Savita Kanswal

एवरेस्ट विजेता सविता कंसवाल हिमस्खलन में मौत

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उत्तरकाशी। उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में आए हिमस्खलन (Avalanche) से नेशनल रिकॉर्ड बनाने वाली सविता कंसवाल (Savita Kanswal) सहित चार लोगों की मौत हो गई है। 26 वर्षीय कंसवाल केवल 16 दिनों में माउंट एवरेस्ट और माउंट मकालू पर सफलतापूर्वक चढ़ाई करने वाली भारत की पहली महिला बनीं थीं। यह एक नेशनल रिकॉर्ड भी है।

सविता (Savita Kanswal ) नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की एक कुशल प्रशिक्षक थीं। उन्होंने इसी साल 12 मई को सविता ने दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) पर तिरंगा फहराया था। इसके 15 दिन बाद सविता ने माउंट मकालू (8463 मीटर) पर भी सफल आरोहण किया था। उनकी सफलता से उसके क्षेत्र और जनपद भर में खुशी की लहर थी। मंगलवार देर शाम सविता की मौत की खबर आने के बाद उसके गांव, जनपद और प्रदेश में शोक ही लहर नहीं अपितु देश के लोग गमगीन हैं।

उत्तरकाशी के एडिशनल जिला मजिस्ट्रेट तीरथ पाल सिंह ने कंसवाल (Savita Kanswal ) की मौत की पुष्टि की। मालूम हो कि कंसवाल एनआईएम के 41 प्रशिक्षु पर्वतारोहियों और प्रशिक्षकों के समूह का हिस्सा थीं, जो मंगलवार सुबह लगभग 8.45 बजे हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे, जब माउंट द्रौपदी का डंडा 2 शिखर (5,670 मीटर) से लौट रहे थे।

हिमस्खलन की चपेट में आकर एनआईएम में ट्रेनर कंसवाल और नौमी की भी बाकि प्रशिक्षार्थियों के साथ मौत हुई है।  एडिशनल जिला मजिस्ट्रेट तीरथ पाल सिंह ने बताया हिमस्खलन की चपेट में आए पर्वतारोही को बचाने के लिए रेस्क्यू टीम भेजी जा चुकी है। बताया कि आज 14 पर्वतारोही को रेस्क्यू किया गया है। बचाव अभियान में सेना, भारतीय वायु सेना और एसडीआरएफ की टीमें लगीं हुईं हैं।

आज रेस्क्यू किये गए व्यक्तियों का विवरण-

  1. दीप सिंह पुत्र श्री कन्हैया लाल, गुजरात।
  2. रोहित भट्ट पुत्र श्री जगदम्बा प्रसाद, टिहरी गढ़वाल।
  3. सूरज सिंह, उत्तरकाशी।
  4. सुनील लालवानी पुत्र बालचंद, मुम्बई।
  5. आकाश पुत्र मुन्नालाल, मुम्बई।
  6. अनिल कुमार(नायब सूबेदार, निम) पुत्र विद्याधर सिंह, राजस्थान।
  7. मनीष अग्रवाल, दिल्ली।
  8. कंचन सिंह, चमोली।
  9. अंकित सिंह, देहरादून।
  10. प्रदीप कुमार, पश्चिम बंगाल।
  11. अंकुर शर्मा, देहरादून।
  12. राकेश राणा, उत्तरकाशी। (प्रशिक्षक)
  13. बबीता, उत्तरकाशी। (प्रशिक्षक)
  14. रेखा, उत्तरकाशी। (प्रशिक्षक)

सीएम धामी ने सिमड़ी गांव पहुंच ली घटना की जानकारी, आर्थिक मदद का किया ऐलान

गौरतलब है कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) का डोकरानी नामक ग्लेश्यिर में द्रोपदी डांडा-2 पहाड़ी पर बीते 22 सितंबर से बेसिक/एडवांस का प्रशिक्षण चल रहा था, जिसमें बेसिक प्रशिक्षण 97 प्रशिक्षार्थी, 24 प्रशिक्षक व निम के एक अधिकारी समेत कुल 122 लोग शामिल थे। जबकि एडवांस कोर्स में 44 प्रशिक्षणार्थी व नौ प्रशिक्षक समेत कुल 53 लोग शामिल थे।

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