सरकार ने खत्म किया नौकरियों में भाई-भतीजावाद-भ्रष्टाचार : योगी

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकार के मिशन रोजगार के तहत मंगलवार को लोक भवन में उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग की सम्मिलित राज्य व प्रवर अधीनस्थ सेवा परीक्षा-2019 में चयनित उपजिलाधिकारियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। लोक भवन में कुल 49 उपजिलाधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिया गया, जिसमें 45 तो 2019-20 और चार 2018-19 के थे।

लोकभवन में इस कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी के पद पर चयनित 49 अभ्यर्थी मौजूद थे। जिनमें से दस को मुख्यमंत्री ने खुद नियुक्ति पत्र वितरित किये। उन्होंने चयनित अभ्यर्थियों से कहा कि देश के सबसे बड़े राज्य एवं सबसे बड़ी प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बनने के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा नव-चयनित सभी अधिकारियों को हृदय से बधाई देता हूं, उनका अभिनंदन करता हूं। यूपीपीएससी को एक निष्पक्ष, पारदर्शी चयन की प्रक्रिया को समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाने के लिए मैं हृदय से धन्यवाद देता हूं।

योगी ने इस मौके पर चयनित अधिकारियों के अंदर जोश भरा और उनको ईमानदारी के साथ काम करने की सीख भी दी की। उन्होंने कहा कि प्रादेशिक सेवाएं भारतीय प्रशासनिक सेवा की रीढ़ होती हैं। नवचयनित अधिकारी, अपने उत्तरदायित्व के निर्वहन में निष्पक्षता व पारदशीर्ता जरूर अपनायें। जिससे आपकी प्रशासनिक सेवाओं का लाभ प्रदेश के हर नागरिक को मिल सके। हमारी सरकार के कार्यकाल में नियुक्तियों में शुचिता और पूरी पारदशीर्ता बरती जा रही है। इसी कारण हमारी सरकार ने करीब सवा चार साल के कार्यकाल में योग्यता व क्षमता के आधार पर युवाओं को 4.50 लाख सरकारी नौकरियां दी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी में सरकारी नौकरियों की प्रक्रिया 2017 के पहले कैसे कलंकित हो चुकी थी, यह सबने देखा है। सरकारी नौकरियों में भाई-भतीजावाद, जातिवाद, भ्रष्टाचार इस कदर हावी हो चुका था कि न्यायालय को नियुक्तियों की सीबीआइ जांच कराने का आदेश देना पड़ा। यह युवाओं की प्रतिभा और उनके जीवन के साथ खिलवाड़ ही नहीं, बल्कि इसके पीछे उन्हेंं कुंठित करने की कुसति मंशा भी थी। इस कुसति मंशा के तहत पिछली सरकारों की शरारतो का भुक्तभोगी यूपी का युवा होता था। यह वही प्रदेश है जहां बेईमानी और भ्रष्टाचार का लेबल सरकारी नौकरियों पर पहले ही लग जाता था। कई मामले अदालत में जाते थे और नौकरियां बाधित हो जाती थी।

योगी ने कहा कि सभी नागरिकों को न्याय मिले यह आपका दायित्व होगा। आधी से ज्यादा समस्याएं राजस्व से जुड़ी हुई होती हैं। इसमें भी आम आदमी प्रशासनिक अनिर्णय का शिकार होता है। किसी प्रकार की अव्यवस्था और दुर्व्यवस्था नहीं होनी चाहिए। सभी को न्याय मिलना चाहिए। न्याय आपकी कार्यपद्धति से झलकना चाहिए। हम समाज के लिए समस्या न बने समाज की समस्या सुलझाएं। उन्होंने कहा कि मैं कही भी रहूं जनता दर्शन करता हूं। यह कार्य हर एक अफसर करें तो समस्याएं खत्म हो जायेंगी। मैं मुख्यमंत्री हूं मेरे पास बहुत काम हैं, लेकिन मैं लोगों से मिलता हूं। प्रशासनिक पद पर बैठा व्यक्ति अपने को प्रोटोकॉल से दूर रखे। हम किसी के काम मे हस्तक्षेप नहीं करते लेकिन तटस्थ रहकर समीक्षा करते हैं।

योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने अव्यवस्था, अराजकता, भ्रष्टाचार के साथ भाई-भतीजावाद के अड्डे बन चुके भर्ती से जुड़े आयोगों और बोर्ड को इनसे मुक्ति दिलाकर इस जड़ता को दूर किया है। हमने तो भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्षता, शुचिता और पारदशीर्ता के साथ तेजी से आगे बढ़ाते हुए युवाओं को उनकी मेरिट, प्रतिभा, योग्यता और क्षमता के अनुसार नौकरियां दीं। इसी का परिणाम है कि पिछले सवा चार सालों में हुई करीब साढ़े चार लाख भर्तियां हुईं और कोई भी चयन प्रक्रिया अदालत में लंबित नहीं है।

मुख्यमंत्री ने चयनित को कर्तव्य बोध भी कराया। उन्होंने कहा कि कुछ प्रशासनिक अधिकारी समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ते हैं तो कुछ भ्रष्टाचार की चपेट में आकर असमय इस व्यवस्था से दरकिनार कर दिये जाते हैं। जो लोग शुरू से इस पर ध्यान नहीं देते, वह आगे चल कर खुद अपने लिए समस्या बन जाते हैं। हम समाज के लिए समस्या नहीं बल्कि उसकी समस्याएं सुलझाने का माध्यम बनें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था में बैठे अधिकारी अपने को नये प्रोटोकॉल में ढालने और टापू की तरह खुद को एकांकी जीवन में डालने से बचें क्योंकि इससे उनका समाज, देश व काल से संबंध विच्छेद हो जाता है। जब हम टापू बन जाते हैं तो हमारे इर्द-गिर्द घूमने वाली मक्खियों से जो भी दुर्व्यवस्था फैलाई जाती है, वह तमाम बीमारियों को जन्म देती है। हमें पहले दिन से ही इस बीमारी से बचना होगा। आज जो भी अधिकारी गलत काम करता है, कुछ महीनों या सालों के बाद उसका भंडाफोड़ हो ही जाता है। इसके बाद प्रमोशन से डिमोशन और फिर बर्खास्तगी होती है। सरकार किसी के कार्य में हस्तक्षेप नहीं करती लेकिन दूर रहकर तटस्थ भाव से सबकी समीक्षा करती है।

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योगी ने कहा कि आजकल जनता की 90 फीसद समस्याएं तहसील और थाने से जुड़ी होती हैं। उन्होंने चयनित से तहसील की प्रक्रिया को टेक्नोलाजी के इस्तेमाल से पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए कहा ताकि जनता को इसका लाभ मिल सके। कहा कि निजी क्षेत्र में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने निवेश आकर्षित किया। इसका परिणाम है कि आज निजी क्षेत्र में 1.61 करोड़ लोगों को रोजगार मिल सका है।

 

Divyansh Singh

मिट्टी का तन, मस्ती का मन; छड़ भर जीवन, मेरा परिचय।

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