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हरदीप पुरी ने नगरीय निकायों के प्रापर्टी टैक्स में सुधार विषय पर की चर्चा

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लखनऊ। केंद्र सरकार ने 15वें वित्त आयोग को नगरीय निकायों से भविष्य में प्राप्त होने वाली धनराशि के परिप्रेक्ष्य में शहरी स्थानीय निकायों के प्रापर्टी टैक्स में किये जाने वाले सुधार पर चर्चा की। इसके अलावा टैक्स बढ़ाये जाने वाले कदमों के बारे में केंद्र सरकार द्वारा कुछ शहरों में कराये गये सर्वे के आधार पर उपलब्ध कराई गई संस्तुतियों पर विमर्श और सहमति के लिए आहूत की गयी थी।

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वीडियो कान्फ्रेन्सिंग के माध्यम से केंद्रीय स्वतंत्र प्रभार मंत्री आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय हरदीप पुरी ने मंगलवार को यह बैठक की। इसमें नगरीय निकायों के प्रापर्टी टैक्स के सुधार विषय में 4 राज्यों, तमिलनाडु, गुजरात, उत्तर प्रदेश, उड़ीसा के नगर विकास मंत्री के साथ बैठक की। इस दौरान केंद्र सरकार के शहरी एवं आवासन सचिव, दुर्गा शंकर मिश्र भी उपस्थित रहे। राज्य मंत्री, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय (स्वतंत्र प्रभार) हरदीप पुरी ने की अध्यक्षता में गुजरात, उड़ीसा, पंजाब, तमिलनाडु, त्रिपुरा व उत्तर प्रदेश के शहरी विकास मंत्रीगण के एक समूह का गठन किया गया। उक्त समूह प्रापर्टी टैक्स के विभिन्न माॅडल का अध्ययन, समीक्षा करते हुए प्रापर्टी टैक्स के क्षेत्र में सुधार के संबंध में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

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इस बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश की तरफ से नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन, प्रमुख सचिव नगर विकास विभाग एवं आवास दीपक कुमार, सचिव नगर विकास विकास गोठलवाल ने प्रतिभाग किया। इस सर्वेक्षण में प्रापर्टी टैक्स के बारे में 5 बिन्दुओं पर मूलतः सर्वेक्षण के उपरान्त प्रस्तुतीकरण किया।

  • गणना
  • क़ीमत लगाना
  • मूल्यांकन
  • बिलिंग और संग्रह
  • रिपोर्टिंग

उत्तर प्रदेश में वित्तीय संसाधन बोर्ड के गठन और उसके द्वारा किये कार्य की सराहना की गयी। नगर विकास मंत्री आशुतोष टण्डन ने सर्वेक्षण के आधार पर प्रस्तुत सुझावों का स्वागत किया और प्रदेश की तरफ से निम्न तथ्य/सुझाव दिये गये।

  • उत्तर प्रदेश के शहरी स्थानीय निकायों में एआरवी (वार्षिक किराया मूल्य) को ही आधार मानते हुए प्रापर्टी टैक्स का आधार गणना की जाए।
  • स्थानीय निकायों में कर संग्रह के अलग काडर का गठन किया जाए।
  • खाली प्लाटों पर निर्माण न करने पर पेनाल्टी लगाई जाए।
  • उत्तर प्रदेश के 60 AMRUT शहरों में GIS सर्वे का कार्य कराया जा रहा है, जिसमें लखनऊ में कार्य प्रगति पर है।
  • प्रदेश में उपलब्ध डेटाबेस का Multiple Utilisation हो रहा है।

राज्य मंत्री, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, केंद्र सरकार द्वारा उक्त सुझावों का स्वागत किया गया। साथ ही अवगत कराया गया कि सचिव, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, केंद्र सरकार की अध्यक्षता में गठित समिति प्राप्त सुझावों के आधार पर अन्तिम निर्णय हेतु अपनी संस्तुतियां शीघ्र प्रस्तुत करेगी।

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