सफाई को लेकर ऐतिहासिक पहल पहली बार विस्तृत शासनादेश जारी

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लखनऊ। प्रदेश के नगर विकास, शहरी समग्र विकास, नगरीय रोजगार एवं गरीबी उन्मूलन मंत्री एके शर्मा (ak sharma) ने प्रधानमंत्री  के स्वच्छ भारत मिशन की प्रेरणा एवं मुख्यमंत्री की मंशानुरूप प्रदेश की जनता को सुखद एवं स्वस्थप्रद वातावरण एवं मूलभूत सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाते हुए आज नगरीय निकाय निदेशालय के चतुर्थ तल में राज्य स्तरीय डेडिकेटेड कन्ट्रोल एण्ड कमान्ड सेंटर (डी-सीसीसी) की शुरूआत की। इसके माध्यम से प्रदेश के नगरीय निकायों में नागरिक सुविधाओं एवं साफ-सफाई व्यवस्था की प्रभावी मॉनीटरिंग की जायेगी। इसका टोल फ्री नं0 18001800101 है।

उन्होंने कहा कि प्रातः 5 बजे से 8 बजे के बीच प्रत्येक नगरीय निकाय की सफाई ( cleanliness) हेतु अधिकृत व्यवस्था की गयी है और नगरीय निकाय के सभी अधिकारी, पदाधिकारी एवं कर्मचारी इसमें सहयोग प्रदान करेंगे। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। उन्होंने कहा कि इस सम्बंध में शासन से विस्तृत शासनादेश जारी किया गया है। उन्होंने कहा कि किसी भी निकाय के व्यस्त स्थानों पर द्वितीय पाली में भी सफाई की जायेगी। प्रदेश सरकार लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए उपयुक्त माहौल प्रदान कर रही है। उन्होंने हर निकाय के प्रत्येक जोन में क्लस्टर के मुख्य स्थलों पर सफाई के लिए जिम्मेदार अधिकारियों/कर्मचारियों के नाम एवं सम्पर्क नम्बर लिखने के भी निर्देश दिये।

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नगर विकास मंत्री ने कहा कि नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करना नगरीय निकायों का अनिवार्य कर्तव्य है और इस व्यवस्था को सुनिश्चित करने के लिए तथा शिकायतों के त्वरित निवारण हेतु सभी निकायों में 24×7 संचालित होने वाले कण्ट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके लिए उन्होंने मुख्यालय स्तर से एक चार डिजीट का डेडिकेटेड नं0 उपलब्ध कराने के लिए भी कहा है। कण्ट्रोल रूम से प्रतिदिन सुबह 5 से 8 बजे के बीच रियल टाइम मॉनीटरिंग की जायेगी। उन्होंने सफाई व्यवस्था में सफाई कर्मचारियो के योगदान की सराहना की तथा यह भी बताया कि आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों के प्रोत्साहन एवं उत्साहवर्द्धन के लिए उनके दैनिक वेतन में 10 प्रतिशत की वृद्धि की गयी है। अब उन्हें 336 रू. के स्थान पर 366 रू. मिलेंगे। उन्होंने निर्देशित किया कि जब भी कोई सम्बंधित अधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारी का वार्षिक मूल्यांकन करे, तो वह इस महत्वपूर्ण विषय को ध्यान में रखे कि उसने स्वच्छता के मामले में कितना योगदान दिया है। इसी आधार पर उसकी रेटिंग व एसीआर का मूल्यांकन भी किया जाय। उन्होंने कहा कि बिना प्रभावी मॉनीटरिंग के कोई व्यवस्था नहीं चलती है अतः इसके लिए एक डेडिकेटेड कन्ट्रोल रूम प्रत्येक नगरीय निकाय में बनाना आवश्यक है। जिसका काम सभी महत्वपूर्ण आवश्यक सेवाओं, साफ-सफाई आदि की प्रभावी मॉनीटरिंग करना होगा।

नगर विकास मंत्री ने कहा कि सभी निकायों के सड़कों, गलियों की सफाई, माइक्रो प्लान बनाकर की जाय। साथ ही नालियों एवं सीवर की सफाई भी आवश्यकतानुसार सुनिश्चित की जाय। लोगों को घरों से कूड़ा उठान दैनिक रूप से किया जाय और इसके लिए 15 जून तक सभी नगर आयुक्त एवं अधिशासी अधिकारी शत-प्रतिशत डोर टू डोर कूड़ा उठाने का प्रमाण पत्र उपलब्ध कराएंगे। साथ ही उप्र राज्य ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमावली के तहत इसके निस्तारण की समुचित व्यवस्था की जायेगी। उन्होंने साफ-सफाई व्यवस्था एवं कूड़े के निस्तारण के लिए 4-5 वार्डों का जोन/क्लस्टर बनाकर निकाय अधिकारियों/ निरीक्षकों की पर्यवेक्षण हेतु ड्यूटी लगाने के निर्देश दिये, जो कि प्रतिदिन प्रातः 5 से 8 बजे के बीच साफ-सफाई व्यवस्था की रेन्डम निरीक्षण करेंगे। उन्होंने निकायों में साफ-सफाई हेतु मशीनों, वाहनों, उपकरणों की समुचित उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा ज्यादा से ज्यादा आधुनिक तकनीक का प्रयोग करने को भी कहा।

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नगर विकास मंत्री ने कहा कि निदेशालय स्तर पर स्थापित कमाण्ड एण्ड कण्ट्रोल संेटर से प्रतिदिन प्रातःकाल ही डिजिटल माध्यम से साफ-सफाई, कूड़ा उठान, सीवर सफाई एवं पेयजल व्यवस्था का पर्यवेक्षण किया जायेगा साथ ही इससे सम्बंधित शिकायतों को समयबद्ध रूप से निस्तारित भी किया जायेगा। उन्होंने डेडिकेटेड कमान्ड एण्ड कण्ट्रोल सेंटर की लाइनों को तीन से बढ़ाकर 12 करने के निर्देश दिये साथ ही शीघ्र ही लोगों को चार डिजिट का डेडिकेटेड नं. भी उपलब्ध कराने को कहा। इसके अतिरिक्त प्रतिदिन सुबह ही कार्यों की स्टिल फोटोग्राफ उपलब्ध कराने के लिए 202 डेडिकेटेड व्हाट्सअप नं0 भी संचालित किये जाएंगे। यह कण्ट्रोल रूम दो पालियों में संचालित होगा। प्रातः 05 से अपरान्ह 01 बजे तक की प्रथम पाली में साफ-सफाई से सम्बंधित पर्यवेक्षण कार्य एवं शिकायतों का निस्तारण किया जायेगा तथा द्वितीय पाली में अपरान्ह 01 बजे से रात्रि 09 बजे तक संध्याकालीन सफाई का पर्यवेक्षण एवं शिकायतों का निस्तारण किया जायेगा। स्थानीय निकाय निदेशालय द्वारा प्रत्येक शनिवार को नगरीय निकायों के इन कार्यों की समीक्षा की जायेगी और इससे सम्बंधित रिपोर्ट शासन को उपलब्ध करायी जायेगी। इस मौके पर उन्होंने स्वच्छता से सम्बंधित विभाग का लोगो-‘स्वच्छ उत्तर प्रदेश’ भी जारी किया।

अपर मुख्य सचिव नगर विकास डॉ0 रजनीश दुबे ने कहा कि विभाग ने साफ-सफाई पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार कर सरकार के निर्देश पर पहली बार शासनादेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि सफाई, पेयजल आपूर्ति एवं सीवरेज की व्यवस्था को दुरूस्त बनाये रखने के लिए ही डेडिकेटेड कमान्ड एण्ड कण्ट्रोल रूम स्थापित किया गया है और इसके माध्यम से अधिकारी इन कार्यों की रियल टाइम मॉनीटरिंग करेंगे साथ ही मुख्य चौराहों पर फ्लैक्स बोर्ड भी लगाये जाएंगे, जिसमें जोनल अधिकारियों के नम्बर होंगे ताकि नागरिक अपनी शिकायते उन्हें बता सकें।

इस मौके पर नगर विकास के सचिव अनुराग यादव, स्मार्ट सिटी के निदेशक इन्द्रमणि त्रिपाठी, स्वच्छ भारत मिशन के अपर निदेशक मृत्युंजय समेत अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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