ज्योति के हौंसले को इवांका ट्रंप ने सराहा

बिहार की ज्योति ने जीता इवांका ट्रंप का दिल, बोलीं– बेटी ने रची प्यार की वीरगाथा

247 0

नई दिल्ली। कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में लॉकडाउन लागू है। इससे दुखद खबरें ज्यादा सुखद आती ही नहीं है। इसी बीच लॉकडाउन से परेशान गुरुग्राम से पिता को साइकिल पर बैठाकर 1200 किमी की दूरी तय कर बिहार के दरभंगा पहुंचने पर ज्योति इस समय सुर्खियों में हैं। ज्योति के प्यार की वीरगाथा सात समुंदर पार तक पहुंच गई है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप ने ट्वीट कर ज्योति की तारीफ की है।

https://twitter.com/IvankaTrump/status/1263828899575758849

इवांका ने ट्वीट कर कहा कि 15 साल की ज्योति कुमारी अपने जख्मी पिता को साइकिल से सात दिनों में 1,200 किमी दूरी तय करके अपने गांव ले गई। इवांका ने आगे लिखा कि सहनशक्ति और प्यार की इस वीरगाथा ने भारतीय लोगों और साइकलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

इसकी खबरें में मीडिया में में आने के बाद भारतीय साइकिलिंग महासंघ (सीएफआई) के निदेशक वीएन सिंह ने ज्योति को क्षमतावान करार देते हुए कहा कि महासंघ उसे ट्रायल का मौका देगा। अगर वह सीएफआई के मानकों पर थोड़ी भी खरी उतरती है तो उसे विशेष ट्रेनिंग और कोचिंग मुहैया कराई जाएगी।

बता दें कि ज्योति लॉकडाउन में अपने पिता मोहन पासवान को साइकिल पर बिठाकर एक हजार किमी से ज्यादा की दूरी आठ दिन में तय करके गुरुग्राम से बिहार के दरभंगा पहुंच गई थी। ज्योति ने रोजाना 100 से 150 किमी साइकिल चलाई।

वीएन सिंह ने बताया कि महासंघ हमेशा प्रतिभावान खिलाड़ियों की तलाश में रहता है। उन्होंने कहा कि अगर ज्योति में क्षमता है तो उसकी पूरी मदद की जाएगी। वीएन सिंह ने से कहा कि अगर लड़की में इस तरह की क्षमता है तो हम उसे जरूर मौका देंगे। आगे उसे ट्रेनिंग और कोचिंग शिविर में डाल सकते हैं। उससे पहले हालांकि हम उसको परखेंगे। अगर वह हमारे मापदंड पर खरी उतरती है तो उसकी पूरी सहायता करेंगे। विदेशों से आयात की गई साइकिल पर उसे ट्रेनिंग कराएंगे।

वीएन सिंह ने स्वीकार किया कि 15 साल की बच्ची के लिए रोजाना 100 किमी से अधिक साइकिल चलाना आसान काम नहीं है। उन्होंने कहा कि 14-15 साल की बच्ची के लिए रोजाना 100-150 किमी साइकिल चलाना आसान नहीं है। मैं मीडिया में आई खबरों के आधार पर ही बोल रहा हूं लेकिन अगर उसने सचमुच में ऐसा किया है तो वह काफी सक्षम है।

उन्होंने कहा कि उसने अपने पिता को भी साइकिल पर बैठा रखा था और उसके पास छोटा-मोटा सामना भी रहा होगा। इसलिए उसने जो किया वह काबिलेतारीफ है। खेल की जरूरत के अनुसार वह सक्षम है या नहीं, इसका फैसला हम टेस्ट के बाद ही कर पाएंगे। उस टेस्ट में अगर हमारे मापदंड पर वह थोड़ी सी भी खरी उतरती है तो हम उसकी पूरी सहायता करेंगे और उसे विशेष कोचिंग दी जाएगी।

Loading...
loading...

Related Post

कोरोनावायरस

पीएम मोदी जन औषधि दिवस पर बोले- कोरोना की अफवाहों से बचें, नमस्ते की आदत डालें

Posted by - March 7, 2020 0
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के वैश्विक संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जन औषधि दिवस पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए…
मोहन भागवत

सहज रीति से कार्यकर्ता सज्जनों के साथ मिलकर कार्य करें : मोहन भागवत

Posted by - January 25, 2020 0
गोरखपुर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र के पांच दिवसीय कार्यकर्ता सम्मेलन हो रहा है। सम्मेलन के…
पुडुचेरी विश्वविद्यालय

पुडुचेरी विश्वविद्यालय की छात्रा का गंभीर आरोप, हिजाब की वजह से दीक्षांत में शामिल होने से रोका

Posted by - December 24, 2019 0
पुडुचेरी। पुडुचेरी विश्वविद्यालय की एक छात्रा ने  प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाया है। छात्रा का आरोप है कि हिजाब पहनने…
प्रियंका गांधी

प्रियंका गांधी बोलीं- प्राथमिक मुद्दों को छोड़ योगी सरकार फूट फैलाने में व्यस्त

Posted by - January 5, 2020 0
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने रविवार को युवाओं को रोजगार, महिला सुरक्षा और देश की अर्थव्यवस्था को…