priyanka gandhi
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने नागरिकता संशोधन विधेयक (कैब) के संसद में पास होने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि ‘कैब’ जैसा भेदभावपूर्ण व संविधान की आत्मा को छलनी करने वाला विधेयक भाजपा तब लाई है, जब महात्मा गांधी की जयंती के 150वें वर्ष का पार्टी ढिंढोरा पीट रही है।
भाजपा जिस समय महात्मा गांधी की जयंती के 150वर्ष पूरा होने का ढिंढोरा पीट रही है उसी दौरान CAB जैसा भेदभावपूर्ण व संविधान की आत्मा को छलनी करने वाला बिल ला रही है।
भाजपा के विभाजनकारी मंसूबों के ख़िलाफ कांग्रेस पूरी मजबूती से लड़ेगी।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी जी का वक्तव्य: pic.twitter.com/xU05zmDKa0
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) December 12, 2019
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के कैब विधेयक के संसद में पारित होने पर दिए वक्तव्य को साझा करते हुए प्रियंका गांधी ने कहा कि बीजेपी के विभाजनकारी मंसूबों के खिलाफ कांग्रेस पूरी मजबूती से लड़ेगी।
महाचिव प्रियंका गांधी ने ट्वीट कर कहा कि भाजपा जिस समय महात्मा गांधी की जयंती के 150 वर्ष पूरा होने का ढिंढोरा पीट रही है, उसी दौरान कैब जैसा भेदभावपूर्ण व संविधान की आत्मा को छलनी करने वाला बिल ला रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी के विभाजनकारी मंसूबों के खिलाफ कांग्रेस पूरी मजबूती से लड़ेगी।
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इससे पहले राहुल गांधी ने बुधवार को कहा था कि कैब मोदी-शाह सरकार द्वारा नॉर्थ ईस्ट की जातीय पहचान को समाप्त करने का एक प्रयास है। उन्होंने कहा कि यह उत्तर पूर्व, उनके जीवन के तरीके और भारत के विचार पर एक आपराधिक हमला है। वह पूर्वोत्तर के लोगों और उनकी सेवा में तत्पर हैं।
वहीं राहुल के ट्वीट का जवाब देते हुए केन्द्रीय खेल मंत्री किरण रिजिजू ने ट्वीट किया कि राहुल गांधी सही नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी शरणार्थी हमारे संरक्षित क्षेत्रों में आपकी कांग्रेस पार्टी द्वारा कानूनों का उल्लंघन करके बसाए गए थे। इसके साथ सभी अवैध प्रवासियों ने कांग्रेस की नीति के कारण पूर्वोत्तर में प्रवेश किया। आपकी गलती को भाजपा सरकार ने सही किया हैं। अब शरणार्थी स्थानीय नहीं बन सकते।
बता दें कि राज्यसभा ने बुधवार को नागरिकता संशोधन विधेयक को मंजूरी प्रदान की है। लोकसभा ने सोमवार रात इस विधेयक को मंजूरी दी थी। इस विधेयक में अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिन्दू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन करने का पात्र बनाने का प्रावधान है।