जानें क्यों मनाई जाती गोवर्धन पूजा और क्या है इसका इतिहास

1047 0

कार्तिक शुक्ल प्रतिपदा को अन्नकूट उत्सव मनाया जाता है। गोवर्धन पूजा (Govardhan Puja) भगवान श्रीकृष्ण के अवतार के बाद द्वापर युग से प्रारंभ हुई। इस दिन बलि पूजा, मार्गपाली आदि उत्सव भी मनाए जाते हैं। इस दिन गाय-बैल आदि पशुओं को स्नान कराके धूप-चंदन तथा फूल माला पहनाकर उनका पूजन किया जाता है।

आपको बता दें इस दिन गोबर से गोवर्धन की आकृति बनाकर उसके समीप विराजमान कृष्ण के सम्मुख गाय तथा ग्वाल-बालों की रोली, चावल, फूल, जल, मौली, दही तथा तेल का दीपक जलाकर पूजा और परिक्रमा की जाती है।

जानकारी के मुताबिक मूसलधार वर्षा से बचाने के लिए 7 दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी सबसे छोटी उंगली पर उठाकर इन्द्र का मान-मर्दन किया तथा उनके सुदर्शन चक्र के प्रभाव से ब्रजवासियों पर जल की एक बूंद भी नहीं पड़ी, सभी गोप-गोपिकाएं उसकी छाया में सुखपूर्वक रहे।

Related Post

अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन

अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन में 20 किलो सोना पहनकर पहुंची मेरठ की आलिया

Posted by - January 23, 2020 0
मेरठ। मेरठ के कंकरखेड़ा में चल रहे अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन में बुधवार को 800 से ज्यादा किन्नर पहुंचे थे।…
बीजेपी उम्मीदवार

bjp ने सात उम्मीदवारों की सूची में गोरखपुर से रवि किशन और जौनपुर से केपी सिंह को मैदान में उतारा

Posted by - April 15, 2019 0
नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के लिए भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश की 7 और सीटों पर उम्मीदवारों के…