मायावती

मायावती की बढ़ी मुश्किलें , 21 चीनी मिल बिक्री मामले में सीबीआई ने दर्ज की FIR

976 0

लखनऊ। लोकसभा चुनाव 2019 के बीच ही बसपा सुप्रीमो मायावती की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं। सीबीआई ने वर्ष 2010-11 में कथित अनियमितताओं के एक मामले में एफआईआर दर्ज की है, जिसमें सरकारी स्वामित्व वाली सात चीनी मिलों का विनिवेश किया गया था।

चीनी मिलों को बेचे जाने से 1,179 करोड़ रुपए का हुआ नुकसान

बता दें कि यूपी की इन चीनी मिलों को खरीदने के दौरान दस्तावेजों को जाली बनाने के आरोप में सात निजी लोगों को नामजद किया गया है। योगी आदित्यनाथ सरकार ने 21 सरकारी शुगर मिल को बेचे जाने के मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो सीबीआई को सौंप दी थी। यूपी की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर इन शुगर मिल्स को बाजार दर से कम कीमत पर बेचने का आरोप है। इससे सरकारी खजाने को 1179 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

वर्ष 2010-11 में बेची गई 21 चीनी मिलों से जुड़ा है मामला

आरोप है कि मायावती सरकार ने 21 मिलों को, जिनमें से 10 चल रही थी, बाजार भाव से बेहद कम दर पर बेच दिया था। यह सारा घोटाला सम्पत्तियों के मूल्यांकन के दौरान ही किया गया था। इस तरह कुल 35 सरकारी चीनी मिलों को मायावती सरकार ने अपने चहेते ग्रुप को लाभ पहुंचाने के लिए गैरपारदर्शी ढंग से बेचा और सरकारी राजस्व को लगभग 25 हजार करोड़ का चूना लगाया। सीएजी रिपोर्ट में चीनी मिलों के मूल्यांकन में हेराफेरी और मनमाने ढंग से मूल्यांकित मूल्य में कमी करने, मूल्यांकन में सर्किल रेट के आधार पर आकलन न करने, गैर पारदर्शी तरीके से नीलामी और टेंडर प्रक्रिया में हेराफेरी से हजारों करोड़ के राजस्व हानि की पुष्टि हुई है।

चीनी मिलों की नीलामी और टेंडर प्रक्रिया पर कैग ने उठाये थे सवाल

भारत के नियंत्रक एवं महालेखापरीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट में कहा गया है कि जिन 35 चीनी मिलों को तत्कालीन बसपा सरकार ने औने-पौने दामों में बेचकर सरकारी खजाने को हजारों करोड़ का चूना लगाया, उनकी मूल्यांकन प्रक्रिया अत्यंत त्रुटिपूर्ण थी। यह मूल्यांकन प्रक्रिया विभिन्न चीनी मिलों की संपत्तियों को भी चीनी मिलों के साथ खरीदारों को भारी एवं अनुचित लाभ देने के उद्देश्य से बनाई गई थी। दरअसल यह सारा खेल मायावती सरकार के चहेते शराब माफिया पोंटी चड्ढा ग्रुप को लाभ पहुंचाने के लिए खेला था। यहां तक कि कर काटने के बाद भी फायदे में चल रही तीन चीनी मिलों बिजनौर, बुलंदशहर एवं चांदपुर को बेच दिया गया।

ये भी पढ़ें :-राहुल गांधी का केंद्र पर बड़ा हमला – कुछ नहीं सब झूठा है, नरेंद्र मोदी ने लूटा है

सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार निर्धारित विनिवेश नीति का उल्लंघन

सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार ने चीनी मिलों की बिक्री में केन्द्र सरकार द्वारा निर्धारित विनिवेश नीति का उल्लंघन किया। चीनी मिलों की भूमि के अलावा संयंत्र, मशीनरी व फैक्ट्री के भवनों, चीनी गोदामों के साथ रिहायशी आवासों और अन्य अचल संपत्तियों के मूल्यांकन में भारी धांधली की गई। मूल्यांकन में बिना कारण बताए भूमि के मूल्य में और भवनों में 25 प्रतिशत की छूट दी गई। सर्किल रेट को अनदेखा करने के कारण स्टांप ड्यूटी में चोरी से 600 करोड़ से अधिक की क्षति हुई।

 

 

Related Post

Haryana government

रामलला के दरबार में हरियाणा सरकार ने नवाया शीश, हनुमानगढ़ी में किया पूजन-अर्चन

Posted by - June 24, 2024 0
अयोध्या । हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी (CM Nayab Singh) ने सोमवार को यहां श्रीरामलला (Ramlala Darshan) के मंदिर में दर्शन…

Unnao Case: ऐक्शन में योगी, बच्ची के इलाज को KGMU से भेजी डॉक्टरों की स्पेशल टीम

Posted by - February 19, 2021 0
लखनऊ। बुधवार देर रात उन्नाव जिले से सामने आई घटना पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ(CM Yogi Adityanath) लगातार…

‘द फेवरेट’ को ‘बाफ्टा’ में मिले 12 नामांकन,आज होगा पुरस्कारों का ऐलान

Posted by - January 10, 2019 0
नई दिल्ली। ब्रिटिश रॉयल ड्रामा ‘द फेवरेट’ को इस साल ब्रिटिश अकादमी फिल्म पुरस्कार में 12 श्रेणियों में नामांकित किया…
NSG कमांडो

NSG कमांडो ऐसे करते हैं कार्रवाई, Video देख दांतों तले उंगलियां दबाएंगे आप

Posted by - March 1, 2020 0
नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने रविवार को पश्चिम बंगाल के राजरहाट में राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के नए भवन…