UP GIS

अब औद्योगिक नगरी के रूप में भी होगी गोरक्षनगरी की पहचान

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गोरखपुर। उत्तर प्रदेश ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-2023 (UP GIS) ने औद्योगिक नगरी के रूप में बन रही गोरक्षनगरी (Gorakshanagari) की नई पहचान को और मजबूत कर दिया है। दशकों तक पिछड़ा माना गया गोरखपुर (Gorakhpur) निवेशको के लिए पसंदीदा गंतव्य बनकर उभरा है। यूपी जीआईएस (UP GIS)  की उपलब्धियों के आंकड़े इसकी तस्दीक करते हैं। गोरखपुर टॉप फाइव रैंकिंग वालों में शुमार हुआ है। निवेश जुटाने के मामले में प्रदेश के सभी 75 जिलों में पूर्वांचल को लीड करते हुए गोरखपुर ओवरऑल गौरवपूर्ण चौथे पायदान पर रहा। गोरखपुर का नम्बर गौतमबुद्ध नगर (प्रथम), आगरा (द्वितीय) और लखनऊ (तृतीय) के बाद है। निवेश जुटाने में गोरखपुर जनपद गाजियाबाद, कानपुर और मुरादाबाद से भी आगे रहा है।

यूपी जीआईएस (UP GIS) में गोरखपुर को 1.71 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के लिए एमओयू हुए। इसके धरातल पर उतरने से करीब 1.98 लोगों के लिए रोजगार के द्वार खुलेंगे। जिले में होने जा रहे निवेश में परंपरागत उद्योगों के साथ कई नए सेक्टर भी शामिल हुए हैं। दीगर तथ्य यह भी है कि गोरखपुर में पहली बार हरित और नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश होने जा रहा है। वर्तमान वैश्विक परिदृश्य में हरित और नवीकरणीय ऊर्जा समय की मांग है। इसका उल्लेख राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जीआईएस में अपने मार्गदर्शन के दौरान किया। गोरखपुर में ग्रीन अमोनिया प्लांट स्थापित करने के लिए मेसर्स अवाडा वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से 22500 करोड़ रुपये का एमओयू किया गया है। जबकि सोलर एनर्जी पार्क की स्थापना के लिए आरजी स्ट्रेटजी ग्रुप ने 1772 करोड़ रुपये के निवेश का करार किया। ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट के लिए रुद्रा गैस इंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड की तरफ से 200 करोड़ रुपये के निवेश हेतु एमओयू किया गया।

उल्लेखनीय है कि बीते करीब छह सालों में शानदार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, सुदृढ़ कानून व्यवस्था और ‘इंडस्ट्री फ्रेंडली पॉलिसी’ से उत्तर प्रदेश में देश-दुनिया के निवेशकों का रुझान तेजी से बढ़ा है। इसका फायदा सिर्फ एनसीआर तक सीमित नहीं है बल्कि गोरखपुर जैसे पूर्वांचल के जिलों के प्रति भी निवेशक आकर्षित हुए हैं। बेहतरीन रोड और एयर कनेक्टिविटी की सुविधा तथा उद्यमियों की मांग के अनुरूप पर्याप्त भूमि उपलब्ध होने के चलते समूचा गोरखपुर, खासकर गीडा पहले से निवेशकों की पसंद बना हुआ है।

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GIS की उपलब्धियों को गोरखपुर के लिहाज से (एक हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश) देखें तो यहां पेपर मिल प्रोजेक्ट के लिए आरजी स्ट्रेटजी ग्रुप में 2935 करोड़ रुपये के निवेश का करार किया है। एलपीजी पाइप लाइन के लिए इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन की तरफ से 1800 करोड़, बांस आधारित उत्पाद के लिए आर्टिजन एग्रोटेक की तरफ से 1400 करोड़, एथेनॉल और डिस्टलरी के लिए केयान डिस्टलरीज की तरफ से 1200 करोड़ तथा कार्बोनेटेड ड्रिंक, फ्रूट पल्प प्लांट के लिए वरुण वेवरेजेज (पेप्सिको की फ्रेंचाइजी) की तरफ से 1071 करोड़ रुपये के निवेश का एमओयू हुआ। जिले को होटल एंड हॉस्पिटैलिटी, रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट, हॉस्पिटल, हैवी इंजीनियरिंग आदि सेक्टर में भी बड़े पैमाने पर निवेश प्रस्ताव मिले।

यूपी जीआईएस (UP GIS) में टॉप फाइव जिले

जनपद निवेश (लाख करोड़ रु.)

गौतमबुद्धनगर 7.85

आगरा 2.18

लखनऊ 1.96

गोरखपुर 1.71

वाराणसी 1.37

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