कलावती

‘खुले में शौचालय अभियान’ चलने वाली कलावती नारी शक्ति पुरस्कार से हुई सम्मानित

1177 0

नई दिल्ली। आज से 32 साल पहले देश में विकास की सीढ़ी शायद उतनी ही पीछे थी जितनी की काफी साल पहले थी। लेकिन इतनी अविकसित देश होने के बाद भी अगर कोई स्वच्छता पर विशेष ध्यान रखते हुए लोगों को खुले में शौच न करने की सीख दे, तो शायद वह कोई महान ही हो सकता है। तो बता दें कि उस स्वच्छता वीरांगना का नाम कलावती है, जो आज राजमिस्त्री का काम करती हैं। अपने काम के कारण ही वो स्वच्छता वीरांगना के नाम से जानी जाती हैं।

कलावती को आत्म निर्भर बनने की प्रेरणा उनके पति जयराज सिंह से मिली। पति भी राजमिस्त्री थे। उनके निधन के बाद कलावती ने अपना पूरा जीवन खुले में शौचालय अभियान को दे दिया। रविवार को जब राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने उन्हें दिल्ली में नारी शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया तो फिर से उनके संघर्ष की कहानी लोगों के सामने आ गई। आज से करीब 42 साल पहले कलावती सीतापुर से अपने पति के साथ कानपुर आई थीं।

जेके मंदिर के पीछे राजापुरवा में रहते हुए वह भी अपने पति के साथ भवन निर्माण में मजदूरी करने लगी। इसी दौरान उन्होंने पति का हाथ बंटाने के लिए राजमिस्त्री के रूप में काम करना शुरू किया। कुछ समय बाद वह श्रमिकों के कल्याण के लिए गठित संस्था श्रमिक भारती से जुड़ गईं। इसके बाद कलावती ने पीछे नहीं देखा। वह अपने साथ और भी महिलाओं को जोड़कर पूरा कुनबा तैयार कर लिया।

खुले में बिकने वाली मिठाइयों पर भी एक्सपायरी डेट लिखना अनिवार्य

कलावती यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान से भी पहले से ही श्रमिक भारती के जरिए चला रही थीं। मोदी की मुहिम ने उन्हें और ताकत दी। जिसका परिणाम आज सभी के सामने है। सबसे पहले उन्होने करीब तीन लाख की लागत से एक सामुदायिक शौचालय का निर्माण किया था। अब तक वह 40 हजार से अधिक शौचालयों का निर्माण कर चुकी है।

कलावती ने जेके मंदिर के समीप स्थित राजापुरवा बस्ती से शौचालय निर्माण अभियान की शुरुआत किया। इसके साथ ही राखी मंडी, जूही, समेत कई जगह सामुदायिक और एकल शौचालय बनवाकर लोगों को खुले में शौच से मुक्ति दिलाई। शहरी बस्तियों के बाद उन्होंने गांवों में भी इस मुहिम को चलाया।

पति की मौत के बाद वह वर्ष 2015 से अपनी बेटी और दामाद के साथ शिवराजपुर स्थित कुंवरपुर गांव में रह रही हैं। श्रमिक भारती के अमिताभ ने बताया कि कलावती में अपने काम के प्रति लगन थी, जिसकी वजह से वह इस मुकाम पर पहुंची।

Related Post

प्रशांत किशोर

जेडीयू से इस्तीफे पर बोले प्रशांत किशोर- नीतीश कुमार से मुलाकात के लूंगा फैसला

Posted by - December 14, 2019 0
नई दिल्ली। जनता दल यूनाइटेड के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने पार्टी से इस्तीफा देने के सवाल पर फिलहाल साफ कुछ…
Priyanka Gandhi

UP के ग्रामीण इलाकों में नहीं हो रहा कोरोना टेस्ट, शहरों में भी मुश्किल: प्रियंका

Posted by - April 27, 2021 0
नई दिल्ली। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi)  ने कहा कि प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में कोरोना टेस्ट नहीं हो…
सुप्रीम कोर्ट

प्राइवेट लैब मुफ्त करें कोरोना टेस्ट, सरकार जारी करे निर्देश : सुप्रीम कोर्ट

Posted by - April 8, 2020 0
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के देश में बढ़ते संक्रमण के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र को महत्वपूर्ण निर्देश…
रणदीप सुरजेवाला

राफेल पर फैसला आते ही कांग्रेस का विवादित बयान, अब पाक में अब नहीं छूटेंगे मोदी की जीत के पटाखे

Posted by - April 10, 2019 0
नई दिल्ली। राफेल सौदे पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला आते ही कांग्रेस पार्टी का जोश बढ़ गया। कांग्रेस अध्यक्ष भी…