असम-मिजोरम सीमा संघर्ष: दोनों राज्य बातचीत से मुद्दा हल करने को तैयार

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49 साल पुराने सीमा विवाद को लेकर मिजोरम और असम के बीच तनाव की स्थिति है, इसी बीच दोनों राज्यों में विवाद सुलझने के आसार नजर आ रहे हैं। दोनों राज्य सरकारों ने गुरुवार को साझा बयान जारी करते हुए कहा- दोनों मुख्यमंत्री राज्यों की सीमा पर पैदा हुए तनाव को बातचीत के जरिए सुलझाएंगे। साझा बयान के मुताबिक दोनों राज्य सीमावर्ती इलाकों में शांति स्थापित करने को लेकर राजी हुए हैं और वे सीआरपीएफ तैनात करने के फैसले का स्वागत करते हैं।

असम की ओर से जहां वरिष्ठ मंत्री अतुल बोरा शामिल हुए, वहीं मिजोरम के गृह मंत्री लालचमलियाना बैठक का हिस्सा बने। बता दें कि 26 जुलाई को असम-मिजोरम सीमा पर गोलीबारी के बाद दोनों राज्यों के बीच तनाव काफी बढ़ गया था।

बैठक में शामिल हुए असम के मंत्री अशोक सिंघल ने साझा बयान की कॉपी ट्वीट कर बताया कि इसपर असम के मंत्री अतुल बोरा, मिजोरम के गृहमंत्री लाल चामलियाना, असम के सीमा सुरक्षा के आयुक्त और सचिव जीडी त्रिपाठी व मिजोरम के गृह सचिव वांलालन्गथसाका ने हस्ताक्षर किए हैं।

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बैठक के बाद दोनों राज्‍यों के मंत्रियों ने एक साझा बयान में कहा कि गृह मंत्रालय ने बातचीत के जरिए सीमा विवाद सुझलाने की बात कही थी। इसी के तहत आज दोनों राज्‍यों के मंत्रियों की बैठक हुई और दोनों राज्‍य सीमा पर शांति बनाए रखने पर सहमत भी हुए हैं।  बता दें कि दोनों राज्यों के बीच जारी सीमा विवाद ने 26 जुलाई को खूनी संघर्ष का रूप ले लिया था जिसमें असम पुलिस के छह कर्मी और एक आम नागरिक की मौत हो गई जबकि घटना में करीब 50 लोग घायल हुए॥

Divyansh Singh

मिट्टी का तन, मस्ती का मन; छड़ भर जीवन, मेरा परिचय।

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