अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन

अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन में 20 किलो सोना पहनकर पहुंची मेरठ की आलिया

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मेरठ। मेरठ के कंकरखेड़ा में चल रहे अखिल भारतीय किन्नर सम्मेलन में बुधवार को 800 से ज्यादा किन्नर पहुंचे थे। धर्म और जाति के बंधन को भूल देश के विभिन्न राज्यों से आए किन्नरों ने देश की समृद्धि के लिए भगवान अर्द्धनारीश्वर की आराधना की। सम्मेलन में पहुंचे किन्नरों में किसी के परिधानों ने तो किसी की सफलता की कहानी ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया।

दस दिवसीय आयोजन में चाक पूजन, कलश यात्रा, मंदिर में घंटा चढ़ाने के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हुए

उनकी अर्चना में ‘माता जिनको याद करे वो किस्मत वाले होते हैं’ और ‘पहला बधावा गंगाराम जी के घर’ जैसे गीत गाए। शहर में पहली बार हो रहे इस दस दिवसीय आयोजन में चाक पूजन, कलश यात्रा, मंदिर में घंटा चढ़ाने के साथ विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान हुए। कार्यक्रम में भाई-बहन, बहन-बहन बनाई जाएंगी। 19 जनवरी से शुरू हुए कार्यक्रम के चौथे दिन गोयल मैरिज होम में मेरठ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, दिल्ली, हरिद्वार, जयपुर, पंजाब सहित देश के विभिन्न शहरों से किन्नर पहुंचे।

आयोजक किन्नर विमला ने बताया कि कार्यक्रम 29 जनवरी तक चलेगा। वह दिल्ली की रबीना नायक के नेतृत्व में कार्यक्रम कर रही हैं। इसमें मुर्गी वाली माता की पूजा की जाएगी। दरगाह पर चादर भी चढ़ाई जाएगी।

नागरिकता संशोधन कानून पर की बात

हरिद्वार से विधायक का चुनाव लड़ चुकीं किन्नर सोनिया ने बताया कि नागरिकता संशोधन कानून को समझने की जरूरत है। यह गलत नहीं है। देश में सभी को शांति और सौहार्द के साथ रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने राजनीति को व्यापार बना दिया है। ऐसे में उनके खिलाफ बोलें तो वे लोग हमारे खिलाफ हो जाते हैं। हमें सिर्फ देश के विकास की तरफ ध्यान देना चाहिए।

सम्मेलन में फैशन आइकन बनकर आए किन्नर

परिवार की खुशहाली की दुआ देने वाले किन्नर अमूमन हमारे बीच बच्चे के जन्म या विवाह संस्कार में नेग लेने आते हैं। पहली बार इस तरह के सम्मेलन में उनका अलग रूप नजर आया। उनकी ड्रेस, कलरफुल बाल, आभूषण और शरीर पर गुदे टैटू के साथ वे किसी बॉलीवुड स्टार की तरह नजर आ रहे थे। धर्म और जाति के बंधनों से दूर इन किन्नरों ने अनेकता में एकता की मिसाल पेश की। ज्यादातर किन्नर पारंपरिक पोशाक में थे।

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कंकरखेड़ा शिव चौक पर गाड़ियों का काफिला खड़ा था। किन्नर अपनी टोली के साथ उतर रहे थे। सोने के कंगन, हार, पायल से लदे किन्नर आकर्षण का केंद्र थे। उन्हें देखने के लिए भीड़ जमा हो गई। लालकुर्ती से पहुंची आलिया ने करीब 20 किलो सोना पहना था। बहुत से वृद्ध किन्नरों के पास उनकी ट्रेडिशनल ज्वेलरी थी। मंडप संचालक देवेंद्र गोयल ने बताया किन्नरों ने आयोजन के लिए स्वयं ही सुरक्षा, भोजन की व्यवस्था की है।

किन्नरों का टैटू के प्रति खासा रुझान

किन्नरों का टैटू के प्रति खासा रुझान था। ट्रेडीशनल टैटू के साथ रियलिस्टिक टैटू भी ज्यादातर किन्नरों ने हाथों, गले और गर्दन पर गुदवाए हुए थे। टाइपोग्राफी वाले टैटू भी कई फोन्ट में हाथों पर लिखवाए गए थे। इसमें ज्यादातर लोगों ने अपने नाम लिखवा रखे थे।

अलीशा  गणित और विज्ञान के बच्चों को फ्री ट्यूशन देती हैं

हरिद्वार ज्वालापुर की मोनिका ने बताया कि वह उत्तराखंड से फ्री लांसर मॉडलिंग कर रही हैं। देहरादून में वह कई शो में भाग ले चुकी हैं। मोनिका ने बताया कि कई डिजाइनरों के साथ काम कर रही हैं। जिम करती हैं। अलीशा ने बताया कि वह ग्रेजुएशन कर चुकी हैं। साथ ही बच्चों को गणित और विज्ञान के फ्री ट्यूशन देती हैं। अलीशा ने बताया कि देश के विकास में शिक्षा की अहम भूमिका है।

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