Navratri

Navratri 2020 : नवरात्रि में कलश स्थापना का जानें सही विधि

1853 0

नई दिल्ली। शारदीय नवरात्रि (Navratri)  17 अक्टूबर शुरू हो रहा है। हिन्दू धर्म में नवरात्रि का विशेष महत्व होता है। नवरात्रि  इस बार अधिक मास लगने के कारण नवरात्रि 25 दिन देरी से शुरू हो रही है। इस बार नवरात्रि 17 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक रहेगी। इस बार अष्टमी और नवमी तिथि एक ही दिन पड़ेगी, जिसके कारण नवरात्र में देवी आराधना के लिए पूरे 9 दिन मिलेंगे।

प्रतिपदा तिथि को माता के प्रथम स्वरूप शैल पुत्री के साथ ही कलश स्थापना के लिए भी अति महत्त्वपूर्ण दिन होता है। कलश स्थापना या कोई भी शुभ कार्य शुभ समय व तिथि में किया जाना शुभ माना जाता है। इसलिए इस दिन कलश स्थापना के लिए शुभ मुहूर्त पर विचार किया जाना अत्यावश्यक है।

फिल्म ‘द व्हाइट टाइगर’ का First Look प्रियंका चोपड़ा ने किया शेयर

नवरात्रि के 9 दिनों में मां भगवती के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। हर स्वरूप सौभाग्य का प्रतीक होता है। इन शुभ दिनों में मां की हर रोज पूजा की जाती है। ज्यादातर लोग 9 दिन का व्रत भी रखते हैं। वैसे तो मां को श्रद्धा भाव से लगाए गए हर भोग को ग्रहण करती हैं, लेकिन नवरात्रि के दिनों में मां के हर स्वरूप का अलग भोग लगता है।

जानिए किस दिन होती है किस देवी की पूजा?

नवरात्रि के पहले दिन शैलपुत्री, दूसरे दिन ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन चंद्रघंटा, चौथे दिन कुष्मांडा, पांचवें दिन स्कंदमाता, छठे दिन कात्यानी, सातवें दिन कालरात्रि, आठवें दिन महागौरी, नवें दिन सिद्धिदात्री की पूजा की जाती है।

जानिए कैसे करें नवरात्रि पर कलश पूजन?

सभी प्राचीन ग्रंथों में पूजन के समय कलश स्थापना का विशेष महत्व बताया गया है। सभी मांगलिक कार्यों में कलश अनिवार्य पात्र है। दुर्गा पूजन में कलश की स्थापना करने के लिए कलश पर रोली से स्वास्तिक और त्रिशूल अंकित करना चाहिए और फिर कलश के गले पर मौली लपेट दें। जिस स्थान पर कलश स्थापित किया जाता है। पहले उस स्थान पर रोली और कुमकुम से अष्टदल कमल बनाकर पृथ्वी का स्पर्श करते हुए निम्न मंत्र का उच्चारण करना चाहिए।

ओम भूरसि रस्यादितिरसि विश्वधाया विश्वस्य भुवनस्य धात्रीं।

पृथिवीं यच्छ पृथिवी दृह पृथ्वीं माहिसीः।।

ओम आ जिघ्र कलशं मह्या त्वा विशन्तिवन्दवः।

पुनरूर्जानि वर्तस्व सा नः सहस्रं धुक्ष्वोरुधारा

पयस्वती पुनर्मा विशताद्रयिः।।

जानें कलश स्थापना की विधि

सुबह नहाकर साफ कपड़े पहने, इसके बाद एक पात्र लें। उसमें मिट्टी की एक मोटी परत बिछाएं। फिर जौ के बीज डालकर उसमें मिट्टी डालें। इस पात्र को मिट्टी से भरें। इसमें इतनी जगह जरूर रखें कि पानी डाला जा सके। फिर इसमें थोड़े-से पानी का छिड़काव करें।

Related Post

CM Dhami

यूसीसी में सभी परिवारों का पंजीकरण करवाने के लिए प्रेरित किया: सीएम धामी

Posted by - May 4, 2025 0
हरिद्वार। उच्च शिक्षा विभाग एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में अखंड भारत : समान नागरिक संहिता के परिप्रेक्ष्य…
CM Dhami

पं. गोविन्द बल्लभ पंत ने समाज में व्याप्त बुराइयों को मिटाने में अहम भूमिका निभाई : मुख्यमंत्री

Posted by - September 9, 2024 0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने सोमवार को भारत रत्न पं. गोविन्द बल्लभ पंत को उनकी जयंती के…
Susheel Chandra,Aadhar

आधार को वोटर लिस्ट से जोड़ने का नियम जल्द होगा लागू, मुख्य निर्वाचन आयोग ने दी जानकारी

Posted by - May 14, 2022 0
नई दिल्ली। मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा (chief election commissioner Susheel Chandra) ने कहा कि सरकार आधार कार्ड (Aadhar Card)…