लखीमपुर कांड में आरोपी अंकित दास ने एसआईटी के सामने किया सरेंडर

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लखीमपुर खीरी। लखीमपुर कांड में आरोपी अंकित दास ने एसआईटी के सामने सरेंडर कर दिया है। आरोप है कि जिन गाड़ियों ने किसानों को कुचला था उसमें से एक गाड़ी में अंकित दास भी सवार था। अंकित दास पूर्व सांसद अखिलेश दास का भतीजा है और इस केस में मुख्य आरोपी आशीष मिश्रा का करीबी है। बता दें कि लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में पुलिस अंकित दास को ढूंढने के लिए रविवार को लखनऊ के पुराना किला मोहल्ले में उनके घर पर भी पहुंची थी। लेकिन अंकित वहां मौजूद नहीं थे। अंकित के घर पर जाकर भी पुलिस ने उनके बारे में पूछताछ की थी। अंकित दास की तलाश में पुलिस ने कई जगह छापेमारी की भी की थी।

वकीलों के साथ पहुंचा अंकित दास

बता दें कि लखीमपुर खीरा कांड में आरोपित पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के भतीजे अंकित दास के लखनऊ के सदर पुराना किला स्थित आवास पर एसआइटी ने सफीना नोटिस चस्पा किया था। एसआइटी ने अंकित दास को बुधवार को लखीमपुर स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में बयान दर्ज कराने का आदेश दिया है। जानकारी के अनुसार यूपी पुलिस के भारी दबाव के चलते अंकित दास कोर्ट में हाज़िर नहीं हुआ। इस बीच अंकित दास लखीमपुर खीरी पहुंचें। अंकित सरेंडर करने के लिए वकीलों के साथ पहुंचा। उन्‍होंने एसआइटी के सामने सेरेंडर किया। जिसके बाद उन्‍हें और उनके ड्राइवर लतीफ को गिरफ्तार कर लिया गया। उनसे पुलिस लाइन स्थित क्राइम ब्रांच के दफ्तर में पूछताछ की जा रही है। एसआइटी उनके ड्राइवर लतीफ से भी पूछताछ कर रही है। लखीमपुर हिंसा में अब तक मंत्री पुत्र आशीष मिश्रा मोनू के बाद उसके मित्र अंकित दास के ड्राइवर शेखर भारती को एसआइटी ने मंगलवार को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा केस में किसानों ने आशीष मिश्रा मोनू के साथ अज्ञात 15 लोगों को नामजद किया है।

अंकित दास की थी फॉर्च्यूनर गाड़ी

लखीमपुर के तिकुनिया की इस घटना में तीन वाहनों का इस्तेमाल किया गया था और इसमें एक थार, दूसरी फॉर्च्यूनर और तीसरी स्कॉर्पियो शामिल हैं। वहीं थार द्वारा चार किसानों को कुचलने के बाद वहां पर मौजूद किसानों की भीड़ ने थार और फॉर्च्यूनर को आग के हवाले कर दिया था। वारदात में शामिल फॉर्च्यूनर गाड़ी अंकित दास की ही थी। जबकि स्कॉर्पियो मौके से फरार हो गई गई थी।

कौन है अंकित दास?

अंकित दास, कांग्रेस के पूर्व सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री अखिलेश दास के भतीजे हैं. अखिलेश दास यूपी में कांग्रेस के दिग्गज नेता हुआ करते थे और बाद में वह बसपा में शामिल हो गए थे। अखिलेश दास मनमोहन सिंह सरकार में इस्पात राज्यमंत्री भी रहे हैं और उसके बाद उन्होंने बसपा का दामन थाम लिया था। अखिलेश दास का अप्रैल 2017 में दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था।

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