रैना शुक्ला

निर्बल वर्ग की बालिकाओं को सशक्त बनाने में जुटीं रैना शुक्ला, दे रहीं हैं मुफ्त ट्रेनिंग

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लखनऊ। आर्थिक रूप से निर्बल व झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली छात्राएं भी सशक्त हों। इसके साथ ही आत्मरक्षा के लिए तैयार रहें। इसके लिए लखनऊ विश्वविद्यालय की स्नातक छात्रा रैना शुक्ला एक बीड़ा उठाया है। मार्शल आर्ट में ब्लैक बेल्ट हासिल करने वाली रैना जल्द ही लविवि की छात्राओं के लिए भी यह अभियान चलाएंगी। इसके साथ ही रैना शुक्ला सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करना चाहती हैं।

रैना शुक्ला सेना में भर्ती होकर करना चाहती हैं देश की सेवा 

बता दें कि लखनऊ विश्वविद्यालय में बीए की छात्रा रैना शुक्ला मार्शल आर्ट के लिए राष्ट्रीय स्तर पर कई मेडल जीत चुकी हैं। खेले के साथ ही रैना पढ़ाई में अच्छा प्रदर्शन कर रही हैं। रैना ने आठ साल की उम्र से मार्शल आर्ट सीखना शुरू किया था। इसके बाद रैना ने परिवार की बहनों को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देना शुरू किया। इसके बाद यह अभियान आस पास की गरीब छात्राओं के लिए चलाया।

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अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से लविवि में चले मिशन साहसी कार्यक्रम में उन्होंने छात्रावासों में जाकर छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया है। अब इसे एक बार फिर से वह छात्राओं के लिए शुरू करने जा रही हैं। एनसीसी कैडेट रैना का मुख्य मकसद आगे चलकर सेना में जाना है।

मार्शल आर्ट से छात्राओं में आता है आत्मविश्वास

रैना ने बताया कि घरवालों की प्रेरणा से मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लेना शुरू किया था। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास आता है। उन्हें लगता है कि वह कमजोर नहीं हैं। वह भी कुछ कर सकती हैं। इसलिए छात्राओं को इसका प्रशिक्षण जरूर लेना चाहिए। छात्राओं में सबसे जरूरी आत्मविश्वास भरना है। मार्शल आर्ट उसका एक भाग ही पूरा करता है। हम सबकी जिम्मेदारी है कि हम छात्राओं को आत्मविश्वास दें।

लखनऊ विश्वविद्यालय की मेधावी छात्र परिषद के साथ मिलकर कर रहीं काम

रैना शुक्ला लखनऊ विश्वविद्यालय की मेधावी छात्र परिषद के साथ मिलकर आत्मरक्षा प्रशिक्षण अभियान चलाती हैं। मेधावी छात्र परिषद के अध्यक्ष दुर्गेश त्रिपाठी ने बताया कि एक कार्यक्रम के दौरान रैना उनके संपर्क में आईं। रैना भी समाज के लिए कुछ करना चाहती हैं। इसलिए हमने उन्हें छात्राओं को आत्मरक्षा के लिए नि:शुल्क प्रशिक्षण देने के अभियान से जोड़ा है। इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं।

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