पश्चिम बंगाल विधानसभा के लिए दूसरे चरण के चुनाव में प्रचार अभियान मंगलवार शाम को समाप्त हो...
newsganj.com
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में वन विभाग ने हाथी के बच्चे का शव बरामद किया है। रायगढ़...
बांदा जिले में पैलानी थाना क्षेत्र के लसड़ा गांव में नहाते समय यमुना नदी में डूबने से...
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अन्तर्गत थाना नगराम पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के...
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अंतर्गत कोतवाली मोहनलालगंज क्षेत्र के एक गांव में किराए के मकान में रह...
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अन्तर्गत कोतवाली मोहनलालगंज क्षेत्र के ग्राम पंचायत गौरा के मजरा भाटनखेड़ा गांव में...
पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के अन्तर्गत कोतवाली मोहनलाल गंज क्षेत्र के धनवारा गांव में सोमवार को होली के...
दो सगे भाईयों ने लखनऊ से एक अधिवक्ता का अपहरण कर उन्नाव में ले जाकर हत्या कर दी पुलिस ने शव उन्नाव के मौरावां क्षेत्र में सड़क किनारे बरामद कर लिया बीते शनिवार से अधिवक्ता लापता थे, पुलिस तलाश में लगी थी। पुलिस ने इस बारे में छानबीन में पता चला कि अधिवक्ता को उसके ही पड़ोसी अपने साथ ले गए हैं। इसके बाद पुलिस ने दोनों भाईयों को गिरफ्तार कर वारदात का खुलासा किया।मामला कैसरबाग थानाक्षेत्र के लालकुंआ, मकबूलगंज इलाके का है। यहां से अधिवक्ता नितिन तिवारी (35) का अपहरण कर हत्या कर दी गई। एडीसीपी पश्चिम राजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक नितिन तिवारी मकबूलगंज में रहते थे। होली के हुड़दंग का विरोध करने पर वकील पर फायरिंग बीते शनिवार को उनके भाई मयंक ने अपहरण की आशंका जताते हुए कैसरबाग कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस की कई टीमें उनकी लोकेशन ट्रेस करने के साथ ही पड़ताल में लगी थीं। इस बीच रविवार को नितिन का शव उन्नाव जनपद के मौरावां क्षेत्र के पिसंदा गांव में सड़क किनारे झाड़ियों में पड़ा मिला। उन्नाव पुलिस की सूचना पर मयंक के परिवारीजनों ने शव की शिनाख्त की। पड़ताल में पता चला कि नितिन को उनके पड़ोस में रहने वाले प्रवीण अग्रवाल और उसका भाई विपिन अग्रवाल अपने साथ कार से ले गया था। दोनों की तलाश शुरू हुई। इस बीच उन्नाव पुलिस ने मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर प्रवीण और उसके भाई विपिन को गिरफ्तार कर लिया। उन्नाव के मौरावां थाने के इंस्पेक्टर ने बताया कि दोनों हत्यारोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम में अधिवक्ता की गला दबाने और सिर पर भारी वस्तु से प्रहार कर हत्या करने की पुष्टि हुई है। एटीएस को सौदागार सदर की...
कृष्णा नगर कोतवाली इलाके में होली के हुड़दंग के दौरान एक वकील को उसके पड़ोसी द्वारा अपने...
जाली नोटों का अवैध कारोबार करने वाले तस्करों ने लॉकाडाउन के बाद सूबे में एक बार फिर अपनी जड़ें मजबूत करनी शुरू कर दी है। इसका खुलासा आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा पांच दिन पूर्व नोएडा से गिरफ्तार किये गये जाली नोटों के सौदागर सदर अली ने पूछताछ में किया है एटीएस को सदर की फरार पत्नी की सरगर्मी से तलाश है उस पर पच्चीस हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है इसके साथ ही एटीएस सदर के अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है। पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह की ब्रेन हैमरेज से हुई मौत एटीएस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक सदर अली की पत्नी मुमताज की तलाश में टीमें लगायी गयी हैं। गिरफ्तार किये गये सदर अली ने अपना नेटवर्क बरेली, कानपुर नगर व लखनऊ समेत अन्य शहरों में फैला रखा था। वह यूपी के कई तस्करों को पाकिस्तान से आने वाले जाली नोटों की सप्लाई करता था। बीते कुछ माह में भी नकली नोटों की सप्लाई किए जाने के तथ्य सामने आए हैं। सदर के जरिये इस गिरोह से जुड़े सप्लायरों की तलाश की जा रही है। पूर्व में पकड़े गए कई तस्करों के बारे में भी पड़ताल शुरू की गई है। गिरफ्तार किये गये तस्कर सदर से पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यूपी में बांदा से जुड़े कई गिरोह पश्चिम बंगाल से जाली नोट लाकर उनकी सप्लाई लखनऊ समेत अन्य शहरों, एनसीआर व दिल्ली तक कर रहे हैं। पूर्व में इस गिरोह के कई सदस्य पूर्व में पकड़े भी जा चुके हैं। उनसे भी पूछताछ में सामने आया था कि जाली नोट पाकिस्तान से बंगलादेश व नेपाल के जरिये यहां सप्लाई किए जा रहे हैं।गौरतलब है कि जाली नोटों की तस्करी में वांछित चल रहे मालदा (पश्चिम बंगाल) निवासी 25 हजार रुपये के इनामी सदर अली को 24 मार्च को एटीएस ने नोएडा के महामाया फ्लाई ओवर के पास गरिफ्तार किया था। रेलवे ट्रैक पर मिला...
