पूनम सिन्हा

राजनीति में खुद को परफेक्ट मानती हैं पूनम सिन्हा, जीत का है भरोसा

1116 0

लखनऊ। लखनऊ से सपा उम्मीदवार 69 वर्षीय पूनम सिन्हा एक राजनीतिक गतिरोध के खिलाफ अपनी चुनावी शुरुआत करने में खुद को अयोग्य नहीं मानतीं। उन्हें विश्वास है कि उनकी पार्टी द्वारा किए गए विकास कार्य मदद करेंगे और उन्हें जीत हासिल होगी।

मेरे माता-पिता 1947 में कराची से आए थे, तब उन्होंने पहली बार लखनऊ में घर पाया 

पूनम सिन्हा के चेहरे पर गुजरे कल के तनाव या आने वाले कल के कार्यक्रमों के बारे में चिंता का कोई संकेत नहीं है। वह लखनऊ के लोगों की प्रतिक्रिया से उत्साहित हैं, जो उन्हें उनके नवाबों के शहर से जुड़ने की याद दिलाती है। उन्होंने बताया कि लखनऊ से मेरा जुड़ाव बहुत पहले हो गया था। जब मेरे माता-पिता 1947 में कराची से यहां आए थे, तब उन्होंने पहली बार लखनऊ में घर पाया था।

मैं उनकी युवा ऊर्जा, उनकी दूरदृष्टि और लोगों के लिए कुछ करने को लेकर अखिलेश यादव के दृढ़ संकल्प से प्रभावित

समाजवादी पार्टी की अपनी पसंद के बारे में बात करना और वह भी अपने पति शत्रुघ्न सिन्हा के कांग्रेस में शामिल होने के बाद, वह कहती हैं। मैं पिछले साल से अखिलेश यादव से बात कर रही हूं। मैं उनकी युवा ऊर्जा, उनकी दूरदृष्टि और लोगों के लिए कुछ करने को लेकर उनके दृढ़ संकल्प से प्रभावित थी।

ये भी पढ़ें :-लोकसभा चुनाव 2019: पिता- भाई की मौजूदगी मे गुरदासपुर से सनी देओल 28 अप्रैल को करेंगे नामांकन 

अखिलेश ने अपनी पत्नी डिंपल को नामांकन के लिए मेरे साथ आने के लिए कहा

पूनम सिन्हा ने बताया कि यादव परिवार उनका ख्याल रखता रहा है। उन्होंने मुझे एक उत्कृष्ट टीम दी है जो मेरे अभियान का कार्यक्रम और मार्गदर्शन करती है। अखिलेश ने अपनी पत्नी डिंपल को नामांकन के लिए मेरे साथ आने के लिए कहा था। भले ही वह उसी दिन आजमगढ़ में अपना नामांकन दाखिल कर रहे थे। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि कौन सी अन्य पार्टी आपके साथ अपने परिवार के सदस्य की तरह व्यवहार करेगी?

केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने के बारे में अयोग्य होने से इनकार

वह केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह के खिलाफ चुनाव लड़ने के बारे में अयोग्य होने से इनकार करती हैं। इसके साथ कहती हैं कि हमेशा नियम के अपवाद होते हैं। कोई भी सीट या राज्य एक विशेष पार्टी से संबंधित नहीं होता है और लोगों को यह चुनने का अधिकार है कि वे बदलाव चाहते हैं या नहीं। पूनम सिन्हा ने कहा कि मैंने कभी भी राजनाथ जी के खिलाफ एक शब्द नहीं बोला। मैं नकारात्मक प्रचार में नहीं उतरूंगी। मैं केवल अपनी और अपनी पार्टी की बात कर रही हूं।

अपने बच्चों के बड़े होने और बसने का कर रही थीं इंतजार 

कांग्रेस के सदस्य होते हुए भी शत्रुघ्न सिन्हा उनके साथ नामांकन पत्र दाखिल करने विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए पूनम सिन्हा कहती हैं कि उन्होंने प्रचार नहीं किया। जब वे मेरे साथ नामांकन पत्र दाखिल करने के लिए गए तो उन्होंने बस मेरा साथ दिया। यह कुछ ऐसा है कि पति को करने की अनुमति है। वह एक वरिष्ठ राजनेता हैं और लगभग तीन दशक गंभीर राजनीति में बिता चुके हैं। उन्हें पता है कि वह क्या कर रहे हैं? पूनम सिन्हा ने कहा कि वह लगभग एक दशक पहले राजनीति में रुचि लेती थीं, लेकिन अपने बच्चों के बड़े होने और बसने का इंतजार कर रही थीं।

Related Post

मायावती

बीजेपी ने पीएम पद उम्मीदवार पूछकर किया 130 करोड़ मतदाता का अपमान : मायावती

Posted by - April 25, 2019 0
लखनऊ। बसपा प्रमुख मायावती ने विपक्ष से बार-बार उसके प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार का विकल्प पूछने को लेकर बीजेपी की…

आज से थम जाएगा चुनाव प्रचार का शोर, नियमों का उल्लघंन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई

Posted by - October 19, 2019 0
नई दिल्ली। विधानसभा चुनावों के प्रचार का कार्य 19 अक्तूबर यानी आज शाम 6 बजे तक किया जा सकता है।…

हज-2022 की तैयारियां शुरू, हजयात्रियों को लेनी होंगी टीकों की दोनों खुराकें

Posted by - October 22, 2021 0
नई दिल्ली। केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने शुक्रवार को कहा कि हज पर जाने के इच्छुक लोगों…