शहद निर्यात

एनएमआर जांच के बाद ही अमेरिका को शहद हो सकेगा निर्यात

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नई दिल्ली। वाणिज्य मंत्रालय की एजेंसी निर्यात निरीक्षण परिषद (ईआईसी) ने अमेरिका को निर्यात होने वाले शहद की शुद्धता जांच अनिवार्य रूप से ‘न्यूक्लियर मैगनेटिक रेजोनेन्स स्पेक्ट्रोस्कोपी’ (एनएमआर) प्रणाली से करने का निर्णय किया है।

शहद के लिए एनएमआर जांच को एक अगस्त से अनिवार्य करने के लिए निर्यातकों को एजवाइजरी जारी

मंत्रालय के कहा कि अमेरिका को निर्यात होने वाले शहद के लिए एनएमआर जांच को एक अगस्त से अनिवार्य करने के लिए निर्यातकों को एजवाइजरी जारी कर दी गई है। उम्मीद है कि इस फैसले से देश के ईमानदार शहद उत्पादकों और मधुमक्खी पालन करने वाले किसानों को फायदा होगा।

मिलावटी शहद की शिकायत पर अमेरिका में एक खेमा भारत, यूक्रेन, वियतनाम जैसे देशों के शहद पर डम्पिंग-रोधी शुल्क लगावाने की कोशिश में है लगा 

सूत्रों ने कहा कि इस जांच के जरिये अमेरिका को निर्यात होने वाले शहद में किसी भी मिलावट, शहद उत्पादन की जगह और फूल आदि के बारे में अहम सूचनाएं जुटायी जा सकती हैं। सूत्रों ने कहा कि मिलावटी शहद की शिकायत पर अमेरिका में एक खेमा भारत, यूक्रेन, वियतनाम जैसे देशों के शहद पर डम्पिंग-रोधी शुल्क लगावाने की कोशिश में लगा है। इससे देश के शहद निर्यातकों और शहद उत्पादक किसानों को नुकसान होने का खतरा था। ऐसे में अमेरिका भेजे जाने वाले शहद की एनएमआर जांच का फैसला किया गया है।

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अमेरिका ने चीन के शहद पर 220 प्रतिशत का डम्पिंग-रोधी शुल्क लगा रखा

सूत्रों ने इस बात का भी उल्लेख किया कि मिलावटी शहद की आपूर्ति होने के कारण अमेरिका ने चीन के शहद पर 220 प्रतिशत का डम्पिंग-रोधी शुल्क लगाया रखा है। सूत्रों ने कहा कि शहद निर्यातक संघ इस प्रकार की जांच अनिवार्य किए जाने की मांग करता आ रहा था। राष्ट्रीय मधुमक्खी पालन बोर्ड के कार्यकारी सदस्य देवव्रत शर्मा का कहना है कि इस जांच को सिर्फ अमेरिका भेजे जाने वाले शहद तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए बल्कि देश विदेश के अन्य बाजारों में भेजे जाने वाले शहद की भी एनएमआर प्रणाली से जांच अनिवार्य होनी चाहिए।

एनएमआर जांच के लिए ईआईसी ने मुंबई में अपनी एक प्रयोगशाला स्थापित की

वाणिज्य मंत्राालय का ‘निर्यात निरीक्षण अभिकरण’ निर्यात होने वाले नमूनों में से औचक रूप से कुछ नमूनों को लेकर उसकी जांच करेगा और सही होने पर ही अमेरिका को शहद का निर्यात किया जा सकेगा। एनएमआर जांच के लिए ईआईसी ने मुंबई में अपनी एक प्रयोगशाला स्थापित की है, जबकि खादी एवं ग्रामोद्योग आयोग (केवीआईसी) ने भी पुणे में एनएमआर प्रयोगशाला स्थापित की है।

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एनएमआर जांच वाले शहद के लिए अब किसानों को 2,000 डॉलर तक का भाव मिलने की संभावना

गत वर्ष भारत में 1,15,000 टन शहद का उत्पादन हुआ था जिसमें 62,500 टन शहद का निर्यात किया गया। शेष शहद की खपत देश के अंदर हो जाती है। पिछले वर्ष भारत को शहद के लिए 1,500 डॉलर प्रति टन का भाव मिला था लेकिन एनएमआर जांच वाले शहद के लिए अब किसानों को 2,000 डॉलर तक का भाव मिलने की संभावना होगी। शहद की नई जांच की व्यवस्था से सरकार, ईमानदार निर्यातकों, उत्पादक किसानों और आम उपभोक्ताओं को फायदा मिलने की उम्मीद है।

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