कवि कुमार विश्वास देश दुनिया में अपनी मनमोहक कविता पाठ और कविता के लिए जाने जाते हैं। हिंदी कवियों में उनकी अपनी एक अलग ही पहचान है। उनकी कुछ कविताओं को देश दुनिया में काफी पसंद किया जाता है और लोग गाहे बगाहे उसे गुनगुनाते भी रहते हैं। वो जब भी किसी बड़े कवि सम्मेलन में जाते हैं तो कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है, नामक कविता को सुनाने की मांग जरूर होती है और कुमार विश्वास उस कविता को उसी पुराने अंदाज में सुनकर महफिल लूट ले जाते हैं।
हम कोई हंगामेदार आदमी नहीं हैं जो हंगामा काटते फिरें, हमें सिर्फ अपने मुद्दे से मतलब- टिकैत
आपकी दृष्टि का दोष नहीं है प्रिय बंधु।सहस्रों वर्षों की ग़ुलामी का प्रतिफल है यह मानसिकता कि अप्रमेय-कठिन व प्रांजल अंग्रेज़ी लिखने वाले लोग लुटियन-सर्किलों में बौद्धिक कहाते हैं पर भाषाई-शुद्धता के लिए सतर्क हम जैसे क़स्बाई देसी, शुद्ध हिंदी के लिए उपहास के पात्र माने जाते हैं🙏 https://t.co/cegilKXL4N
— Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) July 20, 2021

