बिजनेस डेस्क। हमारे देश भारत सोने का सबसे बड़ा आयातक देश हैं और इसी आयातक के जरिए आभूषण उद्योग की मांग को पूरा किया जाता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत देश में सालाना करीब 800 से 900 टन सोने का आयात किया जाता है।
इसके बाद भी हमारे देश में सोने-चांदी के दामों में लगातार घटत और बढ़त बनी रहती हैं। जिसका सीधा असर हो रहे आयात और निर्यात पर पड़ता हैं। बता दें चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-अक्तूबर अवधि में देश का सोना आयात कम हुआ है।
इस दौरान सोना आयात नौ फीसदी घटकर 17.63 अरब डॉलर यानी करीब 1.25 लाख करोड़ रुपये रहा। सोने के आयात का असर चालू खाते के घाटे पर पड़ता है।
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पिछले साल का आयात
वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़े के अनुसार, 2018-19 की समान अविध में 19.4 अरब डॉलर का सोना आयात किया गया था। सोने के आयात में कमी से वित्त वर्ष 2019-20 के अप्रैल-अक्तूबर अविध में व्यापार घाटा 94.72 अरब डॉलर रहा, जो इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में 116.15 अरब डॉलर था।
आयात शुल्क में कि गयी थी बढ़ोत्तरी
बता दें कि व्यापार घाटा और चालू खाते के घाटे पर सोने के आयात के नकारात्मक प्रभाव कम करने के लिए सरकार ने इस साल के बजट के दौरान सोने पर आयात शुल्क 10 फीसदी से बढ़ाकर 12.5 फीसदी कर दिया था।
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रत्न एवं आभूषण निर्यात हुआ कम
निर्यात की बात करें, तो चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अक्टूबर के दौरान रत्न एवं आभूषण निर्यात कम हुआ है। इसमें दो फीसदी की कमी आई है और यह 18.3 अरब डॉलर रहा।
जुलाई से ही रही नकारात्मक वृद्धि
सोने के आयात में इस साल जुलाई से ही नकारात्मक वृद्धि रही है। हालांकि, अक्तूबर में यह करीब पांच फीसदी बढ़कर 1.84 अरब डॉलर रहा।