States

रामनवमी की रैलियों के दौरान 4 राज्यों में सांप्रदायिक बवाल

78 0

नई दिल्ली: देश भर के हिंदुओं का रामनवमी (Ram Navami) एक प्रमुख त्योहार है, इस वर्ष न केवल उत्सव मनाया गया बल्कि हिंसक झड़प की खबरे भी सामने आई है। इस साल कम से कम चार राज्यों (States) से सांप्रदायिक हिंसा की खबरें सामने आईं, जहां झड़पों के कारण जुलूसों को बाधित किया गया। कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रामनवमी के जुलूस के दौरान मध्य प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और गुजरात जैसे कई राज्यों में सांप्रदायिक हिंसा की खबरें आई थीं और दो लोगों के मारे जाने की भी खबर है।

देश के कई हिस्सों से हुई झड़पों के कारण, राज्य सरकारों ने जनता पर कुछ प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। मध्य प्रदेश और झारखंड के कस्बों में धारा 144 लागू कर दी गई है और सभी धार्मिक सभाओं पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इन राज्यों में हुआ बवाल

झारखंड

सूत्रों के अनुसार, झारखंड से सांप्रदायिक हिंसा की खबरें सामने आईं जब रामनवमी के जुलूस के दौरान पथराव की घटनाएं हुईं, जिसके कारण दो समूहों के बीच झड़प हो गई। बोकारो और लोहरदगा जिलों में कुल आठ लोग घायल हो गए और धारा 144 लागू कर दी गई।

मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश के खरगोन इलाके में भी हिंसा हुई, जिसके बाद शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया। शहर में रामनवमी के जुलूसों से झड़पों और आगजनी की खबरें सामने आईं और अशांत इलाकों में पुलिस तैनात कर दी गई।

पश्चिम बंगाल

भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के हावड़ा में सांप्रदायिक हिंसा दिखाते हुए एक वीडियो ट्वीट किया, जहां कथित तौर पर रामनवमी के जुलूस पर पुलिस ने हमला किया था। अधिकारी ने कहा कि समारोह में भाग लेने वालों को परेशान किया गया और उनकी पिटाई की गई।

यह भी पढ़ें: बर्थडे पार्टी में नाबालिग की गैंगरेप के बाद मौत, TMC नेता का बेटा गिरफ्तार

गुजरात

समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, गुजरात के आणंद जिले और साबरकांठा जिले में सांप्रदायिक हिंसा की सूचना मिली थी। दोनों क्षेत्रों से पथराव और आगजनी की खबरें सामने आईं, जिसमें कई लोग घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस के गोले दागने पड़े।

यह भी पढ़ें: सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, अप्रैल में मिलेगा बढ़ा हुआ डीए

Related Post

बिना कंडीशन के हो बातचीत, वरना हमें लाठी-डंडे-गोली से भगा दें- सरकार के प्रस्ताव पर बोले टिकैत

Posted by - July 9, 2021 0
कोरोना संकट के बीच भी कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन पिछले 7 माह से जारी है, आंदोलन एक…