सोराइसिस

जानकारी : धूम्रपान करने से सोराइसिस का खतरा हो जाता है दोगुना

403 0

मुंबई। धूम्रपान करने से सोराइसिस का खतरा दोगुना हो जाता है,क्योंकि निकोटिन के चलते त्वचा की निचली परत में रक्त संचार बाधित हो जाता है। इस कारण त्वचा को ऑक्सीजन कम मिलती है।

निकोटिन रक्त को त्वचा की निचली परत में जाने से रोकता है, इसलिए त्वचा को कम मिलती है ऑक्सीजन 

यह जानकारी स्पेशल इंटरेस्ट ग्रुप, सोराइसिस, इंडियन असोसिएशन ऑफ डम्रेटोलॉजिस्ट्स वेनेरीयोलॉजिस्ट्स लेप्रोलॉजिस्ट्स (आईएडीवीएल) इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक डॉ. अबीर सारस्वत ने दी। उन्होंने बताया कि निकोटिन रक्त को त्वचा की निचली परत में जाने से रोकता है, इसलिए त्वचा को कम ऑक्सीजन मिलती है। डॉ. अबीर सारस्वत ने बताया कि इससे कोशिका उत्पादन की गुणवत्ता प्रभावित होती है, जिससे सोराइसिस जैसे रोग होते हैं।

ये भी पढ़ें :-वायनाड की लड़की श्रीधन्य सुरेश की सिविल सेवा में 410वां रैंक , राहुल ने दी बधाई 

सर्वे के अनुसार, दुनिया में 12.5 करोड़ लोग इस रोग से पीड़ित

सोराइसिस पर हुए सर्वे के अनुसार, दुनिया में 12.5 करोड़ लोग इससे पीड़ित हैं। हालिया एक अध्ययन में बताया गया है कि भारत में करीब चार से पांच फीसदी लोग इस रोग से पीड़ित हैं। विशेषज्ञ बताते हैं कि सोराइसिस का कोई एक कारण नहीं है, लेकिन यदि आपके परिवार के किसी सदस्य को रोग  है, तो आपको भी इसका खतरा हो सकता है।

स्किन बायोप्सी या स्क्रैपिंग से इस रोग का लगाया जा सकता है पता

अर्टेमिस हॉस्पिटल, गुरुग्राम में डर्मेटोलॉजी एंड कॉस्मेटोलॉजी की विभागाध्यक्ष डॉ. मोनिका बंब्रू ने सोराइसिस का लक्ष्ण बताते हुए कहा कि में त्वचा लाल हो जाती है और सफेद दाग उभर आते हैं। यह सिर, कुहनी, घुटने और पेट की त्वचा पर हो सकता है। स्किन बायोप्सी या स्क्रैपिंग से इस रोग का पता लगाया जा सकता है। सोराइसिस की स्थिति और शरीर के कितने हिस्से पर इसका प्रभाव है, इसे देखते हुए कई प्रकार के उपचार उपलब्ध हैं। टॉपिकल थेरैपी और दवाएं लाभकारी होती है, लेकिन गंभीर स्थिति के लिए बायोलॉजिक्स जैसी एडवांस्ड थेरेपी की सलाह दी जाती है।

सोराइसिस का पूर्ण उपचार नहीं,जीवनशैली में बदलाव कर रोगी की स्थिति में कर सकते हैं सुधार

शोध में पाया गया कि मोटापे और सोराइसिस के बीच संबंध है और अत्यधिक भार वाले लोगों की त्वचा में घर्षण और पसीने से घाव होने से सोराइसिस हो सकता है। जिन्हें पहले से सोराइसिस है, उनकी त्वचा कटने या छिलने से स्थिति बिगड़ सकती है। सोराइसिस के रोगियों को शराब नहीं पीने की विशेषज्ञ सलाह देते हैं, क्योंकि इससे स्थिति विकट हो सकती है। इसका पूर्ण उपचार नहीं हो सकता, लेकिन जीवनशैली में बदलाव करने और प्रभावी उपचार लेने से रोगी की स्थिति में सुधार दिखता है।

Loading...
loading...

Related Post

सोशल मीडिया का लोकप्रिय प्लेटफॉर्म फेसबुक 50 लाख महिलाओं को देगा ट्रेनिंग

Posted by - October 17, 2019 0
टेक डेस्क। फेसबुक की डिजिटल बेटी योजना के तहत आदिवासी महिलाओं को तकनीकी तौर पर रोजगार के लिए काबिल बनाया…
कांग्रेस के लिए समर्थन जुटाएंगे सिद्धू

भाजपा के लिए जहां इतने साल पहले मांगे थे वोट, वहीं कांग्रेस के लिए समर्थन जुटाएंगे सिद्धू

Posted by - May 1, 2019 0
चंडीगढ़। बुधवार यानी आज अंबाला शहर में जगाधरी गेट चौराहे पर ताल ठोकते हुए कांग्रेस प्रत्याशी कुमारी सैलजा के समर्थन…
सुप्रीम कोर्ट

प्राइवेट लैब मुफ्त करें कोरोना टेस्ट, सरकार जारी करे निर्देश : सुप्रीम कोर्ट

Posted by - April 8, 2020 0
नई दिल्ली। कोरोना वायरस के देश में बढ़ते संक्रमण के बीच सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र को महत्वपूर्ण निर्देश…