नोएडा प्राधिकरण के डिफॉल्टर्स के लिए अच्छी खबर, 2 अक्टूबर से शुरू होगी एकमुश्त समाधान योजना

104 0

नोएडा। नोएडा प्राधिकरण की वर्ष 2016-17 तक आई विभिन्न आवासीय भवन योजनाओं में बकाएदार और डिफाल्टर आवंटियों के लिए अच्छी खबर है। उनके लिए नोएडा प्राधिकरण ने एकमुश्त समाधान येाजना (ओटीएस) घोषित कर दी है। एकमुश्त समाधान योजना दो अक्तूबर को लाई जाएगी। यह योजना 1 दिसंबर 2021 तक जारी रहेगी। इस योजना का लाभ श्रमिक कुंज को छोड़कर बाकी सभी श्रेणियों को मिलेगा।
नोएडा की मुख्य कार्यपालक अधिकारी ऋतु माहेश्वरी ने बताया कि ओटीएस के तहत पैनल ब्याज को माफ करके ब्याज की गणना की जाएगी। इसके अलावा इस अवधि में लीजडीड कराने पर विलंब शुल्क में 100 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। यानि की लीज डीड में विलंब शुल्क नहीं लिया जाएगा। अधिकारियों ने बताया कि आवासीय भवन से जुड़ा एक और फैसला बोर्ड में लिया गया है। डिफाल्टर आवंटियों को लीज डीड की शर्तों का उल्लंघन करने पर आवंटन निरस्त करके उनकी जमा राशि को जब्त कर लिया जाएगा। अभी तक प्राधिकरण एक, दो और तीन प्रतिशत शुल्क काटकर बाकी धनराशि वापस कर देता था। अधिकारियों ने बताया कि पुरानी योजनाओं में एचपीटीए की व्यवस्था होती थी।
एकमुश्त राशि जमा करने वालों को वरीयता
औद्योगिक और संस्थागत विभाग में भूखंड आवंटन की प्रक्रिया व ऑब्जेक्टिव क्राइटेरिया को यथावत रखा है। एकमुश्त धनराशि जमा करने वाले आवेदकों को वरीयता देने का निर्णय लिया प्राधिकरण बोर्ड ने लिया है।
स्टेडियम की कमाई 50-50 बांटी जाएगी
नवंबर 2020 से जुलाई 2021 तक नोएडा स्टेडियम में प्रशिक्षण शुल्क से प्राप्त धनराशि का 50 प्रतिशत नोएडा स्पोर्टस ट्रस्ट और 50 प्रतिशत धनराशि कोच को दी जाएगी। इस प्रस्ताव को बोर्ड बैठक में मंजूरी दे दी गई है। आपको बता दें कि स्टेडियम में विभिन्न तरह के खेल संचालित होते हैं।
प्रहरी सॉफ्टवेयर से टेंडर प्रक्रिया होगी पूरी
पीडब्ल्यूडी विभाग के प्रहरी सॉफ्टवेयर को प्राधिकरण में 2 माह में लागू करने का फैसला लिया गया है। साथ ही निविदा निस्तारण के लिए पीडब्ल्यूडी की प्रक्रिया अपनाई जाए। इसके तहत निविदाकारों के पंजीकरण की प्रक्रिया प्रारंभ होने पर मूल्यांकन का समय 5 दिन किया जाएगा। अभी तक मूल्यांकन में 15-20 दिन तक का समय लग जाता है। इससे किसी काम में टेंडर प्रक्रिया जारी करने से लेकर काम शुरू होने में काफी वक्त लग जाता है। अब जल्दी हो सकेंगे।
परफारमेंस गारंटी में दी जाएगी छूट
भारत सरकार के व्यय विभाग से जारी शासनादेश 13 जुलाई 2021 व वित्त विभाग के शासनादेश 12 नवंबर 2020 के क्रम में निविदाकारों से ईएमडी 2 प्रतिशत ली जाएगी जो कि परफार्मेंस सिक्योरिटी में निहित होगी। इसी प्रकार परफॉर्मेंस सिक्योरिटी 5 प्रतिशत के स्थान पर 3 प्रतिशत ली जाएगी। असामान्य न्यून बिड की दशा में कोई भी अतिरिक्त परफारमेंस गारंटी नहीं ली जाएगी। यह आदेश सिर्फ 31 दिसंबर 2021 तक गठित अनुबंध पर ही लागू होंगे।

Related Post