दिल्ली विधानसभा चुनाव

दिल्ली विधानसभा चुनाव: भाजपा के लिए परेशानी का कारण बनी बन सकती है ये तिकड़ी

957 0

नई दिल्ली।अभी हाल में झारखंड विधानसभा चुनाव  में सहयोगी दलों के साथ तालमेल न बिठा पाने का बड़ा नुकसान भाजपा उठा चुकी है। अब यही मुसीबत​ दिल्ली विधानसभा चुनाव उसकी तीन सहयोगी पार्टियां नई मुसीबत खड़ी कर दी है।

बीजेपी के तीन सहयोगी दलों जनता दल (यू), लोकजन शक्ति पार्टी और जजपा ने उससे दिल्ली विधानसभा चुनाव में सीटों की मांग कर दी है। सीटों के न मिलने की स्थिति में तीनों ही दल चुनाव में ताल ठोंकने को तैयार हैं। अगर ये दल चुनाव में उतरते हैं तो इससे भाजपा को नुकसान हो सकता है। इस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ही तीन सहयोगी नीतीश कुमार, रामविलास पासवान और दुष्यंत चौटाला उनकी दिल्ली की जीत की राह में रोड़ा बन सकते हैं।

हरियाणा में भाजपा सरकार जजपा की बैशाखी पर टिकी हुई है। हरियाणा के आस-पास सटे दिल्ली के इलाकों में जाट वोट काफी अधिक संख्या में हैं। इन वोटरों का भावनात्मक लगाव हरियाणा के प्रभावशाली नेता रहे ओम प्रकाश चौटाला और उनके परिवार से अभी भी बना हुआ है। हालांकि बीजेपी में प्रवेश वर्मा जैसे जाट नेता भी असरदार हैं, लेकिन अगर इस चुनाव में भाजपा और जजपा में सीटों के मामले पर कोई सहमति नहीं बनती है तो जजपा अकेले चुनाव में उतरने की तैयारी कर सकती है। अगर जजपा अकेले मैदान में उतरेगी तो इसका सीधा नुकसान भाजपा को होगा क्योंकि जाट वोटर दिल्ली में अभी तक उसी को वोट करता रहा है।

जिम में बॉडी बनाते दिखे अनुपम खेर, वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल 

वहीं लोकजनशक्ति पार्टी के प्रवक्ता अजय पांडेय ने कहा कि हम बिहार के बाहर पार्टी का आधार बढ़ाने की हर संभव कोशिश कर रहे हैं। इसी अभियान के तहत हम दिल्ली में भी अपनी किस्मत आजमाने को तैयार हैं। अब यह भाजपा को तय करना चाहिए कि वह अपने सहयोगियों को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरना चाहती है या वह अकेले चुनाव लड़ेगी। बीजेपी से सीटों के बारे में किसी तरह की बातचीत से इनकार करते हुए उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी दिल्ली की सभी 70 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी।

वहीं, बीजेपी के एक अन्य सहयोगी जनता दल (यूनाइटेड) ने रविवार को दिल्ली स्थित कार्यालय में एक बैठक कर प्रदेश में अपने विकास की संभावनाओं की तलाश की। पार्टी के शीर्ष नेता दयानंद राय ने कहा कि वे पूर्वांचलियों के मुद्दे को लेकर चुनाव में उतरेंगे और अपनी अलग पहचान बनाएंगे। भाजपा से सीटों की तालमेल की किसी संभावना से उन्होंने इनकार नहीं किया लेकिन कहा कि अगर बीजेपी से उनकी पार्टी का तालमेल नहीं होता तो वे अकेले दम पर ही दिल्ली के सियासी मैदान में उतरेंगे।

Related Post

Budget session of Parliament

पीएम नरेन्द्र मोदी 14 अप्रैल को सुबह 10 बजे राष्ट्र के नाम देंगे संदेश

Posted by - April 13, 2020 0
नई दिल्ली। कोरोना महामारी से निपटने के लिए सरकार के राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत देशवासियों को आगे की रणनीति से…

सोनिया गांधी ले सकती हैं बड़ा फैसला, अधीर रंजन की जगह क्या लोकसभा में पार्टी के नेता शशि थरूर या मनीष तिवारी होंगे?

Posted by - July 4, 2021 0
कांग्रेस पार्टी की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने एक बड़ा फैसला लेने का निर्णय किया है। बता दें कि वह…
pm modi

पीएम मोदी का पुर्तगाल दौरा रद्द, अगले महीने भारत-ईयू समिट में लेने वाले थे हिस्सा

Posted by - April 20, 2021 0
नई दिल्ली। भारत में कोरोना संक्रमण (Coronavirus) के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। मंगलवार को देश में संक्रमण…
CM Yogi

सात वर्षों में प्रदेश में कायम किए गये कानून के राज को दुनिया देख रही है: योगी

Posted by - June 27, 2024 0
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi)  ने कहा कि अगर आधुनिकीकरण नहीं हुआ तो पुलिस फोर्स पिछड़ जाएगी। जिसका कानून…