पीएम मोदी ने संवेदनशील देशों के लिए की बुनियादी ढांचा पहल आईआरआईएस की शुरुआत

774 0

ग्लासगो। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सॉक्टलैंड में मंगलवार को छोटे द्वीपीय देशों में बुनियादी ढांचे के विकास की खातिर, छोटे द्वीपीय देशों के लिए लचीली आधारभूत संरचना’’ (आईआरआईएस) पहल की शुरुआत की। और इस अवसर उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि यह सबसे संवेदनशील देशों के लिए कुछ करने की नयी उम्मीद, नया आत्मविश्वास और संतोष प्रदान करती है। जलवायु शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन यहां इस मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनके ब्रिटिश समकक्ष बोरिस जॉनसन भी मौजूद थे। इस कार्यक्रम में ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन और संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुतारेस भी शामिल हुए।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि के लिए बुनियादी ढांचे का शुभारंभ हमें नई आशा और विश्वास से भर देता है। यह हमें सबसे कमजोर देशों के लिए कुछ करने की संतुष्टि देता है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, पिछले कुछ दशकों ने साबित कर दिया है कि जलवायु परिवर्तन के प्रकोप से कोई भी देश नहीं बच पाया है। चाहे वे विकसित देश हों या प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध देश, यह सभी के लिए एक बड़ा खतरा है।

उन्होंने कहा कि छोटे द्वीपीय विकासशील देशों या एसआईडीएस को जलवायु परिवर्तन से सबसे बड़े खतरे का सामना करना पड़ता है और भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो उनके लिए एक विशेष ‘डेटा विंडो’ बनाएगी ताकि उन्हें उपग्रह के जरिए चक्रवात, ‘कोरल-रीफ’ निगरानी, तट-रेखा निगरानी आदि के बारे में समय पर जानकारी प्रदान की जा सके।

बता दें कि इस कार्यक्रम के साथ ही विश्व नेताओं के शिखर सम्मेलन के दूसरे दिन की शुरुआत हुई। यह पहल आपदा रोधी बुनियादी ढांचे के लिए गठबंधन का हिस्सा है जिसके तहत विशेष रूप से छोटे द्वीपीय विकासशील देशों में प्रायोगिक परियोजनाओं के साथ क्षमता निर्माण पर ध्यान केंद्रित किया जाना है।

भारत ने निरंतर दिया योगदान-पीएम मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि छोटे द्वीप विकासशील राज्यों पर जलवायु परिवर्तन के खतरे का अनुमान लगाते हुए, भारत ने प्रशांत द्वीप समूह और कैरिकॉम देशों के साथ सहयोग के लिए विशेष व्यवस्था की। हमने उनके नागरिकों को सौर प्रौद्योगिकियों में प्रशिक्षित किया, विकास के लिए निरंतर योगदान दिया।

आईआरआईएस का लॉन्च बेहद अहम – PM मोदी

पीएम मोदी ने कहा कि वह आईआरआईएस के लॉन्च को बहुत अहम मानते हैं। आईआरआईएस के माध्यम से सिड्स को टेक्नोलॉजी, फाईनेंस, जरूरी जानकारी तेजी से पहुंचाने में आसानी होगी। Small Island States में क्वालिटी इंफ्रास्ट्रक्चर को प्रोत्साहन मिलने से वहां जीवन और आजीविका दोनों को लाभ मिलेगा.

पीएम मोदी ने कहा कि उनके लिए सीडीआरआई या आईआरआईएस सिर्फ एक इंफ्रास्ट्रक्चर की बात नहीं है, बल्कि ये मानव कल्याण के अत्यंत संवेदनशील दायित्व का हिस्सा है। ये मानव जाति के प्रति हम सभी की कलेक्टिव जिम्मेदारी है। ये एक तरह से हमारे पापों का साझा प्रायश्चित है।

Related Post

राहुल -प्रियंका

लखनऊ का दौरा करेंगे राहुल -प्रियंका के साथ ज्योतिरादित्य, होगा अघोषित शक्ति प्रदर्शन

Posted by - February 9, 2019 0
नई दिल्ली। महासचिव और उत्तर प्रदेश के प्रभारी प्रियंका गांधी और ज्योतिरादित्य सिन्धिया के साथ 11 फरवरी को राष्ट्रीय अध्यक्ष…
Deepotsav

दीपोत्सव 2024: लाइव टेलीकास्ट के जरिए पूरी दुनिया देखेगी अयोध्या की भव्यता

Posted by - October 28, 2024 0
अयोध्या। आठवें दीपोत्सव (Deepotsav) की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। राम की पैड़ी पर दीप बिछाने का काम तकरीबन पूरा…
Punjab

मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद पीएम मोदी से पहली मुलाकात

Posted by - March 24, 2022 0
चण्डीगढ़: पंजाब (Punjab) के मुख्यमंत्री का पद संभालने के बाद भगवंत मान आज गुरुवार को दिल्ली (Delhi) में प्रधानमंत्री नरेंद्र…

जिस दिन भारत के युवाओं ने सच्चाई बोलनी शुरू कर दी, उसी दिन मोदी सरकार खत्म-राहुल गांधी

Posted by - August 5, 2021 0
देश में बढ़ती महंगाई, पेट्रोल-डीजल और एलपीजी के दामों में बेहताशा वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ…