मिताली राज Mithali Raj

वर्ल्ड कप फाइनल के बाद मिताली राज ने संन्यास लेने का फैसला जानें क्यूं टाला?

1169 0

नई दिल्ली। भारत की एक दिवसीय क्रिकेट कप्तान मिताली राज ने आगामी विश्वकप को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि उनका पूरा ध्यान अगले साल विश्व कप जीतना है। इसी के साथ वह अपने करियर का सफलता के शिखर पर अंत करना चाहती हैं।

आईसीसी वर्ल्ड कप का आयोजन अगले वर्ष 2021 में होना है और मिताली लॉकडाउन के बीच भी और उससे पहले भी पूरी तरह उसपर ध्यान लगाकर अभ्यास करने में जुटी हुई हैं। मिताली के वर्ल्ड कप जीतना किसी भी चीज से ज्यादा अहम है।

जाह्नवी कपूर की फिल्म ‘गुंजन सक्सेना’ का ट्रेलर रिलीज, देखें Video

2017 में संन्यास लेना चाहती थी मिताली

बता दें कि भारत दो बार विश्व कप जीतने के करीब पहुंचकर चूक गया है। मिताली की कप्तानी में भारत 2017 विश्व कप फाइनल में पहुंचा, लेकिन मेजबान इंग्लैंड से हार गया। इसके एक साल बाद वेस्टइंडीज में टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में हारकर बाहर हो गई। इस साल हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में भी भारत ने टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में जगह बनाई, लेकिन चार बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को मात नहीं दे पाई। हालांकि अब मिताली टी20 से संन्यास ले चुकी हैं।

जुलाई में जीएसटी राजस्व संग्रह घटकर 87422 करोड़ रुपये पर आया

मिताली ने स्टार स्पोटर्स के एक तेलुगू कार्यक्रम में कहा कि 2013 में जब भारत में विश्व कप हुआ था, हम सुपर सिक्स में भी नहीं पहुंचे थे। मुझे बहुत दुख हुआ था। उन्होंने कहा कि मैने सोचा 2017 विश्व कप में कोशिश करते हैं। मैने विश्व कप के लिये बहुत मेहनत की। बतौर खिलाड़ी, कप्तान काफी होमवर्क किया। जब हम फाइनल में पहुंचे तो मैने सोचा कि फाइनल जीतकर मैं संन्यास ले लूंगी।

वर्ल्ड कप जितना है मिताली राज का आखिरी सपना!

उन्होंने कहा कि इतने साल खेलकर मैंने सब कुछ पाया सिवाय विश्व कप के। 2021 में मैं फिर कोशिश करूंगी। उम्मीद है कि सभी की शुभकामनाओं से इस बार हम जीत पायेंगे । 37 वर्ष की मिताली ने पिछले साल टी20 क्रिकेट को अलविदा कह दिया है। उनका मानना है कि बीसीसीआई को पांच साल पहले महिला क्रिकेट को अपनी छत्रछाया में ले लेना चाहिये था।

उन्होंने कहा कि बीसीसीआई ने महिला क्रिकेट को 2006- 07 में अपनी छत्रछाया में लिया। यह पांच साल पहले हुआ होता तो और बेहतर रहता। उस समय कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी थे, लेकिन पैसे के अभाव और खेल के मार्फत आर्थिक स्थिरता नहीं मिलने से उन्होंने दूसरा पेशा चुना।

Related Post

हिना सिद्धू

टिकटॉक के बिना इंटरनेट खुशी देने वाली जगह होगी : हिना सिद्धू

Posted by - July 1, 2020 0
नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों की दो बार की स्वर्ण पदक विजेता महिला निशानेबाज हिना सिद्धू ने वीडियो शेयरिंग एप टिकटॉक…
पद्मश्री गिरिराज किशोर का निधन

कानपुर : प्रख्यात साहित्यकार पद्मश्री गिरिराज किशोर का निधन, शोक की लहर

Posted by - February 9, 2020 0
कानपुर। पद्मश्री विजेता साहित्यकार 83 वर्षीय गिरिराज किशोर का रविवार सुबह उनके निवास पर निधन हो गया है। मुजफ्फरनगर निवासी…
Draupadi Murmu

सरकार के महिला सशक्तिकरण के प्रयासों को पंख लगा गईं राष्ट्रपति

Posted by - November 3, 2025 0
उत्तराखंड विधानसभा के विशेष सत्र में सोमवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु (Draupadi Murmu) की मौजूदगी के बीच माहौल में कई…
Anand Bardhan

कुंभ मेला का सफल संचालन एवं भव्यता के साथ आयोजित किए जाने के लिए सभी का सहयोग जरूरी: मुख्य सचिव

Posted by - September 12, 2025 0
हरिद्वार : 2027 कुंभ मेले (Kumbh Mela) को सुव्यवस्थित एवं दिव्य व भव्य ढंग से आयोजित करने के उद्देश्य से…
CM Dhami

सीएम धामी ने रेस्क्यू में लगे अधिकारियों का हौसला बढ़ाया

Posted by - November 15, 2023 0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) सिलक्यारा में चल रहे हैं रेस्क्यू ऑपरेशन पर निरंतर निगरानी बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री…