मिरगी दौरों की रोकथाम पर शोध

बच्चों में मिरगी के दौरे रोकने के लिए दुनिया का सबसे बड़ा रिसर्च शुरू

961 0

नई दिल्ली। ब्रिटेन और भारत के विश्वविद्यालयों के विशेषज्ञों ने भारत में मस्तिष्क चोटों से पीड़ित बच्चों पर दुनिया का सबसे बड़ा अध्ययन शुरू किया है। इस अध्ययन का मकसद मिरगी जैसी बीमारी की रोकथाम में मदद करना है।

लंदन के इम्पीरियल कॉलेज ने नवजात बच्चों में मस्तिष्क विकृति को कम करके मिरगी दौरों की रोकथाम पर शोध का नेतृत्व कर रहा है। इस विषय पर अध्ययन करके प्रसवकाल के बाद बच्चों में मिरगी के मामलों को कम करना है।

एस एस राजामौली की फिल्म ‘RRR’ में थॉर के एक्टर भी दिखाएंगे दम 

विशेषज्ञों के मुताबिक प्रसव के दौरान या जन्म के दौरान बच्चों के मस्तिष्क में चोट लगना दुनिया के कुछ क्षेत्रों के बच्चों में मिरगी का मुख्य कारण है। इस कारण नवजात को सांस लेने में दिक्कत इस बीमारी की मुख्य वजह है। ऑक्सीजन की कमी नवजात के मस्तिष्क को क्षतिग्रस्त करती है। शोधकर्ताओं को विश्वास है कि एक तरह का ‘केयर बंडल’ बनाने से प्रसव और बच्चे के जन्म के तुरंत बाद देखरेख में सुधार हो सकता है।

Related Post

शेयर बाजार

शेयर बाजार सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा, सेंसेक्स में 41,798 अंकों का उछाल

Posted by - December 20, 2019 0
मुंबई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को शेयर बाजार मामूली बढ़त के साथ खुला है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का…
दिल्ली हिंसा

दिल्ली हिंसा : उत्तर-पूर्वी दिल्ली में सात मार्च तक बंद रहेंगे स्कूल, एग्जाम भी टले

Posted by - February 29, 2020 0
नई दिल्ली। दिल्ली हिंसा के मद्देनजर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूल सात मार्च तक बंद रहेंगे। यह…
भगवान बुद्ध के उपदेश

कोरोना महामारी काल में भी भगवान बुद्ध के उपदेश हैं प्रासंगिक : रामनाथ कोविंद

Posted by - July 4, 2020 0
नई दिल्ली । राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शनिवार को कहा कि कोरोना जैसी महामारी ने जहां पूरी दुनिया में जिन्दगियां…

ब्रांड इम्पैक्ट्स के ‘गोल्डन ग्लोरी अवार्ड्स’ में प्रीति जिंटा और बी-टाउन की कई शीर्ष हस्तियों ने की शिरकत

Posted by - September 27, 2019 0
मुंबई। ब्रांड्स इम्पैक्ट के निदेशक, अमोल मोंगा और अंकिता सिंह ने वर्ल्ड क्वालिटी प्रमोशन काउंसिल के साथ मिलकर द गोल्डन…