डॉ. कफील को राहत नहीं, योगी सरकार ने कोर्ट से अब दूसरे मामले में निलंबन जारी रखने की कही बात

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2017 में यूपी के गोरखपुर में इंसेफलाइटिस बीमारी की वजह से 60 से ज्यादा बच्चों की मौत के बाद डॉक्टर कफील खान को निलंबित कर दिया गया था, जिसके बाद वो चर्चा में आए थे। इस मामले में अब योगी सरकार ने कथित लापरवाही के लिए निलंबित डॉ कफील खान को राहत देने से इनकार कर दिया है। राज्य सरकार ने इलाहाबाद हाईकोर्ट को बताया कि डॉ कफील खान का निलंबन जारी रखा जाएगा, क्योंकि उनके खिलाफ एक अलग अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।

अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अदालत में कहा कि यह कार्यवाही अभी समाप्त होनी है और इसमें निलंबन का आदेश जारी है। बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट डॉ कफील की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें उन्होंने अपने निलंबन को चुनौती दी है।

सरकार ने गुरुवार को अदालत को बताया कि उनके खिलाफ निलंबन का एक अलग आदेश पारित किया गया है। अतिरिक्त महाधिवक्ता मनीष गोयल ने अदालत में कहा कि यह कार्यवाही अभी समाप्त होनी है और इसमें निलंबन का आदेश जारी है। गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 60 से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले में ऑक्सीजन की कमी में कथित भूमिका के लिए डॉ कफील को अगस्त 2017 में निलंबित किए जाने के बाद निदेशक, चिकित्सा शिक्षा के कार्यालय से संलग्न होने की अवधि के लिए यह कार्रवाई की गई है।

न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा ने अब राज्य सरकार को एक हलफनामे के माध्यम से दो हफ्ते के भीतर, बाद के निलंबन आदेश के साथ-साथ 22 अगस्त, 2017 के निलंबन के प्रारंभिक आदेश से संबंधित अन्य आवश्यक तथ्यों को रिकॉर्ड पर रखने का निर्देश दिया है, जिसके द्वारा डॉ कफील को निलंबित किया गया था। कोर्ट ने मामले की सुनवाई की अगली तारीख 31 अगस्त तय की है।

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बता दें कि इलाहाबाद हाईकोर्ट डॉ कफील की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा है, जिसमें उन्होंने 22 अगस्त, 2017 को सेवा से अपने निलंबन को चुनौती दी है। इस मामले में 6 अगस्त, 2021 को राज्य सरकार ने 24 फरवरी, 2020 के दोबारा जांच शुरू करने के आदेश को वापस लेने की जानकारी दी थी। इससे पहले मामले की पहली उच्चस्तरीय जांच में डॉ कफील को पूरी तरह से निर्दोष बताया गया था।

Divyansh Singh

मिट्टी का तन, मस्ती का मन; छड़ भर जीवन, मेरा परिचय।

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