राजस्थान कांग्रेस में फिर शुरू हुआ सियासी घमासान

612 0

कांग्रेस पार्टी हमेशा से चर्चित रही है चाहे मुद्दा कोई भी हो और यह पार्टी देश की सबसे पुरानी पार्टी ‌ भी है। पिछले कई दिनों से कई राज्यों में अंदरूनी झगड़ों का सामना कर रही है। कांग्रेस पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह बनाम नवजोत सिंह सिद्धू कर्नाटक में सिद्धारमैया बनाम डीके शिवकुमार और राजस्थान में अशोक गहलोत बनाम सचिन पायलट की लड़ाई को सुलझाने में कांग्रेस आजकल व्यस्त चल रही है।

पायलट और गहलोत की लड़ाई राजस्थान विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के ठीक बाद से शुरू हो गई था। कुछ समय की खामोशी के बाद कैबिनेट विस्तार और नियुक्तियों को लेकर जारी सियासी घमासान फिर से शुरू हो गया है। 2018 में विधानसभा चुनाव हारने वाले कांग्रेस उम्मीदवार और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन पायलट के समर्थक पार्टी नेतृत्व से मिलने के लिए दिल्ली में डेरा डाले हुए हैं।

इन नेताओं ने पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को राज्य सरकार में बसपा से कांग्रेसी बने विधायकों और निर्दलीय विधायकों के बढ़ते प्रभाव के बारे में चिट्ठी लिखी थी। शाहपुरा विधानसभा सीट से पार्टी प्रत्याशी मनीष यादव ने कहा हम तब तक दिल्ली में डेरा डालते रहेंगे जब तक हम नेताओं से नहीं मिलते और अपनी समस्या नहीं बता देते।

उन्होंने कहा है कि एआईसीसी के महासचिव और राजस्थान के प्रभारी अजय माकन ने मंगलवार दोपहर को समय दिया था लेकिन कुछ बैठकों के कारण उस बैठक को, उस बातचीत को स्थगित कर दिया गया‌। सोनिया गांधी को लिखे पत्र वाले सभी 15 उम्मीदवार माकन से मिलना चाहते हैं लेकिन उन्हें पांच के छोटे प्रति मंडल के रूप में आने के लिए कहा गया है।

उन्होंने कहा कि हमारा बकाया मारा जा रहा है सीएम सरकार का नेतृत्व करती है और संगठन राज्य पार्टी प्रमुख द्वारा तय होता है यह दोनों हम से बच रहे हैं उन्होंने कहा कि 2018 में मतदान करने वाले कार्यकर्ताओं को और जनता को सरकार में नहीं सुना जा रहा है।

राजस्थान में पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच एक पखवाड़े से राजस्थान में कैबिनेट विस्तार और राजनीतिक नियुक्ति को लेकर एक दूसरे के खिलाफ लड़ाई जारी है।

इन विधायक उम्मीदवारो ने कहा था कि निर्दलीय और बसपा से शामिल विधायक विधानसभा क्षेत्र में पार्टी कार्यकर्ता और संगठनात्मक ढांचे को कमजोर कर रहे हैं। उनका कहना था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि पार्टी संगठन इन विधायकों को मर्जी पर काम कर रहा है पार्टी कार्यकर्ता और मतदाता ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।

Related Post

CS Upadhyay

चाकूओं की पसलियों से गुजारिश तो देखिए : चंद्रशेखर उपाध्याय

Posted by - May 30, 2022 0
देहरादून। ‘हिन्दी से न्याय’ इस देशव्यापी अभियान के नेतृत्व पुरुष-न्यायविद चन्द्रशेखर पण्डित भुवनेश्वर दयाल उपाध्याय (CS Upadhyay) ने हिंदी पत्रकारिता…
Arvind kejriwal

दिल्ली में बेकाबू हुआ कोरोना, मुख्यमंत्री केजरीवाल ने 5000 कोविड बेड बढ़ाने के लिए केंद्र से मांगी मदद

Posted by - April 12, 2021 0
नई दिल्ली। मुख्यमंत्री केजरीवाल (Chief Minister Kejriwal) ने कहा कि कोरोना के जंग में हमारा सहयोग करने के लिए कोविड…