बता दें कि देश और प्रदेश में इन दिनों कोरोना संक्रमितों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही लोगों को वैक्सीन भी दी जा रही है। इसी दौरान वैक्सीन देने पर भी डॉक्टर के संक्रमित होने से गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर भी ये सवाल उठाए जा रहे थे कि क्या कोरोना वैक्सीन लगाने के बाद संक्रमण नहीं होगा या फिर वैक्सीन संक्रमण रोकने में कारगर है भी या नहीं।
तो अब 28 नहीं, 56 दिन बाद दी जाएगी कोविशील्ड की दूसरी खुराक
दूसरी तरफ, प्रदेश में संक्रमितों की बढ़ती हुई संख्या को देखते हुए कोविड अस्पतालों में अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इनमें संक्रमितों को दी जाने वाली रेमेडिसिविर समेत अन्य जरूरी दवाएं पर्याप्त मात्रा में स्टॉक करने के निर्देश दिए गए हैं।
चिकित्सक व स्टॉफ की पांच-पांच अतिरिक्त टीमें रिजर्व की गई हैं। रुटीन में भी टीमों की संख्या बढ़ाई जाएगी। स्वास्थ्य महानिदेशक ने सभी सीएमओ को निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश में लेवल-थ्री के 15, लेवल-टू के 68 अस्पताल चल रहे हैं। नए कोविड अस्पतालों की संख्या बढ़ाने को लेकर पहले से चल रहे अस्पतालों में बेड व संसाधन बढ़ाए जा रहे हैं। वेंटिलेटर सहित अन्य आक्सीजन सपोर्ट सिस्टम दुरुस्त कर लिया गया है।
नए संक्रमित मिलने का ग्राफ रोजाना बढ़ रहा है
इसके अलावा, लखनऊ शहर में कोरोना संक्रमण ने एक बार फिर रफ्तार पकड़नी शुरू कर दी है। नए संक्रमित मिलने का ग्राफ रोजाना बढ़ रहा है। शनिवार को जहां 115 नए मरीज मिले थे, वहीं रविवार को यह आंकड़ा 141 पहुंच गया। कोरोना की नई लहर के बाद 10 मार्च से लगातार संक्रमण का ग्राफ बढ़ रहा है। इसमें आलमबाग, इंदिरानगर, अलीगंज, गोमतीनगर व चिनहट इलाके में दूसरे इलाकों की अपेक्षा काफी तेजी से संक्रमण फैल रहा है।
20 मार्च तक सामने आए मामलों के आधार पर आलमबाग में सर्वाधिक 103, इंदिरानगर में 88, अलीगंज में 82, गोमतीनगर में 77 व चिनहट में 66 लोग कोरोना पॉजिटिव मिल चुके हैं। रविवार को सामने आए मामलों में इंदिरा नगर के 10, गोमती नगर के 12 , हजरतगंज के 19, अलीगंज के 15, रायबरेली रोड के 6, विभूति खंड के 9 मरीज शामिल हैं।