हमीरपुर में ठंड से फिर पांच मौत

हमीरपुर में ठंड से फिर पांच मौत, अभी तक 36 लोगों ने जान गंवाई

868 0

हमीरपुर । उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में शनिवार को ठंड की चपेट में आने से पांच और लोगों की मौत हो गई। इनमें तीन महिलाएं शामिल हैं। इससे ग्रामीण सकते में हैं। जिले में अभी तक 36 लोगों की ठंड के सीजन में मौत हो चुकी है। ठंड के सितम से किसानों ने खेतों में जाना बंद कर दिया है।

जिले के सुमेरपुर कस्बे के मौलवी अब्दुल गनी (70) ठंड की चपेट में आ गए। गनी को इलाज के भर्ती कराया गया था। मगर उन्होंने घर पर दम तोड़ दिया। मौलवी उर्दू, व अरबी के विद्वान थे। इनके पढ़ाये सैकड़ों शिष्य उर्दू टीचर की नौकरी कर रहे है। शनिवार को इन्हें सुपुर्द- ए-खाक किया गया।

दीपिका पादुकोण लखनऊ के शीरोज कैफे में एसिड अटैक सर्वाइवर्स के साथ मनाएंगी बर्थडे 

इसके अलावा सुमेरपुर थाना क्षेत्र के विदोखर पुरई गांव निवासी अमर सिंह पहलवान की पत्नी रन्नो सिंह (52) और विदोखर मेंदनी गांव निवासी रवीन्द्र सिंह की पत्नी गीता देवी (45) की ठंड से मौत हो गई। वहीं इंगोहटा गांव निवासी गोमती (40) पत्नी भइयालाल वर्मा और कल्लू कुशवाहा (69) ने ठंड में दम तोड़ दिया है। हमीरपुर मौसम विभाग के कर्मी भवानी प्रसाद ने बताया कि जिले का अधिकतम पारा 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है जो सामान्य से कम है।

Related Post

जिंदगी काटोगे सिगरेट, बीड़ी और सिगार में.. कुछ दिन तो गुजारो Delhi-NCR में -थरूर

Posted by - November 2, 2019 0
नई दिल्ली। बीजेपी और शिवसेना के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर जो अपने मजेदार ट्वीट्स के लिए जाने जाते हैं…

पूर्व मंत्री मनोज पाण्डेय जल्द करेगी विजिलेंस

Posted by - February 28, 2021 0
आय से अधिक सम्पत्ति की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) शीघ्र ही समाजवादी पार्टी के विधायक एवं पूर्व मंत्री मनोज कुमार पांडेय को बयान दर्ज कराने के लिए शीघ्र ही नोटिस भेजा जाएगा। शासन के आदेश पर विजिलेंस ने उनके विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति की शिकायतों की खुली जांच शुरू कर दी है। गोपनीय जांच में शिकायतें प्रथमदृष्ट्या सही पाए जाने के बाद खुली जांच के आदेश दिए गए हैं।   फतेहपुर : स्वर्गीय इंदिरा गांधी के नजदीकी रहे प्रेमदत्त तिवारी का निधन बिजलेंस के एक अधिकारी ने बताया कि पूर्व मंत्री मनोज पाण्डेय से आय से अधिक सम्पत्ति मामले में पूछताछ की जाएगी। इसके लिए उनको नोटिस भेजा जाएगा। मनोज पांडेय पर अपने क्षेत्र के दलित परिवार की जमीन अवैध ढंग से हथियाने का भी आरोप है। शिकायतें मिलने पर सरकार ने विजिलेंस के माध्यम से पहले गोपनीय जांच कराई। जांच में आरोप प्रथमदृष्ट्या सही पाए गए। जांच रिपोर्ट का परीक्षण करने के बाद शासन ने विजिलेंस को मनोज पांडेय के विरुद्ध खुली जांच करने का आदेश दे दिया। विजिलेंस अब शिकायतों से संबंधित साक्ष्य जुटाने के साथ ही मनोज पांडेय से पूछताछ भी करेगी। खुली जांच में दोषी पाए जाने पर उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। रायबरेली जिले की ऊंचाहार सीट से विधायक मनोज पांडेय सपा सरकार में कैबिनेट मंत्री थे। जांच के शिकंजे में फंसने वाले वह तीसरे पूर्व मंत्री हैं। सपा सरकार में मंत्री रहे मो. आजम खां के विरुद्ध एसआईटी व गायत्री प्रसाद प्रजापति के विरुद्ध विजिलेंस जांच की जांच चल रही है। एसआईटी जल निगम भर्ती घोटाले में मो. आजम खां को दोषी ठहरा चुकी है। गायत्री प्रजापति के विरुद्ध तो आय से अधिक संपत्ति की जांच चल रही है