दूसरी बार नीतिगत दर को अपरिवर्तित रखा था। इससे पहले दिसंबर में भी उसने नीतिगत दर में कोई बदलाव नहीं किया था जबकि दिसंबर से पहले की पांच मौद्रिक समीक्षाओं में केंद्रीय बैंक ने कुल 1.35 प्रतिशत की कटौती की थी। शक्तिकांत दास ने कहा कि नीतिगत दर में कटौती का नीचे तक पहुंचने की रफ्तार आने वाले दिनों में और सुधरेगी। साथ ही अर्थव्यवस्था में ऋण उठाने की गतिविधियां भी बेहतर हुई है। हमने अगले वर्ष के लिए 6 फीसदी की वृद्धि दर का अनुमान लगाया है, जो आर्थिक सर्वेक्षण प्रक्षेपण के अनुरूप है।

ऋण को लेकर बैंकों की की जा रही है निगरानी – वित्त मंत्री

केन्द्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी केंद्रीय बैंक के निदेशक मंडल की बैठक को संबोधित किया। सीतारमण ने कहा कि कृषि क्षेत्र में ऋण प्रवाह को लेकर बैंकों की निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऋण सीमा का विस्तार किया गया है। हम उम्मीद करते हैं कि मांग बढ़ने और इसके साथ क्रेडिट आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए यह सक्षम होगा। मैं विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकों और ऋण सुविधा के उनके विस्तार की निगरानी कर रही हूं।

Loading...
loading...

Related Post

सुषमा स्वराज

भीष्म पितामह! आपके सामने ‘द्रोपदी’ का चीरहरण हो रहा है, मौन मत रहिए -सुषमा

Posted by - April 15, 2019 0
नई दिल्ली। रामपुर से उम्मीदवार आजम खां ने बीजेपी प्रत्याशी और गुजरे जमाने की जानी मानी एक्ट्रेस जया प्रदा पर…
Bajaj Housing Finance Limited

बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड के होम्स एंड लोन्स के साथ प्रॉपर्टी ढूँढें और फाइनेंस कराएं

Posted by - July 16, 2019 0
पुणे, महाराष्ट्र। बजाज हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड, देश में सर्वाधिक विविधतापूर्ण एनबीएफसी में से एक के तौर पर प्रतिष्ठित बजाज फाइनेंस लिमिटेड…
नागरिकता संशोधन विधेयक

नागरिकता संशोधन विधेयक पर राजनाथ ने मांगा जनता का साथ, बना चुनाव मुद्दा

Posted by - December 8, 2019 0
झरिया। झारखंड विधानसभा चुनाव- 2019 के दूसरे चरण के मतदान के बाद रविवार को भाजपा ने नागरिकता संशोधन विधेयक को…
प्रशांत किशोर

प्रशांत किशोर का पलटवार-लालू प्रसाद मीडिया के सामने बैठ जाएं खुल जाएगी पोल

Posted by - April 13, 2019 0
पटना। राष्ट्रीय जनता दल (राजद) अध्यक्ष लालू प्रसाद की पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के ‘राजद में…