मनीष की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुलिस की बर्बरता का खुलासा, सिर-चेहरे समेत शरीर पर गंभीर चोटें

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गोरखपुर। गोरखपुर पुलिस की पिटाई से कानपुर के प्रॉपर्टी डीलर मनीष गुप्ता की मौत के मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने पुलिस की झूठी कहानी की पोल खोल कर रख दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि मनीष के सिर, चेहरे और शरीर पर गंभीर चोट के निशान हैं। मनीष के सिर के अगले हिस्से पर तेज प्रहार किया गया, जिससे उनके नाक के पास से खून बह रहा था। इससे एक बात तो साफ है कि सिर्फ गिरने भर से ऐसी चोट संभव नहीं है। दूसरे, होटल के कमरे में गिरने से इस तरह की चोट पर भी सवाल उठ रहा है। उधर पुलिस इसे अभी भी हादसे में हुई मौत ही बता रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। इस मामले में छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।

आज हुआ अंतिम संस्कार

मनीष गुप्ता का अंतिम संस्कार मौत के 53 घंटे बाद गुरुवार सुबह हुआ। इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ से मिलने को अड़े पीड़ित परिजन मनीष का अंतिम संस्कार नहीं कर रहे थे। बुधवार देर रात कानपुर के पुलिस कमिश्नर असीम अरुण समेत कई आला अधिकारी मनीष के घर पहुंचे और उनकी पत्नी मीनाक्षी से बात की थी। इस दौरान असीम अरुण ने कहा कि गुरुवार को परिवार की सीएम योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कराई जाएगी, जिसके बाद पीड़ित परिजनों मनीष के अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए थे।

बता दें कि सीएम योगी परिवार से बात कर चुके हैं और आज मुलाक़ात भी कर सकते हैं। यूपी के कानून मंत्री ब्रजेश पाठक का कहना है कि इस मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाया जाएगा। ब्रजेश पाठक ने कहा, किसी को भी कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है, चाहे वह पुलिसकर्मी हो या उच्च पदों पर आसीन कोई अन्य व्यक्ति। सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। हम उनकी मांगों को सुनेंगे।

पुलिस की कहानी

पुलिस के मुताबिक़ अपराधियों की चेकिंग के दौरान थाना रामगढ़ताल की पुलिस एक होटल में गई थी। वहां पर एक कमरे में तीन संदिग्ध युवक अलग-अलग शहर से आए थे। इस सूचना पर पुलिस होटल मैनेजर को साथ में लेकर कमरे की चेकिंग करने गई, जहां पर हड़बड़ाहट में एक युवक (मनीष) की कमरे में गिरने से चोट गई। इसके बाद पुलिस ने तत्काल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पत्नी ने की न्याय दिलाने की मांग

मनीष की पत्नी मीनाक्षी गुप्ता मंगलवार शाम होटल कृष्णा पैलेस भी गईं, जहां पति की मौत हुई थी। होटल के कमरे की सफाई पर मीनाक्षी ने सवाल खड़े किए हैं। पुलिस से पूछा कि आखिर घटनास्थल की सफाई क्यों कराई गई? कमरे में जो खून फैला था, उसे धुलवाया क्यों गया? कमरे को सीज कर फोरेंसिक जांच क्यों नहीं कराई गई? वहां पर खून बिखरे थे और कई ऐसे साक्ष्य थे जिसकी फोरेंसिक जांच होती तो कई सच्चाई सामने आती, मगर ऐसा नहीं किया गया। पत्नी का आरोप है कि पुलिस ठीक से जांच नहीं कर रही है, क्योंकि मामले में पुलिस कर्मी ही आरोपी हैं। अगर किसी दूसरे व्यक्ति की मौत होती तो पुलिस कमरे को सीज करके ही जांच-पड़ताल जरूर करती। मीनाक्षी ने हाथ जोड़कर न्याय दिलाने की मांग की है।

पूरा मामला

मनीष गुप्ता अपने दो दोस्तों हरदीप सिंह चौहान और प्रदीप सिंह चौहान के साथ सोमवार सुबह गोरखपुर घूमने गए थे। यहां ये लोग होटल कृष्णा पैलेस के रूम नंबर 512 में ठहरे थे। हरदीप ने बताया कि सोमवार रात 12:30 बजे पुलिस होटल में चेकिंग करने पहुंची थी। मनीष को सोते हुए जगाया तो उन्होंने पूछा इतनी रात में चेकिंग किस बात की हो रही है, क्या हम आतंकी हैं? इस पर पुलिस वालों ने उसे पीटना शुरू कर दिया। इसी दौरान मनीष के सिर में चोट लग गई जिसके बाद उसे अस्पताल ले जकाया गया था जहां उसकी मौत हो गई।

परिवार के इकलौते बेटे थे मनीष गुप्ता

मनीष गुप्ता की पत्नी मीनाक्षी ने बताया कि 8 साल पहले वर्ष 2013 में उनकी शादी हुई थी। मनीष रियल इस्टेट का काम करते थे। परिवार में बीमार ससुर के अलावा उनका 4 साल का एक बेटा अभिराज है. मनीष की तीन बहनें हैं, उनकी शादी हो चुकी है। मीनाक्षी ने बताया कि सोमवार देर रात में फोन पर बात के बाद लगा कि शायद सब कुछ ठीक हो गया होगा, लेकिन मंगलवार सुबह करीब 5 बजे फोन पर पता चला पति अब इस दुनिया में नहीं हैं।

 

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