पूर्व केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने लिया राजनीति से संन्यास

838 0

वहीं फेसबुक पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा कि सामाजिक कार्य करने के लिए राजनीति को छोड़ना पड़ रहा है। उन्होंने अपनी पोस्ट में कहा है कि मैं हमेशा एक टीम का खिलाड़ी रहा हूं। हमेशा एक टीम को सपोर्ट किया है- मोहनबागान। एक ही पार्टी का समर्थन किया है- भाजपा। बाबुल सुप्रियो ने इस बात का भी जिक्र किया है कि वे बहुत पहले से पार्टी छोड़ना चाहते थे। वे पहले ही मन बना चुके थे कि अब राजनीति में नहीं रहना है।

उन्होंने कहा है कि चुनाव से पहले पार्टी संग मेरे कुछ मतभेद थे। वो बातें चुनाव से पहले ही सभी के सामने आ चुकी थीं। हार के लिए मैं  तो जिम्मेदारी लेता ही हूं, लेकिन दूसरे नेता भी जिम्मेदार हैं। बंगाल में भाजपा की वर्तमान स्थिति पर बाबुल ने कहा है कि अब पार्टी के पास कई नेता मौजूद हैं और नौजवान भी पार्टी की ताकत बढ़ा रहे हैं। उन्होंने कहा कि उन्होंने बंगाल में जुड़ने का निर्णय तब लिया यहां पर भाजपा की उपस्थिति न के बराबर थी।

कभी गाली तो कभी पुलिस लाठी बरसाती है, UP में हक मांगना अपराध है?- पूर्व IAS ने CM से किया सवाल

पिछले कुछ दिनों में मैं अमित शाह और जेपी नड्डा जी के पास गया और उन्हें बताया कि मैं क्या महसूस कर रहा हूं। मैं उनके द्वारा दिए प्यार को कभी नहीं भूल सकता। मेरी हिम्मत नहीं उनके पास जाकर ये कहूं कि राजनीति छोड़ रहा हूं। मैंने काफी पहले ही इस बारे में फैसला कर लिया था। लेकिन अब उनके पास जाऊंगा तो लगेगा कि मैं मोलभाव कर रहा हूं और जब ये ठीक नहीं है तो मैं नहीं चाहता उन्हें गलत संकेत मिले। मैं प्रार्थना करूंगा कि वो मुझे गलत न समझें।

Related Post

CM Yogi

राष्ट्र प्रथम ही ध्येय रहा महाराणा प्रताप का: योगी

Posted by - December 4, 2023 0
गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi)  ने कहा कि महाराणा प्रताप,महंत दिग्विजयनाथ, महंत अवेद्यनाथ जैसे ऋषि.मुनि और…
Bhamashah Jayanti

भव्य आयोजनों के जरिए ‘व्यापारी कल्याण दिवस’ के रूप में मनेगी भामाशाह जयंती

Posted by - September 18, 2023 0
लखनऊ । देश की आन-बान शान रहे वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की बहादुरी के किस्से-कहानियों की बात करते लोग आज भी…

हिंदी से न्याय आंदोलन के पुरोधा चंद्रशेखर उपाध्याय को मातृशोक, जन्मभूमि में ही पंचतत्व में विलीन

Posted by - June 12, 2022 0
लुधियाना/देहारादून। दलितों के उत्थान एवं उन्हें बराबरी का दर्जा दिलवाने के लिए आजीवन संघर्षरत एवं प्रयासरत रहीं सुप्रसिद्ध समाजसेविका श्रीमती…