यूपी : 5 महीने बीतने के बाद भी पंचायत चुनाव में जान गवाने वाले लोगों के परिजनों को नहीं मिली मदद

612 0

उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव के दौरान करीब 1600 कर्मचारियों की मौत हुई थी, इसके पीछे कोरोना के बीच चुनाव को बड़ी वजह बताया गया। पहले तो सरकार ने इतनी मौतों को माना नहीं लेकिन हल्ला मचा और दबाव बढ़ा तो मान लिया लेकिन पांच महीने बीतने के बाद भी आर्थिक मदद नहीं की। 37 वर्षीय संतोष कुमार मलीहाबाद में अध्यापक थे, बीमार होने के बाद भी ड्यूटी लगाई गई और ड्यूटी से लौटने पर ऑक्सीजन की कमी से मर गए।

संतोष की पत्नी बताती हैं कि सरकार ने मदद की बात कही लेकिन आज तक नहीं की, संतोष के पिता हर दिन सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। ऐसा ही मामला राज किशोर के परिजनों के साथ है, परिवार के सिर पर 12 लाख का लोन है लेकिन आमदनी खत्म हो चुकी है, सरकार मदद को आगे नहीं आ रही है।

‘पत्नी के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाना दुष्कर्म नहीं’ छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पर भड़कीं तापसी और सोना

उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के बीच पंचायत चुनाव को लेकर शुरू से ही सवाल उठ रहे थे। लेकिन अब चुनाव ड्यूटी में लगे सैकड़ों शिक्षकों की कथित तौर पर कोरोना संक्रमण से हुई मौत के मामले ने एक अलग ही बहस को जन्म दे दिया है। और अब शिक्षकों के परिजनो को अपना हक़ मांगने के लिए दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर किया जा रहा है। 

Related Post

cm yogi

लखनऊ के अलावा अन्य प्रमुख नगरों में भी होंगी कैबिनेट की बैठकें: योगी

Posted by - February 14, 2023 0
लखनऊ। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट (GIS-2023) के सफल आयोजन के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi) ने मंगलवार को मंत्रिमंडल के…

पीएम मोदी और ईरानी के लिए आपत्तिजनक पोस्ट करना पड़ा महंगा, दर्ज हुआ केस

Posted by - August 9, 2021 0
सोशल मीडिया पर पीएम नरेंद्र मोदी और स्मृति ईरानी को लेकर हमेशा आपत्तिजनक पोस्ट नजर आते रहे हैं, यूपी पुलिस…