cm yogi

गीता से मिलती है निष्काम कर्म की प्रेरणा : सीएम योगी

350 0

गोरखपुर। मानवीय जीवन की व्यवस्था में गीता वह पावन ग्रन्थ है जिससे क्षेत्र, भाषा, जाति, मत, मजहब से परे सभी लोगों को  निष्काम कर्म की प्रेरणा मिलती है। दुनिया में अनेक ग्रन्थ रचे गए लेकिन गीता युद्धक्षेत्र में भगवान के श्रीमुख से रचित वह ग्रन्थ है जो देश, काल, परिस्थितियों से ऊपर उठकर चराचर जगत के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करता है। यह आने वाली पीढ़ी के लिए अमर वाक्य बनकर प्रेरणा देने का सार्वभौमिक ग्रंथ है। यह कहना है मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) का।

वह (CM Yogi) रविवार शाम गीता प्रेस (Geeta Press) में आयोजित गीता जयंती समारोह को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति अपनी प्रकृति के अनुरूप गीता के मंत्रों को अंगीकार करता है। पर, वास्तव में गीता से हमें यह प्रेरणा प्राप्त होती है कि सभी समस्याओं का समाधान निष्काम कर्म करने से ही संभव है। यदि हम अपना काम स्वयं न करके या किए गए कार्य से अधिक की अपेक्षा करेंगे तो किसी न किसी दूसरे के हक पर डकैती होगी।

गीता से मिलती है निष्काम कर्म की प्रेरणा :सीएम योगी - Amrit Vichar

भगवान ने गीता की रचना सिर्फ अर्जुन के द्वंद्व को समाप्त करने के लिए ही नहीं बल्कि समूची मानवता को  कर्तव्य पथ पर चलने की प्रेरणा देने के लिए की थी। कारण, अर्जुन जैसी स्थिति सामान्य मनुष्य की भी होती है। पांच हजार वर्ष पहले कुरुक्षेत्र में गीता के रूप में भगवान के श्रीमुख से दिव्य वाणी का प्रकटीकरण हुआ था तब वर्तमान आधुनिक सभ्यताओं का अस्तित्व भी नहीं था। सीएम योगी (CM Yogi) ने कहा कि निष्काम कर्तव्य के प्रति आग्रही होना वास्तव में भगवान का काम करने के समान है। यदि हम निष्काम कर्म की प्रेरणा से अपने कर्तव्यों का ईमानदारी पूर्वक निर्वहन करने लगे तो दुनिया की सभी समस्याओं का समाधान अपने आप ही होता दिखाई देगा।

शताब्दी वर्ष में 100 करोड़ धार्मिक साहित्य का लक्ष्य रखे गीता प्रेस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने गीता व अन्य धार्मिक साहित्य के प्रकाशन के लिए गीता प्रेस के संस्थापक सेठ जी जयदयाल गोयनका, कल्याण पत्रिका के आदि संपादक भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार का भी स्मरण किया। उन्होंने कहा कि सेठ जी ने 100 वर्ष पूर्व गीता प्रेस की स्थापना कर धार्मिक साहित्य के क्षेत्र में अद्भुत वह अनुकरणीय मानक स्थापित किए।  वहीं जन जन तक कल्याण पत्रिका के जरिये सनातन संस्कृति का संवर्धन करने वाले भाई जी हनुमान प्रसाद पोद्दार मानवीय रूप में दिव्य पुरुष थे। उन्होंने कहा कि विश्व भर में रहने वाले सनातन धर्मावलंबियों के लिए गीता, गीता प्रेस और यहां से प्रकाशित होने वाला धार्मिक साहित्य आस्था का विराट केंद्र है।

मुख्यमंत्री (CM Yogi)ने गीता प्रेस प्रबंधन का आह्वान किया कि वह शताब्दी वर्ष समारोह में 100 करोड़ धार्मिक साहित्य छापने का लक्ष्य रखे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चित्रमय सुंदरकांड का विमोचन भी किया और समस्त जनमानस को पावन गीता जयंती की शुभकामनाएं दीं।

गीता जयंती समारोह की अध्यक्षता करते हुए मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो जेपी पांडेय ने कहा कि गीता लाल कपड़े में लपेटकर घर के किसी कोने में रखने वाली किताब नहीं बल्कि जीवन का सही मार्ग दिखाने का जीवंत माध्यम है। हर व्यक्ति को गीता में भगवान की तरफ से दिए गए संदेशों को समझना चाहिए और उन्हें अपने जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने गीता के श्लोक का स्मरण करते हुए कहा कि यदि हम धर्म की रक्षा नहीं करेंगे तो धर्म भी हमारी रक्षा नहीं करेगा। कार्यक्रम का संचालन गीता प्रेस के प्रबंधक लालमणि तिवारी ने किया। अवसर पर गीता प्रेस के वरिष्ठ ट्रस्टी बैजनाथ अग्रवाल, ट्रस्टी कृष्ण कुमार खेमका, मुरली मनोहर सराफ, कथा व्यास स्वामी नरहरिदास, वाराणसी से आए महामंडलेश्वर स्वामी संतोष दास उर्फ सतुआ बाबा, महंत रविंद्र दास आदि भी मौजूद रहे।

Related Post

Mission Maidan

मिसालः खेलों की बढ़ी प्रेजेंस तो बढ़ने लगी अटेंडेंस

Posted by - March 21, 2025 0
लखनऊ/लखीमपुर खीरी। लखीमपुर खीरी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार “मिशन मैदान” (Mission Maidan) को सफलतापूर्वक अपनाते हुए जिले के…
President Kovind

शांतिकुंज के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल हुए राष्ट्रपति

Posted by - November 29, 2021 0
राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द (President Kovind) सोमवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार के मुख्यालय में स्वर्ण जयंती वर्ष के अवसर पर…