अलका लांबा

सबरीमाला मामले पर अलका लांबा बोलीं- धर्म के ठेकेदारों हम से दूर रहो

477 0

नई दिल्ली। सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के विषय में फैसले को लेकर दिल्ली कांग्रेस की नेता अलका लांबा ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर लिखा है कि यह मेरे और मेरे भगवान के बीच का मामला है, धर्म के ठेकेदारों हम से दूर रहो।

https://twitter.com/LambaAlka/status/1194849979476541441

अलका लांबा ने अपने ट्वीट में लिखा है कि मेरा भगवान अपने दरवाजे मेरे (महिलाओं) लिए तो क्या कभी किसी के लिए भी बंद नहीं कर सकता है, वो किसी में भेदभाव करना नहीं जानता है, उसके लिए तो सब बराबर है, सामान है।

साल 2018 में इस धार्मिक प्रथा को बताया असंवैधानिक

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने केरल के प्रसिद्ध सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश संबंधित मामले पर सुनवाई करते हुए इसे बड़ी बेंच को सौंप दिया है। वहीं कोर्ट ने 28 सितंबर 2018 के फैसले को बरकरार रखते हुए मंदिर में महिलाओं के प्रवेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है।

सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर 2018 को 4 के मुकाबले एक के बहुमत से फैसला दिया था जिसमें केरल के सुप्रसिद्ध अयप्पा मंदिर में 10 वर्ष से 50 की आयुवर्ग की लड़कियों एवं महिलाओं के प्रवेश पर लगी रोक को हटा दिया गया था। फैसले में शीर्ष अदालत ने सदियों से चली आ रही इस धार्मिक प्रथा को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया था।

सबरीमला ही नहीं कई धर्मों में है ऐसी प्रथा

सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमला मामले में दिए गए उसके फैसले की समीक्षा की मांग करने वाली याचिकाएं सात न्यायाधीशों की वृहद पीठ के पास भेजते हुए गुरुवार को कहा कि धार्मिक स्थलों में महिलाओं के प्रवेश पर प्रतिबंध केवल सबरीमला तक ही सीमित नहीं है बल्कि अन्य धर्मों में भी ऐसा है।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि ‘धर्म और आस्था पर बहस फिर से शुरू करना चाहते हैं याचिकाकर्ता’

प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई ने अपनी ओर से तथा न्यायमूर्ति ए एम खानविलकर और न्यायमूर्ति इन्दु मल्होत्रा की ओर से फैसला पढ़ा। इसमें उन्होंने कहा कि सबरीमला, मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश और दाऊदी बोहरा समुदाय में महिलाओं में खतना जैसे धार्मिक मुद्दों पर फैसला वृहद पीठ लेगी। प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि याचिकाकर्ता धर्म और आस्था पर बहस फिर से शुरू करना चाहते हैं। सबरीमला मामले पर फैसले में न्यायमूर्ति आरएफ नरिमन और डीवाई चंद्रचूड़ की राय अलग थी।

Related Post

चुनाव में दलितों के पैर धोने की नौटंकी करने वाले दलित बेटी के गैंगरेप पर चुप क्यों है?- RJD

Posted by - August 5, 2021 0
दिल्ली के नांगल में 9 साल की दलित बच्ची के साथ श्मशान घाट के पुजारी द्वारा रेप के बाद हत्या…
sanjay raut

‘युद्ध जैसे हालात’, Covid-19 की स्थिति पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए- संजय राउत

Posted by - April 19, 2021 0
ऩई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस के रिकॉर्ड 2,73,810 नए मामले दर्ज किए गए हैं। लगातार दूसरे दिन संक्रमण के…
प्रशांत किशोर

जेडीयू से इस्तीफे पर बोले प्रशांत किशोर- नीतीश कुमार से मुलाकात के लूंगा फैसला

Posted by - December 14, 2019 0
नई दिल्ली। जनता दल यूनाइटेड के उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर ने पार्टी से इस्तीफा देने के सवाल पर फिलहाल साफ कुछ…

‘ड्रीम गर्ल’ की पहले दिन की रफ़्तार ने फिल्म ‘छिछोरे’ को छोड़ा पीछे

Posted by - September 14, 2019 0
बॉलीवुड डेस्क। बॉलीवुड एक्टर आयुष्मान खुराना की ‘ड्रीम गर्ल’ बीते शुक्रवार को हो रिलीज गई है। इस फिल्म के लिए…