operation sindoor

मदरसों के पाठ्यक्रम में शामिल होगा ‘ऑपरेशन सिंदूर’, धामी सरकार का बड़ा फैसला

157 0

देहारादून। उत्तराखंड के सभी मान्यता प्राप्त मदरसों के नए पाठ्यक्रम में अब ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को शामिल किया जाएगा। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर एक पूरा अध्याय होगा, जिसमें भारतीय सेना की वीरता और देश के प्रति समर्पण की प्रेरणादायक कहानी होगी। राज्य के 451 पंजीकृत मदरसों में वर्तमान में 50 हजार से अधिक छात्र पढ़ाई कर रहे हैं, जो अब इस नई पहल के अंतर्गत देशभक्ति से ओतप्रोत इतिहास से रूबरू होंगे। धामी सरकार का यह कदम राष्ट्रवाद और सैन्य गौरव को शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) के तहत तबाह किए आतंकी ठिकाने

भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपने रुख को एक बार फिर दुनिया के सामने स्पष्ट करते हुए 6 और 7 मई की दरमियानी रात को एक साहसिक सैन्य अभियान ‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) को अंजाम दिया। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) के कुल 9 ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। ये सभी ठिकाने जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और हिजबुल मुजाहिदीन जैसे भारत-विरोधी आतंकवादी संगठनों से जुड़े थे।

इस सुनियोजित और रणनीतिक कार्रवाई में 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया गया। यह सभी आतंकी गुट भारत के खिलाफ आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे और इन्हीं ठिकानों से उन्हें प्रशिक्षण, हथियार और दिशा-निर्देश दिए जा रहे थे। भारतीय खुफिया एजेंसियों से मिली पुख्ता जानकारी के आधार पर इन ठिकानों की पहचान की गई थी, जिसके बाद सेना ने सटीक लक्ष्य साधकर ऑपरेशन को अंजाम दिया।

भारत के सैन्य इतिहास में गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज होगा ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) 

ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की सबसे खास बात यह रही कि इस पूरे अभियान में भारत ने सिर्फ और सिर्फ आतंकी अड्डों को ही निशाना बनाया। पाकिस्तान के किसी भी सैन्य प्रतिष्ठान या नागरिक ढांचे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया गया। यह ऑपरेशन न केवल भारतीय सेना की तकनीकी दक्षता और सटीकता का उदाहरण है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ ‘नो टॉलरेंस’ नीति पर पूरी मजबूती से कायम है। ऑपरेशन सिंदूर, भारत के सैन्य इतिहास में एक और गौरवपूर्ण अध्याय के रूप में दर्ज हो गया है। इस अध्याय के बारे में उत्तराखंड के मदरसों के छात्र विस्तार से पढ़ेंगे।

उत्तराखंड में कितने मदरसे हैं?

BBC की रिपोर्ट के अनुसार, सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में 451 मदरसे मदरसा शिक्षा परिषद (मदरसा बोर्ड) से पंजीकृत हैं, लेकिन करीब 500 मदरसे बिना पंजीकरण के चल रहे हैं।

Related Post

CM Bhajan lal Sharma

सीएम भजनलाल ने नापला में मोदी के कार्यक्रम स्थल पर तैयारियों का लिया जायजा

Posted by - September 20, 2025 0
बांसवाड़ा: राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajan Lal Sharma) शनिवार को बांसवाड़ा जिले के नापला में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी…
Anganwadi centers

बच्चों को आंगनबाड़ी केन्दों पर शिक्षित और संस्कारित करना आपकी जिम्मेदारी : आनंदीबेन पटेल

Posted by - January 8, 2021 0
लखनऊ। लखनऊ जनपद में स्थित 40 आंगनबाड़ी केन्दों (Anganwadi centers) को सुविधा सम्पन्न बनाये जाने के लिए आवश्यक सामग्री के…