लिसीप्रिया कंगुजम बोली-प्रदूषण मुक्त हो दुनिया, वैश्‍व‍िक नेताओं को लिखा ये संदेश

1260 0

नई दिल्ली। पर्यावरण संरक्षण के लिए स्वीडन की पर्यावरण एक्टिविस्ट के रूप में पूरे विश्व में ग्रेटा थनवर्ग ख्याति अर्जित कर चुकी हैं, लेकिन आज हम आपको मणिपुर की आठ वर्षीय लिसीप्रिया कंगुजम के बारे में बताने जा रहे हैं।

लिसीप्रिया कंगुजम भी स्वच्छ दुनिया की मांग को लेकर मुहिम शुरू की है। क्लास दो में पढ़ रही आठ साल की लिसीप्रिया जून में संसद भवन के बाहर खड़ी हो गई थी। इस दौरान वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से क्लाइमेट चेंज पर सख्त कानून बनाने की मांग की थी। लिसीप्रिया का कहना है कि विश्व भर के नेताओं को उनके द्वारा कही गई बातों पर कार्य करने की जरुरत है।

यूएन में भारत को रिप्रजेंट करने वाली सबसे छोटी उम्मीदवार 

लिसीप्रिया अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वैश्विक नेताओं के सामने पर्यावरण में बदलाव और प्राकृतिक आपदाओं को कम करने की मांग कर चुकी हैं। बता दें कि कंगुजम ने पर्यावरण बचाने के लिए यह मुहिम सात साल की उम्र से शुरू की थी। वह यूएन मुख्यालय में भारत प्रतिनिधित्व करने वाली सबसे कम उम्र की भारतीय बनने का गौरव हासिल कर चुकी हैं।

सप्ताह के आख़िरी दिन शेयर बाजार में दिखा उछाल, जानें आज का हाल 

तैयार किया मास्क का नाम ‘survival kit for the future’ (SUKIFU) रखा

लिसीप्रिया पर्यावरण जागरूकता अभियान चलाने और प्राकृतिक आपदाओं के पीड़ितों की मदद करने के अलावा आने वाली पीढ़ी के सुरक्षित भविष्य के लिए एक ‘सर्वाइवल किट’ भी तैयार किया है। आईआईटी जम्मू के छात्रों की मदद से इस किट को विकसित किया गया है। किट में एक ग्लास बॉक्स में एक पौधा होता है, जो स्वच्छ हवा प्रदान करने के लिए मास्क से जोड़ा गया है।

लिसीप्रिया अब तक 18 देशों का भ्रमण चुकी हैं

लिसीप्रिया ने बताया कि अब तक 18 देशों का भ्रमण चुकी हैं। उनको जागरूकता अभियान, सम्मेलनों और रैलियों का आयोजन करने के चलते उनकी स्कूली शिक्षा छूट गई है। उन्होंने बताया कि छुट्टियों में सब कार्यक्रमों का आयोजन करने के बाद भी पढ़ाई के लिए समय निकालना कठिन हो जाता था। लिसीप्रिया को डॉ एपीजे अब्दुल कलाम चिल्ड्रन अवार्ड 2019, भारत शांति पुरस्कार 2019, और विश्व बाल शांति पुरस्कार से सम्मानित हो चुकी हैं। इस वर्ष उन्होंने ग्रेटा थनबर्ग के साथ संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा युवा पर्यावरणविदों के लिए आयोजित बैठक में हिस्सा ले चुकी हैं।

केके सिंह ने बताया कि लिसीप्रिया की मुफ्त शिक्षा के लिए प्रस्ताव आया

लिसीप्रिया के पिता केके सिंह ने बताया कि उसकी लड़ाई हमारे लिए भी कठिन है। संसद के सामने प्रदर्शन करने के लिए फरवरी में लिसीप्रिया की पढ़ाई बीच में ही छूट गई। हमारे लिए भी हर हफ्ते दिल्ली जाना मुश्किल था,लेकिन लिसीप्रिया ने वैश्विक नेताओं से अपने भविष्य और ग्रह को बचाने के लिए तत्काल जलवायु पर कार्रवाई करने का आह्वान किया। केके सिंह ने कहा कि लिसीप्रिया को सही मार्गदर्शन देना हमारे लिए चुनौती है। हम उससे केवल छुट्टी वाले दिन ही अभियान से जुड़े काम करने की सलाह देते है। वह एक आत्म प्रेरित लड़की है।

हाल ही में लिसीप्रिया की मुफ्त शिक्षा के लिए प्रस्ताव आया है। कंगजुम देश के सभी बच्चों से पर्यावरण में हो रहे बदलावों को लेकर काम करने को कह रही हैं। लिसीप्रिया ने अपने अभिभावकों को भी साइकिल के इस्तेमाल करने की सलाह देती हैं।

Related Post

cm dhami

राज्य में होने वाले विकास को सुनिश्चित करेगा चिंतन शिविर: सीएम धामी

Posted by - November 25, 2022 0
देहारादून। मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने कहा कि उत्तराखंड राज्य में चिंतन शिविर का अपना एजेंडा है, जो…
CM Dhami

उत्तराखंड के वीरों के बिना अधूरी है कारगिल की विजय गाथा, पूरे विश्व ने माना भारतीय सेना का लोहा: धामी

Posted by - July 26, 2024 0
देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने कारगिल विजय दिवस (शौर्य दिवस) पर शुक्रवार को गांधी पार्क में आयोजित…
CM Bhajan Lal

सीएम भजनलाल ने अतिवृष्टि और जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का किया हवाई सर्वेक्षण

Posted by - August 13, 2024 0
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा (CM Bhajan Lal) ने मंगलवार को करौली, दौसा और भरतपुर जिलों में जलभराव व अतिवृष्टि प्रभावित…
CM Dhami met the disaster affected villagers

प्रभावित क्षेत्र में नुकसान का आकलन कर पुनर्वास प्रक्रिया को गति दी जाएगी:

Posted by - September 7, 2025 0
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (CM Dhami) ने शनिवार को बागेश्वर के आपदा प्रभावित क्षेत्र पौंसरी में ग्रामीणों से भेंट कर…
RANDEEP SURJEWALA

कांग्रेस का सवाल-साठ हजार करोड़ की राफेल डील में किसे दिए गए करोड़ों के ‘गिफ्ट’?

Posted by - April 5, 2021 0
नई दिल्ली। फ्रांस के पब्लिकेशन मीडियापार्ट ने अपनी रिपोर्ट में दावा किया है कि 2016 में जब भारत और फ्रांस…