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योगी सरकार में दिव्यांगजन पेंशन तीन गुना से अधिक बढ़ी, कोई भी पात्र वंचित नहीं

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लखनऊ। योगी सरकार ने दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण को सामाजिक न्याय की धुरी बनाते हुए पेंशन (Pension) , सहायता योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में ऐतिहासिक सुधार किए हैं। सरकार की पारदर्शी, ऑनलाइन और समयबद्ध व्यवस्था के चलते आज प्रदेश में कोई भी पात्र दिव्यांगजन सरकारी योजनाओं से वंचित नहीं है। विधानपरिषद में पूछे गए प्रश्नों का उत्तर देते हुए पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तीकरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) नरेन्द्र कश्यप ने स्पष्ट किया कि योगी सरकार में दिव्यांगजनों के लिए धन की कोई कमी नहीं है और जो भी पात्र है, उसे शत-प्रतिशत लाभ मिलेगा।

तीन गुना से अधिक बढ़ी दिव्यांगजन पेंशन (Pension) , सीधा खाते में भुगतान-

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने सदन को अवगत कराया कि वर्ष 2017 से पूर्व दिव्यांग पेंशन मात्र 300 रुपये  प्रतिमाह थी, जिसे योगी सरकार ने बढ़ाकर 1,000 रुपये प्रतिमाह कर दिया है। यह पेंशन पात्र लाभार्थियों के खातों में पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से सीधे हस्तांतरित की जाती है, जिससे किसी भी स्तर पर गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं रहती।

यूडीआईडी कार्ड से लेकर पेंशन तक पूरी तरह ऑनलाइन व्यवस्था

उन्होंने बताया कि भारत सरकार के स्वावलंबन पोर्टल के माध्यम से यूडीआईडी कार्ड जारी किए जाते हैं। आकांक्षी जनपद सिद्धार्थनगर में 31 जनवरी 2026 तक 24,414 दिव्यांगजनों को यूडीआईडी कार्ड जारी किए जा चुके हैं। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 में 14,356 पात्र दिव्यांगजनों को पेंशन, 153 कुष्ठावस्था पेंशन और 321 दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं। 31 दिसंबर 2025 तक कोई भी पात्र लाभार्थी लंबित नहीं है।

पात्रता के आधार पर लाभ, यूडीआईडी कार्ड से स्वतः पेंशन (Pension) नहीं-

मंत्री कश्यप ने स्पष्ट किया कि यूडीआईडी कार्ड धारक सभी दिव्यांगजन स्वतः पेंशन (Pension) के पात्र नहीं होते। पेंशन के लिए न्यूनतम 40 प्रतिशत दिव्यांगता, ग्रामीण क्षेत्र में 46,080 रुपये और शहरी क्षेत्र में 56,460 रुपये से कम वार्षिक आय तथा अन्य किसी पेंशन योजना का लाभ न लेना अनिवार्य है। आवेदन एकीकृत सामाजिक पेंशन पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाता है, जिसकी जांच जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी द्वारा की जाती है।

दलालों और भ्रष्टाचारियों के लिए कोई जगह नहीं-

मंत्री नरेन्द्र कश्यप ने दो टूक कहा कि विभाग में दलालों और भ्रष्टाचारियों के लिए कोई स्थान नहीं है। यदि किसी स्तर पर शिकायत मिलती है तो निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जो दिव्यांगजन स्वयं कार्यालय नहीं आ सकते, उनके घर जाकर आवेदन प्रक्रिया पूरी कराई जाए।

विशेष विद्यालयों और पदोन्नति प्रक्रिया पर भी सदन को दी जानकारी-

उन्होंने बताया कि दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के विशेष विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में चयनित शिक्षकों की पदोन्नति से जुड़े प्रस्ताव उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को भेजे जा चुके हैं और इस पर कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। मंत्री कश्यप ने यह भी स्पष्ट किया कि वितरण कार्यक्रमों में वरिष्ठ एवं कनिष्ठ सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित किया जाना अनिवार्य है।

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