बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव दशहरा, जानें इसका इतिहास

1233 0

लखनऊ डेस्क। नवरात्रि के नौ दिन पूरे होने के बाद दशमी तिथि को मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम ने लंकाधिपति दशानन का वध कर सीता को छुड़ाया था। दशहरे के दिन बुराई पर अच्छाई की जीत का उत्सव मनाते हुए रावण का पुतला जलाया जाता है। दशहरा 8 अक्टूबर को मनाया जाने वाला है।

ये भी पढ़ें :-Dussehra 2019: विजयदशमी का जानें शुभ मुहूर्त और क्या है महत्व 

आपको बता दें रावण के कुल 8 भाई-बहन थे। विभीषण, कुंभकरण, अहिरावण, खर, दूषण रावण के सगे भाई थे। सूर्पनखा और कुम्भिनी रावण की सगी बहनें थीं। इसके अलावा रावण का सौतेला भाई(जो कि रावण से बड़े थे) कुबेर थे। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान राम और रावण के बीच युद्ध में रावण के भाई विभिषण को छोड़ सभी परिवार वालों की मृत्यु हुई थी।

ये भी पढ़ें :-जानें विजयादशमी का शुभ मुहूर्त और इस दिन क्यों खाते हैं जलेबी 

जानकारी के मुताबिक रावण ऋषि विश्वश्रवा और कैकसी का संतान था। कैकसी ऋषि विश्वश्रवा की दूसरी पत्नी थीं। ऋषि विश्वश्रवा की पहली पत्नी इलाविडा थी, जिनसे रावण से पहले कुबेर का जन्म हुआ था। रावण की तीन पत्नियां थीं। पहली पत्नी का नाम मंदोदरी, दूसरी पत्नी का नाम धन्यमालिनी और तीसरी पत्नी का नाम किसी को मालूम नहीं है। रावण की पहली पत्नी मंदोदरी राजा मायासुर और अप्सरा हेमी की पुत्री थीं।

Related Post

नवरात्रि साधना

क्या हुआ जो कुछ ही घंटे में पीएम मोदी ने बदला सोशल मीडिया छोड़ने का फैसला?

Posted by - March 3, 2020 0
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया छोड़ने की अटकलों पर आखिरकार विराम लगा दिया है। उन्होंने कहा है…

लखनऊ: राजधानी में तेज रफ्तार का कहर, दो बच्चियों समेत एक व्यक्ति की मौत

Posted by - October 31, 2019 0
लखनऊ। राजधानी के इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर गुरुवार यानी आज सुबह एक दर्दनाक हादसा हो गया है। इस हादसे में…